शूलिनी विवि ने मनाया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस,“लैक्चर व पोस्टर” प्रतियोगिता आयोजित

  • विश्वविद्यालय में साइंस विषय में देश के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता पर “लैक्चर व पोस्टर” प्रतियोगिता आयोजित
  • विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता का विषय था असक्षम व्यक्तियों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • डॉ॰ अहलुवालिया का छात्रों से आग्रह विज्ञान में करें अनुसंधान
  • उप कुलपति प्रो॰ खोसला ने डॉ॰ रमन की खोज का वर्तमान समय में बताया महत्व और विज्ञान के श्रेत्र में किए जा सकने वाले अपार शोध पर डाला प्रकाश
  • डॉ॰ अहलुवालिया और प्रो॰ खोसला ने “विज्ञान पोस्टर” प्रतियोगिता के विजेताओं को दिए पुरस्कार
  • उर्वशी, शगुन, सप्तऋषि व आनंद ने जीता 10,000 रुपये का पहला पुरस्कार
  •  अजय शर्मा को 5,000 रुपये का दूसरा पुरस्कार व शुभम, अभिषेक, मोहम्मद खालिद और शलभ ने हासिल किया तीसरा स्थान
शूलिनी विवि ने मनाया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

शूलिनी विवि ने मनाया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

शिमला: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर शूलिनी विश्वविद्यालय में साइंस विषय में देश के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता पर लैक्चर और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता का विषय था ‘असक्षम व्यक्तियों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ जिसके लिए विवि के सभी डिपार्टमेंट से 50 से भी ज्यादा प्रविष्टियों आईं। इस दिन शूलिनी के सभी लैब छात्रों के लिए खुले थे ताकि वह जा कर देख सकें की विश्वविद्यालय में किस प्रकार का अनुसंधान किया जा रहा।

28 फ़रवरी के दिन ही विजेता चंद्रशेखर वेंकट रमन ने अपनी ऐतिहासिक खोज की थी जिसके लिए बाद में उन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था। भारत में यह दिन हर साल, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।  हिमाचल प्रदेश विवि के डिपार्टमेंट ऑफ फ़िज़िक्स के प्रोफेसर डॉ पी॰के॰ अहलुवालिया ने इस मौके पर शूलिनी विवि में ‘विज्ञान दिवस लैक्चर’ दिया। डॉ सी॰वी॰ रमन पर आधारित इस लैक्चर में उन्होनें डॉ रमन के बचपन, शिक्षा, उनके विज्ञान के सर्वोच्च सम्मान हासिल करने तक के सफर पर चर्चा की। छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ॰ अहलुवालिया ने कहा कि रमन एक विनम्र लेकिन एक बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति थे क्यूंकी वह आम लोगों को भी अपनी खोज के बारे में समझा सकते थे।

विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता का विषय था ‘असक्षम व्यक्तियों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता का विषय था ‘असक्षम व्यक्तियों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी

डॉ॰ अहलुवालिया ने छात्रों से आग्रह किया कि वह विज्ञान में अनुसंधान करें क्यूंकी विज्ञान में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रतिमान परिवर्तन करने की शक्ति है। शूलिनी विवि के उप कुलपति प्रो॰ पी॰के॰ खोसला ने इस अवसर पर डॉ॰ रमन कि खोज का वर्तमान समय में महत्व बताया और विज्ञान के श्रेत्र में किए जा सकने वाले अपार शोध पर भी प्रकाश डाला। डॉ॰ अहलुवालिया और प्रो॰ खोसला ने इस मौके पर विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार दिए। उर्वशी, शगुन, सप्तऋषि और आनंद ने 10,000 रुपये का पहला पुरस्कार जीता। अजय शर्मा को 5,000 रुपये का दूसरा पुरस्कार और शुभम, अभिषेक, मोहम्मद खालिद और शलभ ने तीसरा स्थान हासिल किया।

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