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अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस पर शिमला में महिलाओ द्वारा बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस पर शिमला में महिलाओ द्वारा बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी

  • सरकार महिलाओ के उत्पादों को बेचने के लिए मुहैया करवाएगी बाजार

शिमला: अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस पर शिमला में ग्रामीण विकास द्वारा शिमला के रोटरी टाउन हॉल में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का शुभारंभ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कवर ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य आजीविका मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूह को आर्थिक अनुदान प्रदान किया जाता है ताकि उनके उत्पादों के प्रसार व विपणन हो सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी के माध्यम से स्वयं सहायता समूह द्वारा किए गए कार्य को लोकप्रिय किया जाता है वहीं ग्रामीण उत्पादों के बारे में शहरी नागरिकों व पर्यटकों को भी जानकारी प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक को खत्म करने के उद्देश्य से विकल्प के रूप में जूट कैरी बैग को बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मिशन के तहत बनाए जा रहे उत्पाद को सिविल सप्लाई की दुकानों के माध्यम से हम बेचने का प्रयास करेंगे।  प्रदर्शनी में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा बनाए गए उतपादो को प्रदर्शित ओर बेचने के लिए रखा गया है, जिसमें प्रदेश भर के 25 स्वयं सहायता समूहों द्वारा जुट से बने उत्पाद, ऊन के हाथ से बनाए गए कपड़ों ओर बांस के उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए। इसके अतिरिक्त जिला, खंड एवं राजमार्गों पर दुकानों का निर्माण किया जा रहा है ताकि स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों का बेहतर विपणन हो सके।  इस अवसर पर वीरेन्द्र कंवर ने जूट उत्पाद, हथकरघा उत्पाद, उन के उत्पाद, अचार उत्पाद तथा खजूर उत्पाद इत्यादि का अवलोकन किया।

बाइट:वीरेंद्र कंवर पंचायती राज मंत्री

हिमाचल: आरएसएस कार्यकर्ता समेत परिवार की हत्या की निंदा, एडीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

हिमाचल: विश्व हिन्दू परिषद ने की आरएसएस कार्यकर्ता समेत परिवार की हत्या की निंदा, एडीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

शिमला:  पश्चिम बंगाल में हुई एक परिवार हत्या मामले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने पश्चिम बंगाल की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विश्व हिन्दू परिषद ने मंगलवार को देश के सभी जिला मुख्यालयों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। इसी कड़ी में शिमला में भी विश्व हिन्दू परिषद ने एडीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मामले पर निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। विश्व हिन्दू परिषद का कहना है कि पश्चिम बंगाल में बंगलादेशी घुसपैठिये हिन्दू समुदाय के लोगों को निशाना बना रहे हैं और हिंदुओं को मौत के घाट उतार रहे हैं। जिससे हिन्दू समुदाय बहुत आहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिबाद में बंधु प्रकाश पाल तथा उनकी गर्भवती धर्मपत्नी व आठ साल के बेटे की जघन्य हत्या हुई है।  जिसका विश्व हिन्दू परिषद कड़ी निंदा करता है। विहिप प्रांत सह मंत्री डॉ. सुनील जस्वाल ने कहा उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। विश्व हिन्दू बजरंग दल ने आज पूरे भारत में सभी जिला केन्द्रों पर डीसी/एस.डी.एम. के माध्यम से देश के महामहिम माननीय राष्ट्रपति को 10 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिबाद में बंधु प्रकाश पाल तथा उनकी गर्भवती धर्मपत्नी व आठ साल के बेटे की जघन्य हत्या के विरोध में तथा पश्चिम बंगाल में निर्दोष हिन्दुओं की हत्याओं के विरोध में ज्ञापन सौंपा।

सुनील जस्वाल कहा की आज देश सहित प्रदेश के सभी जिला केन्द्रों पर बजरंग दल द्वारा आज ज्ञापन सौंपा जा रहा है। जिसमें मांग की गई है कि :-

  • पश्चिम बंगाल सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
  •  बंधु प्रकाश पाल व परिवार हत्याकांड की सीबीआई जाँच करवाकर हत्यारों को मृत्युदंड दिया जाए।
  • पश्चिम बंगाल में बंगलादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को वापस बंगलादेश भेजा जाए।
  • नागरिकता बिल में संशोधन कर बंग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए हिन्दुओं को भारत मे नागरिकता दी जाए व उनका संरक्षण कर सुरक्षा प्रदान की जाए।
  • पश्चिम बंगाल में रहने वाले राष्ट्रविरोधी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन सब पर कानूनी कार्यवाही की जाए।

