पारम्परिक ‘ठोडा नृत्य’ मेले का रहा मुख्य आकर्षण

  • प्राचीन लोक संस्कृति व पारंपरिक धरोहर को सहेजकर रखने में ग्रामीण जनता का अहम योगदान
  • स्थानीय दलों ने भाग लिया और अपनी कला का बेहतर किया प्रदर्शन
प्राचीन लोक संस्कृति व पारंपरिक धरोहर को सहेजकर रखने में ग्रामीण जनता का अहम योगदान

प्राचीन लोक संस्कृति व पारंपरिक धरोहर को सहेजकर रखने में ग्रामीण जनता का अहम योगदान

शिमला: लोकानुरंजन व मेलों के माध्यम से प्रदेश की प्राचीन लोक संस्कृति व पारंपरिक धरोहर को सहेजकर रखने में ग्रामीण जनता का अहम योगदान है। ये बात आज सहकारी एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने ठियोग उपमंडल के अलोटीबरान में आयोजित तीन दिवसीय बिशु ठोडा मेले के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोक नृत्य व लोक नाट्यों के अतिरिक्त धार्मिक स्थलों पर भी महाभारत कालीन वास्तु व कला की छाप मिलती है। ठोडा लोक नृत्य इस क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय खेल है, जिसने न केवल प्रदेश में बल्कि प्रदेश के बाहर भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने ठोडा खेल नृत्य को जीवंत बनाए रखने के लिए कलाकारों व खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में सभी के विकास और कल्याण के लिए कार्य किया है। उन्होंने बताया कि इस दुर्गम क्षेत्र में विकास की जो हवा चली है, वह केवल वर्तमान सरकार के विभिन्न कार्यकालों की देन है। उन्होने कहा कि क्षेत्र में चाहे सड़क की बात हो अथवा पीने के पानी या फिर स्कूलों का दर्जा बढ़ाकर इस क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की, प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के सर्वांगीण विकास किया गया है।

उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स द्वारा सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए दो लाख रुपये, मेला कमेटी के लिए 30 हजार रुपये, ठोडा पार्टी के लिए 10 हजार रुपये एवं स्कूली बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम के लिए 10 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की। कर्ण सिंह ने अपनी ओर से सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये, मेला कमेटी को 10 हजार रुपये, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्र्रम के लिए पांच हजार रुपये देने की घोषणा की।

इस अवसर पर आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह की धर्मपत्नी डॉ. शिवानी सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बुद्धिसिंह ठाकुर, बंजार ब्लॉक कांग्रेस के महामंत्री रौशन पाल के अतिरिक्त ग्राम पंचायत नाहौल की प्रधान कुमारी प्रवीणा, बीडीसी सदस्य देवकी वर्मा सहित क्षेत्र के अन्य लोग भी उपस्थित थे। लोकानुरंजन व मेलों के माध्यम से प्रदेश की प्राचीन लोक संस्कृति व पारंपरिक धरोहर को सहेजकर रखने में ग्रामीण जनता का अहम योगदान है। ये बात आज सहकारी एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने ठियोग उपमंडल के अलोटीबरान में आयोजित तीन दिवसीय बिशु ठोडा मेले के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कही।

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