प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने पर की चर्चा

शिमला : प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत में पहली बार यह चुनौती सामने आई है जिसमें शहरी भारत के नागरिक अपने सपनों के शहर को विकसित करने में योगदान दे सकते हैं। आवश्यक मानकों को पूरा करने की स्पर्धा में सफल शहरों को स्मार्ट शहर बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पर्धी व्यवस्था से ऊपर-नीचे की सोच खत्म होगी और जन केंद्रित शहरी विकास हो सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच वाली स्मार्ट सिटी धर्मशाला बनेगी जबकि राजधानी शिमला को अमरूत (अटल मिशन फॉर रिजूबिनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन) योजना के तहत लाने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने रखा है। इस मामले पर वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने पर चर्चा की है।

हालांकि शिमला को अमरूत योजना के तहत लाने में भी संशय बना है। ऐसे में इस योजना के तहत शहर में पहले से भी कुछ खूबियां होनी चाहिए। इसमें पानी की सुचारू आपूर्ति, ड्रेनेज व सीवरेज व्यवस्था, ग्रीन स्पेस, पार्क, पार्किंग, परिवहन व्यवस्था, कैपेसिटी बिल्डिंग व जनसंख्या एक लाख से अधिक होनी चाहिए। इन मापदंडों पर शिमला पूरी तरह से खरा नहीं उतर पा रहा है। इस कारण शिमला पर संकट बरकरार है कि वो भी योजना के अंतर्गत आकर देश में शुमार होगा या नहीं। हालांकि प्रदेश का एकमात्र शिमला शहर ऐसा है जिसकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है जो अमरूत योजना के अंतर्गत लिए जाने की वजह बन सकता है।

स्मार्ट सिटी के लिए चयन प्रतियोगिता के आधार पर होगा। जिस राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच वाला स्मार्ट शहर अपने यहा बनाना है, उसे पहले स्मार्ट शहर के लिए तय पैमाने की कसौटी पर खरा उतरना होगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सिटी चैलेंज योजना के 10 मापदंडों को जो शहर पूरा करेगा, वही स्मार्ट शहर बनेगा। इसमें सबसे बड़ी चुनौती स्मार्ट शहर बनने के लिए शहर को पहले से खुद के स्मार्ट होने को प्रमाणित करने की होगी। आधारभूत ढाचे और क्षमता की इस कसौटी पर धर्मशाला खरा उतरता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन शहरी विकास योजनाओं को अकेले सरकार ने नहीं तैयार किया है बल्कि इसमें केंद्र सरकार की ओर से अब तक का सबसे बड़ा परामर्श किया गया है। इस परामर्श में सभी हितधारकों को शामिल किया गया और श्रेष्ठ वैश्विक व्यवहारों की जांच की गई। प्रधानमंत्री ने स्मार्ट सिटी का साधारण विजन पेश करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी वह शहर है जो लोगों की आकांक्षाओं से एक या दो कदम आगे रहे।

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