स्क्रब टाईफस के प्रति रहें सचेत, जिला शिमला में अभी तक 16 स्क्रब टाईफस के मामले

स्क्रब टाईफस के प्रति रहें सचेत, जिला शिमला में अभी तक 16 स्क्रब टाईफस के मामले

अंबिका/शिमला:आम तौर पर बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह बुखार स्क्रब टाईफस से भी हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सचेत और सजग रहना आवश्यक होता है। यह जानकारी देते हुए जिला शिमला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज मितल ने बताया कि जिला शिमला में अभी तक 16 स्क्रब टाईफस के मरीज आए है जिनका उपचार समय रहते कराया गया है इस सर्दंभ में लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है कि यदि बरसात के मौसम में किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार हो, उसका कारण स्क्रब टाईफस भी हो सकता है। यह रोग एक जीवाणु विशेष रिकटेशिया से संक्रमित  पिस्सु  माईट के काटने से फैलता है। जो खेतों इाडियो व घास में रहने वाले चुहों में पनपता है। यह जीवाणु चमडी के माघ्यम से शरीर में फैलता है, और स्क्रब टाईफस बुखार पैदा करता है। इस बीमारी  में तेज बुखार कमप्कम्पी के साथ जो 104 से 105 डिग्री तक आ सकता है इससे शरीर में ऐंठन  अकडन  या शरीर टूटा हुआ लगना प्रतीत होता है। इसके  अधिक संक्रमण में गर्दन,बाजुओं के नीचे, कुल्हो के ऊपर गिल्टियां होना जैसे लक्षण पाये जाते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी  जिला शिमला  ने इस बीमारी की रोकथाम के लिये  निम्न बातों की जानकारी देते हुए बताया कि खेतों व झाड़ियों में काम करते समय पूरा  शरीर  खास कर टांगे पांव और बाजू ढककर रखें, शरीर की सफाई का ध्यान रखे, घर तथा आसपास के वातावरण को साफ रखें, घर के चारो और घास खरपवतवार नही उगने दें व घर के अन्दर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिडकाव करे।

डॉ. नीरज मितल ने इस सर्न्दभ में सर्व साधारण, से अपील की है कि स्क्रब टाईफस संक्रमण रोग नही है।  यह रोग एक आदमी से दूसरे आदमी को नहीं फैलता है।  अतः इस मौसम  में यदि किसी को बुखार आये, तथा उपरोक्त लक्षण हो तो वह तुरन्त नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में तुरन्त जायें, तथा चिकित्सक से इस बारे परामर्श ले।

इसके साथ उन्होंने आजकल बरसात में होने वाले रोगों जिसमें दस्त, आंत्रशोशथ, पीलिया, स्क्रब टाईफस, डेंगू, टायफायड आदि रोग प्रमुख है। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन समस्याओं से बचने के लिए साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें, पानी को 10 से 15 मिनट तक उबाल कर पीयें, गले-सडे या कटे फल-सब्जियों व बासी भोजन कर इस्तेमाल न करें, शरीर की सफाई का ध्यान रखे तथा हाथों को खाना खाने से पहले व शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह से धोए।  

जिला शिमला में स्क्रब टाईफस की जांच व उपचार सभी सरकारी  स्वास्थ्य संस्थानो में नि:शुल्क किया जाता है।

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