स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलें सेवा विस्तार: रोहित ठाकुर

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पीएचसी बंद करना जनविरोधी : रोहित ठाकुर

  • वर्तमान भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ कर रही भेदभाव

शिमला: ग्रामीण क्षेत्रों के दूरदराज इलाकों में प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में स्वास्थ्य संस्थानों को बन्द (Denotify) करने के फ़ैसले पर जुब्बल कोटखाई के पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए इसे जनविरोधी क़रार दिया हैं। उन्होंने कहा कि जहां कोरोना काल में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता थी वहीं भाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकाल के समय में स्थापित स्वास्थ्य ढांचे को भी बर्बाद करने में तुली है। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में ग्रामीण इलाकों के दूरदराज क्षेत्रों में खुली 17 पीएससी में अकेले जिला शिमला में ही आठ पीएचसी को सरकार बन्द करने जा रही हैं इस निर्णय से साफ़ हैं कि वर्तमान भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ भेदभाव कर रही है। इतना ही नहीं अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षो से सृजित पदों को भी ख़त्म / निरस्त किए जा रहे हैं। कोरोना काल जैसे संवेदनशील समय में भी डॉक्टरों की अदला-बदली की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कठिन भौगोलिक ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं घर द्वार तक पहुँचाने का कार्य किया हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल (2012-2017) में पूरे प्रदेशभर में सबसे अधिक दस प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान जुब्बल-नावर-कोटखाई में खोलें गए थे। वर्तमान भाजपा कार्यकाल में स्वास्थ्य संस्थान खोलना तो दूर की बात हैं खुले हुए संस्थानों को भी बन्द करने पर जोर दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने टिक्कर क्षेत्र के दुर्गम इलाक़े कुठाड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बन्द करने का निर्णय लिया हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को दरुस्त करने में विफ़ल रही हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कई वर्षों के प्रयास के बाद पीएचसी खुल पाती हैं और वही प्रदेश सरकार बिना सोचें समझे एक तरफ़ा जनविरोधी फ़ैसला ले रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खुली 17 पीएचसी को बन्द करने के निर्णय को तुरन्त वापिस लेने की मांग की हैं।

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