आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत गुलिन बार सिंड्रोम से हुई बोले एमएस डॉ. जनक

आंगनबाड़ी वर्कर की वैक्सीनेशन के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद…

  • शिमला: शिमला के आईजीएमसी में हमीरपुर की महिला की कोरोना वैक्सीन लगने के बाद मौत के मामले को लेकर आईजीएमसी चिकित्सा अधीक्षक जनक राज ने जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थ वर्कर को 29 जनवरी को कोविड वैक्सीन लगाई थी। 5 फरवरी को महिला की तबियत खराब हुई थी, जिसके बाद वह उपचाराधीन थी। जबकि कोविड टीकाकरण के साइड इफ़ेक्ट के लिए 2-3 से हफ्ते लगते हैं। इसलिए महिला की मौत वजह कोविड वैक्सीनशन नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि महिला की मौत का शुरुआती कारण गुलिन बार सिंड्रोम बीमारी है। महिला की मौत वैक्सीन के कारण हुई है यह कहना गलत है। उन्होंने बताया कि महिला को आईजीएमसी लाने के बाद उनको वेंटिलेटर में रखा गया क्योंकि महिला को गुलिन बार सिंड्रोम (गंभीर नसों की बीमारी) के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई और शरीर के विभिन्न अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद महिला की मौत हो गई। महिला के मौत के असल कारणों का पैथोलॉजिकल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पायेगा जो 2-3 सप्ताह में आएगी।

वहीं कोरोना वैक्सीन लगने के बाद सुजानपुर विधानसभा के सौड्ड गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रोमिला देवी की मौत के बाद अब जिला स्तर पर भी सीएमओ ने कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।

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