“ठियोग उत्सव”

मेले व त्यौहार समृद्ध संस्कृति के परिचायकः विद्या स्टोक्स

मेले व त्यौहार समृद्ध संस्कृति के परिचायकः विद्या स्टोक्स

शिमला: मेले व त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मेले जहां देव आस्था का प्रतीक हैं, वहीं आपसी सदभाव और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने के लिए भी अहम भूमिका निभाते हैं। ठियोग उत्सव प्राचीनतम उत्सव है। ठियोग गठन की आजादी की लड़ाई में जिन वीर सपूतों ने भाग लिया, यह उनकी याद में मनाया जाता है। यह विचार आज सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री विद्या स्टोक्स ने ठियोग उत्सव के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। विद्या स्टोक्स ने कहा कि ठियोग क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाएं कार्यान्वित की गई हैं, जिसका लाभ इस क्षेत्र की जनता को प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय समेत सभी अन्य मांगे भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। प्रदेश सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुशल नेतृत्व ने सभी वर्गों का समान विकास किया गया है। सरकार ने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य बिजली, पीने का पानी, परिवहन, खाद्य आपूर्ति सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं को कौशल विकास भत्ता भी प्रदान किया है। प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के विकास और भलाई के लिए विभिन्न कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं, ताकि गरीबों की आर्थिकी में सुधार हो तथा स्वावलंबी बनकर वह सशक्त हो सकें।

प्रदेश के लगभग 37 लाख लोगों को राजीव अन्न योजना के अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्हें 2 रुपये प्रति किलो की दर से 3 किलो गेहूं तथा 3 रुपये प्रति किलो की दर से 2 किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रति माह प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें खाद्य तेल, दालें तथा नमक भी प्रदान किया जा रहा है। सभी बी.पी.एल. परिवारों को प्रति माह 35 किलो राशन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने छईधाला से डीएवी स्कूल की एंबुलेंस सड़क के लिए दो लाख रुपये तथा स्कूली बच्चों द्वारा उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।

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