केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने किया इनोवेशन और वायस पोर्टलों का शुभारंभ

 

  • शिमला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आरंभ
  • नड्डा ने दिया हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र में हर संभव वित्तीय सहायता का आश्वासन
  • प्रदेश सरकार लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री

 

शिमला: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश को धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने राज्यों से मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा, जिनके वित्तपोषण में केंद्र सरकार पूर्ण सहयोग देगी। उन्होंने हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र में हर संभव वित्तीय सहायता का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 102 करोड़ रुपये की राशि जारी करने को स्वीकृति प्रदान की है।

नड्डा आज यहां ‘भारतीय जन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में बेहतर एवं प्रतिरूपण योग्य प्रचलन एवं नवोन्मेषण’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 2 से 4 जुलाई, 2015 तक प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हुए नवोन्मेषी प्रयोगों व राज्यों के बेहतर स्वास्थ्य प्रचलनों की अन्यों के लिए उपयोगिता एवं उपयुक्तता पर चर्चा की जाएगी।

नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की मौजूदगी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक वैब पोर्टल ‘इनोवेशन पोर्टल’ एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर एक ‘वायस पोर्टल’ का शुभारंभ किया। वायस पोर्टल के तहत कोई भी व्यक्ति 1800-180-1104 टॉल फ्री नंबर डायल कर विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा हिंदी एवं अंग्रेजी के अलावा अन्य स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगी। इस मौके पर उन्होंने रोगी कल्याण समिति, सचल स्वास्थ्य इकाइयां, मुफ्त दवा सेवाएं एवं मुफ्त उपचार पर दिग्दर्शिकाओं तथा बेहतर स्वास्थ्य प्रचलन एवं नवोन्मेषण पर ‘कॉफी टेबल’ पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा तैयार ‘पोस्टर प्रेजेंटेशन’ का शुभारंभ भी किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में विभिन्न रोगों से बचाव के लिए जो टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है, वह विश्व में अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान साबित हुआ है, जिसमें पूर्व की सरकारों का भी योगदान रहा है। केंद्र सरकार ने मिशन इंद्रधनुष के तहत देशभर में टीकाकरण अभियान को 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र स्वच्छ भारत अभियान का एक अहम् पहलू है और केंद्र सरकार ने ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थानो एवं अस्पतालों में स्वच्छता के आंकलन को लेकर विशेष पहल की है। इसके अन्तर्गत स्वच्छता के आंकलन को लेकर देशभर के अस्पतालों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सूचीबद्ध कर पुरस्कृत किया जाएगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है तथा

सरकार के प्रभावी प्रयासों के चलते आज हिमाचल प्रदेश विभिन्न स्वास्थ्य मानकों पर अन्य राज्यों की अपेक्षा देश में अग्रणी स्थान पर है। प्रदेश सरकार द्वारा दूर-दराज क्षेत्रों में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत लाहौल-स्पीति जिला के केलांग से ‘टेली मेडीसिन’ सेवाएं शुरू की गई हैं और 25 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी। कौल सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल मण्डी एवं धर्मशाला में डायलसिस इकाइयां स्थापित की गई हैं और सोलन अस्पताल में भी शीघ्र ही यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने विगत अढ़ाई वर्षों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 11 नए नागरिक अस्पताल, 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 6 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल का विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा बरकरार रखने और उदार वित्तीय सहायता का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर विभिन्न कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने अपने अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में स्वास्थ्य अधिकारियों के 595 पद, विशेषज्ञ चिकित्सकों के 58 पद, स्टाफ नर्सों के 378, फार्मासिस्ट के 112, प्रयोगशाला सहायकों के 97 तथा ऑपरेशन थियेटर सहायकों के 19 पद भरे हैं। इसके अलावा, सरकार ने स्वास्थ्य अधिकारियों के 100 पद, स्टाफ नर्स के 100 तथा पेरामेडिकल स्टाफ के 200 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई है।

 

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