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निगम के सैहब कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के आदेश

शिमला: नगर निगम प्रशासन ने सैहब सोसायटी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने सैहब कर्मियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि वीरवार तक कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो नगर निगम तुरंत प्रभाव से सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर देगा। सैहब कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए नगर निगम ने मंगलवार को सैहब सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की आपात बैठक बुलाई। बैठक में ए.जी.एम. के फैसले को नहीं मानने को लेकर कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं आते हैं तो सभी कर्मियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।
बैठक नगर निगम आयुक्त जी.सी. नेगी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें सैहब के गवर्निंग बॉडी के सभी सदस्यों व स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों ने भाग लिया। आयुक्त ने कहा कि ए.जी.एम. में सैहब कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी करने व बायलॉज में संशोधन कर नीति बनाने के आदेश दिए हैं, साथ ही हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी वेतन की जाएगी, बावजूद इसके कर्मचारी काम पर नहीं लौटे हैं जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है, ऐसे में अब कर्मचारियों की मनमानी नहीं चलेगी ये निगम की ओर से आखिरी अपील है यदि वीरवार को कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे तो निगम सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर देगा। आयुक्त ने कहा कि सैहब कर्मचारियों को गवर्निंग बॉडी के फैसले से अवगत करवा दिया गया है।
वहीं यदि कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगम इसे आऊटसोर्स कर सकता है। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। सैहब कर्मचारियों की मनमानी से प्रशासन तंग हो गया है, ऐसे में इस समस्या का समाधान निकालने के लिए निगम ने तैयारी कर ली है। इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। निगम प्रशासन के इस फैसले से 550 से ज्यादा सैहब कर्मियों की नौकरी जा सकती है। एजीएम के बाद भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से परेशान निगम प्रशासन ने को सैहब सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाई। निगम आयुक्त जीसी नेगी की अध्यक्षता में करीब एक घंटे चली इस बैठक में फैसला लिया गया कि अब कर्मचारियों से बातचीत बंद कर सख्ती बरती जाएगी।

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