परवाणू व ऊना में फूलों के लिए सब्जी मंडी कोल्ड स्टोर बनाने पर बनी सहमति, आगामी बोर्ड की बैठक में होगा निर्णय : बलदेव भंडारी

परवाणू व ऊना में फूलों के लिए सब्जी मंडी कोल्ड स्टोर बनाने पर बनी सहमति, आगामी बैठक में होगा निर्णय : भंडारी

  • किसानों-बागवानों की फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार  प्रयासरत : बलदेव भंडारी

शिमला: हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों व बागवानों के उत्थान व उनकी फसल उत्पादकता को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है ताकि उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। वह आज हिमाचल हॉलिडे होम में ‘फूल विपणन में अवसर’ विषय पर आयोजित क्रेता-विक्रेता सदस्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दे रहे रहे थे।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कोरोना काल की वजह से किसानों-बागवानों की फसलें, विशेषकर फूलों की खेती भी मार्किटिंग उपलब्ध न होने के कारण काफी प्रभावित हुई है। पॉली हाउसों में तैयार सब्जियां व फूल, कोरोना की वजह से बाजार तक नहीं पहुंच सके और पूरी तरह तबाह हो गए, जिस कारण किसानों की आर्थिकी को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं खुद किसान हूँ इसलिए किसानों-बागवानों की दिक्कतों को भलीभांति जानता हूँ, किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले, इसके लिए प्रयास जारी है।
भंडारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्त वर्ष के बजट में कृषि उपज को बढ़ाने के लिए की गई अनेक घोषणाओं के साथ-साथ फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि विपणन बोर्ड के अधीन 10 एपीएमसी कार्य कर रही है, जो किन्नौर व लाहौल-स्पिति के अलावा अन्य सभी 10 जिलों में संचालित है।
उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कलेक्शन यार्ड भी बनाए गए है। फल व सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन हो और फसल बाजार तक पहुंचें,  इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में चर्चा के उपरांत  फूलों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए प्रदेश में कोल्ड स्टोर मंडियों को खोलने पर विचार किया गया और चर्चा के दौरान परवाणू व ऊना में फूलों के लिए सब्जी मंडी कोल्ड स्टोर बनाने पर सहमति बनी है, जिसे आगामी बोर्ड की बैठक में निर्णय हेतु ले जाया जाएगा।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक कृषि विपणन बोर्ड नरेश ठाकुर ने बैठक में मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि वर्तमान में 238 हैक्टेयर भूमि पर बने पाॅलि हाउसों में फूलों का उत्पादन किया जा रहा है जबकि 400 हैक्टेयर खुली जमीन पर फूलों की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सब्जी व फूलों की मार्किटिंग की दिक्कतों को देखते हुए 17 फरवरी व 25 मार्च को दिल्ली गाजीपुर के ट्रेडरज व बायर्स तथा उत्पादकों के साथ बैठक की गई और बैठक से निकले निष्कर्ष के आधार पर किसानों बागवानों को मार्किटिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई गई। बैठक के मुख्य बिंदुओं को अमलीजामा पहनाने के लिए कार्य जारी है।
बैठक में दिल्ली से आये फ्लावर मार्किटिंग के ट्रेडरज व बायर्स, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये किसानों-बागवानों व फूल उत्पादकों, कृषि व उद्यान विभागधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी ने महत्वपूर्ण मुद्दों सहित फूलों के रख-रखाव के लिए कोल्ड स्टोर बनाने के लिए स्थल चयन सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने-अपने सुझाव दिए।
कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि उपस्थित सदस्यों द्वारा बैठक में  दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों पर गम्भीरता से कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष, एपीएमसी ऊना बलबीर बग्गा, प्रधान राज्य आढ़ती संघ नहर सिंह चैधरी, गाजीपुर दिल्ली फ्लावर मार्किट ट्रेडरज व बायर्स अमित खरवाल व राजीव शर्मा, पीएचडी चैम्बर ऑफ कोमर्स से रेजिडेंट चीफ एडिटर अनिल  सोंखला, कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारी तथा कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों सहित सिरमौर, सोलन, शिमला, बिलासपुर, मंडी तथा कांगड़ा जिला के फूल उत्पादकों ने भाग लिया।

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