इन्वेस्टर मीट में रखा जाएगा ऐतिहासिक धरोहर स्थल विकसित करने का प्रस्ताव : केके शर्मा

इन्वेस्टर मीट में रखा जाएगा ऐतिहासिक धरोहर स्थल विकसित करने का प्रस्ताव : केके शर्मा

शिमला : हिमाचल प्रदेश भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक केके शर्मा में कहा कि इन्वेस्टर मीट में ऐतिहासिक धरोहर स्थल विकसित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 30 और 31 जनवरी को बंगलूरू और हैदराबाद में आयोजित होने वाले इन्वेस्टर मीट में पूंजीपतियों के समक्ष इस संबंध में प्रस्ताव रखे जाएंगे। यह जानकारी उन्होंने शिमला में प्रेसवार्ता के माध्यम से दी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं। 25 स्थलों को विकसित कर देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इस संबंध में ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आर्केलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया करता रहा है लेकिन जहां ये धरोहर हैं, वहां पूंजी निवेश करके पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। हिमाचल के कलाकारों, साहित्यकारों, गीतकारों, कवियों, चित्रकारों हस्तशिल्पकारों को सूचीबद्ध किया जाएगा। इस सूची के आधार पर इनकी सेवाएं ली जाएंगी।साहित्यकारों और कवियों का पारिश्रमिक भी बढ़ाया जाना प्रस्तावित है।      

निदेशक शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों का देव भूमि दर्शन का पहला जत्था 16 फरवरी को रवाना होगा। यह जत्था हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की बसों से रवाना होगा और निगम के होटलों में भी खाने व ठहरने की व्यवस्था होगी।  अस्सी साल से ऊपर के बुजुर्गों को तीन साल में एक बार मुफ्त देव दर्शन कराए जाएंगे। 70 से 80 साल तक के बुजुर्गों को पचास फीसदी खर्च वहन करना होगा। आय सीमा एक लाख प्रति वर्ष रखी गई है। गेयटी थिएटर का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर थिएटर में सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति से पर्यटकों को अवगत कराया जाएगा। प्रसिद्ध स्थलों के बाहर  क्यूआर कोड के साथ आज पुरानी राहों से (अपूर्सा) पट्टिकाएं लगाई जा रही हैं। क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर संबंधित स्थल की पूरी जानकारी ली जा सकेगी। ऐसी कुल 1147 पट्टिकाएं लगाई जानी हैं। इसके अलावा क्षेत्र में प्रसिद्ध हस्तियों, साहित्यकारों, कलाकारों आदि के बारे में भी जानकारी उपलब्ध रहेगी। गोबिंद सागर झील में जल मग्न बिलासपुर के मंदिर पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। 

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि शिमला के बैटनी कैसल का 27 करोड़ की लागत से जीर्णोंद्धार होगा। उन्होंने कहा कि इस भवन में संग्रहालय बनाया जाएगा।

निदेशक केके शर्मा ने कहा कि दिल्ली गणतंत्र दिवस में हिमाचल की झांकी तीसरे चरण तक पहुंच गई थी। महात्मा गांधी की हिमाचल में कम यात्राएं हुई थीं। संभवत: इसीलिए हिमाचल की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मौका नहीं मिला। हिमाचल प्रदेश गणतंत्र दिवस के दौरान भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की यह झांकी प्रथम स्थान पर रही।

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