शिमला में क्रिकेट प्रतियोगिता, जिले की करीब 700 ग्रामीण टीमें लेंगी हिस्सा : विधायक विक्रमादित्य

शिमला में क्रिकेट प्रतियोगिता, जिले की करीब 700 ग्रामीण टीमें लेंगी हिस्सा : विधायक विक्रमादित्य

 शिमला: शिमला में क्रिकेट प्रतियोगिता सात जोनों में होगी। इसमें जिले की करीब सात सौ ग्रामीण टीमें हिस्सा लेंगी। विधायक विक्रमादित्य ने आज शिमला में प्रेसवार्ता के माध्यम से कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्रिकेट मुकाबले होंगे। पहले जोन स्तर पर क्रिकेट मुकाबले होंगे। इसके बाद फाइनल मुकाबला होगा। दस या बीस-बीस ओवरों का मैच होगा। मुकाबले के लिए 16 से 31 अगस्त तक एंट्री फीस जमा होगी। टीमों की किट भी दी जाएंगीं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए एसोसिएशन इस तरह की खेल गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता 7 जोनों रामपुर, रोहड़ू, जुब्बल-कोटखाई, चौपाल, ठियोग, कसुम्पटी व शिमला ग्रामीण में करवाई जाएगी। टी-20 क्रिकेट महाकुंभ का फाइनल मैच 24 अक्तूबर को रोहड़ू के समाला स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता में 700 के करीब टीमों के 9100 खिलाड़ी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें हर पंचायत से टीमों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रतियोगिता में पंचायत की टीम में संबंधित पंचायत के युवा ही खेल सकेंगे और दूसरी पंचायत की टीम से खेलने के लिए वे पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों के नाम एच.पी.सी.ए. को दिए जाएंगे ताकि उन्हें आगे आने का मौका मिल सके। यदि यह प्रयास सफल रहा तो भविष्य में अन्य खेलें भी आयोजित की जाएंगी।

विजेता टीम को 3 लाख मिलेंगे। उप विजेता को तीन लाख, मैन आफ द मैच को पचास हजार, अच्छे बल्लेबाज और गेंदबाज को 25-25 हजार रुपये देंगे। अच्छा खेलने वाले खिलाड़ियों को मौका देने की एचपीसीए से सिफारिश की जाएगी। प्रत्येक टीम से पांच हजार एंट्री फीस ली जाएगी। प्रतियोगिता में विजेताओं को साढे़ छह लाख के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि खेल संघों में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद होना चाहिए। खेल संघों की कमान खिलाड़ियों के हाथों में ही रहनी चाहिए। खेल संघ राजनीति का अखाड़ा नहीं होना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए युवाओं को खेल, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनका कहना है कि रामपुर और ब्रौ क्षेत्र में युवा पीढ़ी बुरी तरह से नशे के जाल में जकड़ती जा रही है।

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