हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव अपूर्व देवगन का लोगों से आह्वान: व्यर्थ पॉली पदार्थों को खुले में ना फेंके

  • अभियान की शुरुआत प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव अपूर्व देवगन ने प्रतिभागियों को शपथ दिलाकर की

प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव अपूर्व देवगन

हिमाचल:  स्वच्छ हिमाचल अभियान -2021 के तहत हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव अपूर्व देवगन ने शिमला में स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान अभियान के तहत की जाने वाली स्वच्छता गतिविधियों के तहत नदी-नालों में साफ-सफाई की गई और अपशिष्ट पदार्थों को निकाला गया। अभियान की शुरुआत अपूर्व देवगन (आईएएस) सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रतिभागियों को शपथ दिलाकर की।

प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव अपूर्व देवगन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश राज्य प्रदूषण बोर्ड ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय शिमला और क्षेत्रीय प्रयोगशाला शिमला के माध्यम से हीलिंग हिमालय, शूलिनी विश्वविद्यालय, होमगार्ड, एसजेपीएनएल, एमसी स्लॉटर हाउस, मेसर्स एलिफेंट एनर्जी, ओबेरॉय ग्रुप (सेसिल एंड वाइल्ड फ्लावर हॉल), होटल रेडिसन जैस ग्रुप, होटलियर एसोसिएशन, बीडीओ मशोबरा और एमसी शिमला के 250 स्वयंसेवकों के सहयोग से शिमला के अश्विनी नदी में आज जलग्रहण क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान तीन स्थानों पर आयोजित किए गए थेलिफ्ट नाला (लिफ्ट से लालपानी पुल तक), राष्ट्रीय राजमार्ग (टूटीकंडी से पन्थाघाटी) तक, और अश्विनी खड्ड ग्राम पंचायत पुजारी और राझणा।

उन्होंने बताया कि यह अभियान स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश के द्वारा उद्घाटित स्वच्छता अभियान 9-15 अगस्त 2021 के अंतर्गत चलाये जा रहे अभियान का हिस्सा है। 

प्रतिभागियों द्वारा लगभग 3.5 मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट कॉम्बर में लिफ्ट नाला, स्लॉटर हाउस एमसी शिमला में लिफ्ट नाला, टूटीकंडी से पंथाघाटी तक एनएच -5 पर चलाये गए सफाई अभियान और अश्विनी खड्ड से एकत्र किया गया।  एकत्र किए गए कचरे को निपटान के लिए भेज दिया गया। 

अपूर्व देवगन ने लोगों से आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए व्यर्थ पॉली पदार्थों को खुले में ना फेंके। उन्होंने कहा कि चूंकि स्थानीय निकाय और पंचायत द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक को 75 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदने का प्रावधान है। ऐसे में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए।

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