बाइट: डॉ. सुनील जस्वाल, विहिप प्रांत सह मंत्री

 

ठियोग: सेब से भरा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त, चालक को मिली मौके पर मौत

ठियोग: सेब से भरा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त, चालक की मौके पर मौत

शिमला: राष्ट्रीय राजमार्ग 5 पर मतियाना के नजदीक नरैल में एक बड़ा हादसा हो गया। जहां रात  3:30 बजे के करीब एक सेब से लदा ट्रक (hp 67A5147) गहरी खाई में लुढ़क गया। जिसमें 2 लोग सवार थे और जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे ठियोग के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मृतक की शिनाख्त जिला हमीरपुर के बिझड़ी के कड़ाह गांव निवासी मदन कुमार पुत्र प्रेम चंद के रूप में हुई है। घायल का नाम अजय है। हादसा शिमला जिला के ठियोग देवी मोड पर हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही मतियाना चौकी से पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों लोगों की पहचान कर उनके परिजनों को इस हादसे की सूचना दी। पुलिस घटना के कारणों की छानबीन में जुट गई।

अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार मिले दलाईलामा को : मनकोटिया

अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार मिले दलाईलामा को : मनकोटिया

धर्मशाला : भारतीय पूर्व सैनिक लीग के राज्य अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता में कहा कि बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को विश्व शांति के लिए किए गए उत्कृष्ठ कार्यों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। वहीं पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने भी माना है कि अनुच्छेद 370 कांग्रेस की गलती थी। मंगलवार को उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि पीएम मोदी ने पुरानी गलती को सुधारकर 370 को हटाने का साहसिक फैसला लिया है। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें साहसिक फैसले लेने की हिम्मत है।

वहीं उन्होंने कहा कि धर्मशाला में नवंबर महीने में अंतरराष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन से सरकार क्षेत्र को विश्व भर में पहचान मिलने का दावा कर रही है, जबकि बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के कारण पहले ही धर्मशाला को विश्व स्तर पर पहचान मिल चुकी है। हालांकि, राजनीतिक दलों ने इस क्षेत्र की हमेशा अनदेखी की है। नरेंद्र मोदी सरकार इस साल को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के रूप में उत्सव की तरह मना रही है। ऐसे में विश्व में शांति का संदेश देने बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को अंतरराष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की प्रधानमंत्री को घोषणा करनी चाहिए। नवंबर माह में निवेशक सम्मेलन में आने या इससे पहले प्रधानमंत्री इसकी घोषणा करें।

बिलासपुर: नशे की ओवरडोज से युवक की मौत

बिलासपुर: नशे की ओवरडोज से युवक की मौत

बिलासपुर: प्रदेश में नशे पर लगाम कसने के लिए भले ही प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा काफी प्रयास के दावे किये जा रहे हों, लेकिन उसके बावजूद भी युवा नशे की लत में बुरी तरह जकड़ते जा रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला बिलासपुर जिला में देखने को मिला। जहां नशे के ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। बता दें कि बिलासपुर के निहाल सेक्टर का आदित्य एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। शनिवार को उसका शव लोक निर्माण विभाग की मेकेनिकल वर्कशॉप के पास मिला था। वह शुक्रवार से घर से लापता था। अंदेशा है कि युवक की मौत नशे के ओवरडोज से हुई है। पुलिस जांच में कई खुलासे हुए हैं। शव के पास से सिरिंज, चम्मच और फॉयल पेपर सहित अन्य सामग्री मिली है। युवक को घर से कॉलेज की फीस के 5500 रुपए दिए गए थे। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

शिमला: दो दिन से लापता ठेकेदार की हत्या, शोघी के पास मिला शव

शिमला: दो दिन से लापता ठेकेदार की हत्या, शोघी के पास मिला शव

शिमला: शिमला के बालुगंज थाना क्षेत्र के तहत दो दिन से लापता ठेकेदार की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। इसकी पहचान जयराम (50) के रूप में हुई है। सोमवार शाम शोघी के पास थड़ी पंचायत घर के साथ लगते जंगल में इसका शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला है।

मृतक के परिचितों ने 12 अक्तूबर को इसकी गुमशुदगी की शिकायत बालुगंज थाने में दर्ज करवाई थी। इसके बाद से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी। बालुगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक ठेकेदार मूल रूप से बिहार के मोतीहारी का रहने वाला है। जयराम यहां ठेकेदारी का काम करता था और पनोग गांव के हीरालाल का किरायेदार था। सोमवार शाम बालुगंज पुलिस ने सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर शव को कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य

मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य

अंबिका/शिमला: सभी मतदाता जिन्हें फोटो पहचान पत्र जारी किए गए है, विधानसभा उप-चुनावः 21 अक्तूबर को मतदान केन्द्रों पर मतदान के समय अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। प्रदेश के चुनाव विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए पासपोर्ट, ड्राईविंग लाइसेन्स, राज्य/केन्द्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि मतदाता फोटो पहचान पत्र के सम्बन्ध में लेखन अशुद्धि, वर्तनी अशुद्धि इत्यादि को नजर अंदाज कर देना चाहिए बशर्ते मतदाता की पहचान मतदाता फोटो पहचान पत्र से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण आफिसर द्वारा जारी किया गया है, ऐसे मतदाता फोटो पहचान पत्र भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किए जाएंगे बशर्ते मतदाता का नाम जहां वह मतदान करने आया है उस मतदान केन्द्र से सम्बन्धि निर्वाचक नामवली में उपलब्ध होना चाहिए। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब मतदाता को उपयुक्त वर्णित किसी एक वैकल्पिक दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि यह भी स्पष्ट किया जाता है कि मतदाताओं को प्रदान की जाने वाली फोटो मतदाता पर्ची को वोट करने के लिए पहचान के उद्देष्य से स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 18- धर्मशाला   तथा 55-पच्छाद (अ.जा.) सभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से आग्रह किया जाता है कि वे आयोग के निर्देशानुसार मतदान करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र या आयोग द्वारा निर्धारित उपरवर्णित 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज मतदान दिवस 21 अक्तूबर को पहचान हेतु अपने साथ ले जाये।

ग्राम देवी-देवता के सम्मान में किया जाता है "जागरा"

देवी-देवता के सम्मान में किया जाता है “जागरा”

  • जागरे का विशेष महत्व
  • इस दिन ग्राम देवी-देवता को किया जाता है घर पर आमन्त्रित

हिमाचल देवभूमि है। यहाँ अक्सर देवी-देवताओं की पारम्परिक तरीके से सदियों से पूजा-अर्चना की जाती आ रही है। हर जिले के हर

इस दिन ग्राम देवी-देवता को किया जाता है घर पर आमन्त्रित

इस दिन ग्राम देवी-देवता को किया जाता है घर पर आमन्त्रित

गाँव की देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने की अपनी-अपनी परम्परा रही है। जिसे आज भी बखूबी निभाया जाया जा रहा है। हर गाँव में देवी-देवताओं की पूजा करने के अपने तौर-तरीके और परम्पराएं हैं। इसीलिए देवी-देवताओं को खुश करने और अपनी मनवांछित इच्छा पूरी होने पर गाँव के लोगों दवारा “जागरे” का आयोजन किया जाता है।

भादों महीने में जागरा का विशेष महत्व है। “जागरा” कर्मकाण्ड ग्राम-देवता की सेवा के लिए किया जाता है। ग्राम देवता को घर पर निमन्त्रित किया जाता है अथवा किसी विशेष दिन आस-पास के लोगों को निमन्त्रित कर मन्दिर में यह कार्य सम्पन्न होता है। सभी लोग रात्रि भर चलने वाले इस पूजन के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं।

  • ऊपरी क्षेत्रों में महासू देवता की याद में मनाया जाता है यह उत्सव

सामान्यत: भादों मास से ऊपरी शिमला के क्षेत्रों, किन्नौर तथा सिरमौर के क्षेत्रों में यह उत्सव महासू देवता की याद में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन निर्धारित किया जाता है और देवता के सम्मान में प्रत्येक परिवार का सदस्य व्रत रखता है। दिन में पुजारी और देवता के अनुयायी उसे निकट के झरने पर ले जाते हैं।

  • ढोल बजाते हुए ग्राम देवता की प्रशंसा में गीत गाते है अनुयायी

इस जुलूस का नेतृत्व मन्दिर के संगीतकार करते हैं। ढोल बजाते हुए अनुयायी ग्राम देवता की प्रशंसा में गीत गाते हैं। झरने पर देवता को स्नान करवाया जाता है। पुजारियों का समूह दूर से इस धार्मिक रीति को देखता है। मूर्ति को स्नान करवाने के पश्चात झरने का जल उपस्थित जनसमूह पर छिडक़ा जाता है। इस धार्मिक क्रिया की समाप्ति के पश्चात मूर्ति और बर्तनों को धार्मिक रीति से मंदिर में ले जाकर पर्दे में रखा जाता है। केवल एक छोटी मूर्ति ही खुले आंगन में रखी जाती है। इसके पश्चात अन्य धार्मिक कर्मकाण्ड किए जाते हैं।

