सोलन: नौणी विवि में शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल द्वारा किया गया। इस शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली का लॉन्च भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (NAHEP) के तहत किया गया। नौणी विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा कृषि विश्वविद्यालयों में से है जिन्हें परियोजना के तहत आईडीपी के लिए चुना गया है। इस अवसर पर आईसीएआर के भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान (आईएएसआरआई) के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक और इस परियोजना के आईटी सलाहकार डॉ. आरसी गोयल विशिष्ट अतिथि रहे। इस प्रणाली को आईसीएआर द्वारा राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के तहत तैयार किया गया है।

विश्वविद्यालय में एनएएचईपी आईडीपी के समन्वयक डॉ केके रैना ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने आईडीपी के तहत की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। डॉ. रैना ने नई प्रणाली के कार्यान्वयन और विश्वविद्यालय के संकाय का प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करने के लिए आईसीएआर का धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर डॉ. परविंदर कौशल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि टीम ने बहुत ही कम समय में प्रणाली को लागू करने में कामयाब हो गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली विश्वविद्यालय को शिक्षा और डिजिटलीकरण में सर्वश्रेष्ठ वैश्विक शैक्षणिक प्रथाओं का पालन करने और अकादमिक रिकॉर्ड का एक डेटा बैंक बनाने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आसान और सुविधाजनक है और संस्थान की आवश्यकतानुसार इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। डॉ कौशल ने कहा कि कोविड़ 19 के कारण लगाए गए प्रतिबंध एक वरदान साबित हुए हैं और संस्थानों को डिजिटल मोर्चे पर आगे बढ़ने में मदद मिली है। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों से इस व्यवस्था की सेवाओं का पूरी तरह से उपयोग करने का आग्रह किया।27

डॉ. गोयल ने प्रणाली का शुभारंभ करने के लिए विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने सभी शैक्षणिक सेवाओं को इस प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि वरचुअल विश्वविद्यालय की ओर भी बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि आईसीएआर की टेक्निकल टीम प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (पीआईएमएस) को भी विश्वविद्यालय में लागू करने में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। डॉ भूपेन्द्र गुप्ता, डीन वानिकी महाविद्यालय द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी वैधानिक अधिकारी, कंप्यूटर सूचना केंद्र के सदस्य और हर विभाग के प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं को स्वचालित करेगा और मैनुअल प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करेगा और सिस्टम की दक्षता को बढ़ाएगा। पाठ्यक्रम पंजीकरण, कक्षा समय सारिणी, ई-लर्निंग, परिणाम, मार्कशीट और डिग्री जैसी सुविधाएं सिस्टम पर ही उपलब्ध होगी। आईसीएआर की तकनीकी टीम के सदस्य हिमांशु कौशिक और विभोर त्यागी विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों और विभागों से ट्रेनरों का प्रशिक्षण कर रहा है ताकि संकाय प्रणाली से पूरी तरह परिचित हो सके।

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