  • महासू देवता की प्रशंसा में गाते हैं बीसू गीत
 ऊपरी क्षेत्रों में महासू देवता की याद में मनाया जाता है यह उत्सव

ऊपरी क्षेत्रों में महासू देवता की याद में मनाया जाता है यह उत्सव

जब अंधेरा होने लगता है, भक्त मंदिर के आगे आग जलाते हैं और जलती हुई लकडिय़ां हाथों में लेकर ये मंदिर के चारों ओर नाचते हैं। ये महासू देवता की प्रशंसा में बीसू गीत भी गाते हैं। सारी रात देवदारू की शाखाओं से आग को जलाए रखा जाता है जिससे महासू का उज्जवल संदेश उसे मानने वाले गांवों में दूर-दूर तक फैल जाता है, जबकि स्त्री और पुरूष सारी रात मौज-मस्ती में गुजारते हैं और अपने नाच में सुप्रसिद्ध बिरसू गीत को पिरोते चलते हैं। यह आधी रात तक चलता है जिसके पश्चात दिन समाप्त समझा जाता है।

  • एक छोटी मूर्ति छोडक़र बाकि सभी मूर्तियां मंदिर में रखी जाती हैं पर्दे में

जगराता रखने वाले परिवार के और आस-पड़ोस या गांव के व्यक्ति सारी रात जागकर सम्बन्धित देवी-देवता का कीर्तन-गान करते हैं। मध्य भाग में महासू देवता के नाम जागरा रखा जाता है। अन्य देवी-देवताओं के नाम भी जागरे रखे जाते हैं। देवता को नहलाया जाता है और एक छोटी मूर्ति को छोडक़र बाकि सभी मूर्तियां मंदिर में पर्दे में रख दी जाती हैं। मंदिर के सामने आग जलाई जाती है जो सारी रात जलती रहती है और देवता की स्तुति के गाने गाए जाते हैं। महासू देवता की स्तुति में विड्स गान सामूहिक रूप में नृत्य करते हुए गाए जाते हैं।

Kangra : Deputy Chairman Tea Board visits CSIR-IHBT

Kangra : Deputy Chairman Tea Board visits CSIR-IHBT

Kangra : Deputy Chairman of Tea Board India, Kolkata,  Arun Kumar Ray, IPS visited CSIR-IHBT Palampur. He interacted with the scientists for strengthening the Kangra Tea Industry.  Ray said that e-platform would be created for auctioning of Kangra tea so that it can be sold from Dharmshala without being transported to Kolkata to avoid transportation cost. For assessment of tea quality of the harvested tea, artificial intelligence approached would be used throughout the country so that the complaint of the growers and the factory management on accurated leaf grade could be addressed. He also asked the institute to assess the cold flavour quality of first flush tea which is gaining popularity in Darjeeling which is akin to Kangra conditions. He said that Tea Board has plan to promote Himachal Tea Brands through its GI which has been awarded due to the scientific data of CSIR-IHBT.

Tea experts from CSIR-IHBT asked the Deputy Director to support expansion of tea acreage in Himachal and Uttarakhand so that a critical mass of production is achieved to boost profitability of tea industry. Setting up tea nurseries of quality tea clones was also discussed and it was suggested that entrepreneurship would be promoted for raising tea nurseries of high yielding quality tea variestis. Besides Tea Agrotechnologies viz., tea farm mechanization, tea breeding, Shri Ray was apprised on research and development work related to value addition and diversified high value products developed from the secondary grades of tea viz., Tea Catechins, Theaflavins, Ready to serve teas, Tea wine etc. He was also shown the institute’s facilities on tea research. Currently Kangra tea production is hanging around 8-9 lakh kg and CSIR-IHBT has prepared road map to raise it to 15 lakh kilograms through revival of the existing plantations and further to 25 lakh kilograms through extension planting. Deputy Chairman appreciated the efforts of the institute for supporting tea industry and invited them to patriciate in the proposed tea exhibition to be held at Kolkata.

It is worth mentioning that tea is highly suitable crop under the current scenario of climate change and wild animal menace. A comprehensive integrated programme on tea mechanization coupled with setting up units for value added high demand antioxidant products is only solution to cope up labour shortage, boost profitability of tea growers and strengthening tea industry of Himachal Pradesh – Dr Sanjay Kumar, Director CSIR-IHBT.

प्रदेश में 16 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान

प्रदेश में 16 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान..

शिमला: राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। प्रदेश में 17 अक्तूबर से दोबारा बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 16 अक्तूबर तक प्रदेश भर में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।