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एप्प के माध्यम से दे सकते हैं उचित मूल्य की दुकान सम्बंधी फीड बैक विभाग को

एप्प के माध्यम से दे सकते हैं उचित मूल्य की दुकान सम्बंधी फीड बैक विभाग को

  • राशन संबंधी शिकायत भी करवा सकते हैं दर्ज
  • आधार नम्बर से जुड़ा कोई भी राशन कार्ड मोबाईल एप्प में देगा दिखाई, डिजीटल राशन कार्ड की तरह ही करेगा कार्य

शिमला:  विभाग ने राशन कार्ड धारकों की सुविधा के लिए लॉंच की है। उपभोक्ता इसे एप्प स्टोर से ईपीडीएसएचपी नाम से सर्च करके डाउनलोड कर सकते है।  खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री ने आज विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि आधार नम्बर से जुड़ा कोई भी राशन कार्ड मोबाईल एप्प में दिखाई देगा और डिजीटल राशन कार्ड की तरह ही कार्य करेगा। एप्प में उपभोक्ताओं की जानकारी के लिए ऐनटाईटलमेंट केलकुलेटर की सुविधा दी गई है, जिससे उपभोक्ता मिलने वाले राशन की जानकारी प्राप्त कर सकता है। एप्प के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान की कार्य प्रणाली सम्बन्धि फीड बैक विभाग को दी जा सकती है। राशन के सम्बन्ध में शिकायत भी दर्ज की जा सकती है। एप्प में एक मोबाईल का लोगो बना है, जिस पर छूने से विभाग के टॉल फ्री नम्बर 1967 पर स्वतः ही कॉल लग जाती है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि विभाग के तोल एवं माप संगठन द्वारा किए जाने वाले पंजीकरण व अनुज्ञप्तियों के लिए वैबसाईट विकसित की गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वह मोबाईल एप्प को डाउनलोड कर विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सुविधा का लाभ उठाएं और टॉल फ्री नम्बर 1967 का भी उपयोग करें।

राज्य में गैस सिलेण्डरों के वजन को लेकर निरीक्षण, 11 गैस कम्पनियों के विरूद्ध मामले दर्ज

राज्य में गैस सिलेण्डरों के वजन को लेकर निरीक्षण, 11 गैस कम्पनियों के विरूद्ध मामले दर्ज

  • राज्य के विभिन्न भागों में गैस सिलेण्डरों के वजन को लेकर निरीक्षण

शिमला: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर ने आज यहां कहा कि उन्हें राज्य के विभिन्न भागों से एलपीजी सिलेण्डरों में गैस की मात्रा कम होने के सम्बन्ध में शिकायतें प्राप्त हो रही थी और उन्हांने सम्बन्धित विभाग को सिलेण्डरों का निरीक्षण करने के आदेश दिए थे। इस कड़ी में खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा माप व तोल विभाग के अधिकारियों ने गत मंगलवार को प्रदेश में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षणों के दौरान सिलेण्डरों का वजन किया गया और तोल माप उपकरणों को भी चैक किया गया।

किशन कपूर ने बताया कि मौके पर विभिन्न भागों में 3441 सिलेण्डरों का वजन किया गया, जिनमें से 40 सिलेण्डरों का वजन निर्धारित मापदण्डों को पूरा नहीं करता था, जिस कारण इन सिलेण्डरों को जब्त कर लिया गया। इस सम्बन्ध में 11 गैस एजेंसियों के विरूद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा-36 (2) के अन्तर्गत अभियोग दर्ज किए गए, जबकि 8 एजेंसियों के विरूद्ध तोल-माप उपकरणों का सत्यापन न करवाने के कारण अभियोग दर्ज किए गए। कपूर ने कहा कि इस तरह का अभियान एक साथ पूरे प्रदेश में पहली बार चलाया गया। उन्होंने कहा कि वह उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर संवेदनशील हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाशत नहीं किया जा सकता।

मंत्री ने इस सम्बन्ध में राज्य की सभी गैस एजेंसियों को अगाह किया है कि सभी सिलेण्डरों का वजन मापदण्डों के अनुसार हो और इसके बाद उपभोक्ताओं को वितरित किए जाने चाहिए। उन्हेंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को गम्भीरता से लिया जाएगा। निदेशक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मदन चौहान ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण भविष्य में जारी रखें जाएंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कल से आईजीएमसी में 24 घण्टे उपलब्ध होंगी जेनेरिक दवाईयां : स्वास्थ्य मंत्री

कल से आईजीएमसी में 24 घण्टे उपलब्ध होंगी जेनेरिक दवाईयां : स्वास्थ्य मंत्री

  • अभी तक करीब 3 लाख मरीजों को दी निःशुल्क जेनेरिक दवाईयां

शिमला:  इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान शिमला में नवम्बर 2015 से कार्यरत निःशुल्क जेनेरिक औषधी केन्द्र द्वारा अभी तक विभिन्न बीमारियों के लिए लगभग 3 लाख मरीजों को निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध करवाई हैं। यह जानकारी आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि निःशुल्क जेनेरिक औषधी केन्द्र 22 फरवरी से प्रति दिन 24 घण्टे खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा अधिसूचित सभी दवाईयां मरीजों को निःशुल्क प्रदान की जाएंगी और ये दवाईयां इण्डोर तथा आउटडोर सभी मरीजों को उपलब्ध करवाई जाएंगी।

विपिन परमार ने कहा कि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में नए सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ढांचागत विकास व चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ को देखना चाहती है और इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।

सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए करीब 2548 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित

सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए करीब 2548 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित

  • वर्ष 2018-19 के लिए 6300 करोड़ रुपये आकार की वार्षिक योजना स्वीकृत

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य योजना बोर्ड की बैठक में वर्ष 2018-19 के लिए 6300 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना स्वीकृत की गई। योजना में 10.51 फीसदी की बढ़ौतरी की गई है और यह पिछले वर्ष के 5700 करोड़ रुपये के मुकाबले 600 करोड़ रुपये अधिक है। वार्षिक योजना में सामाजिक सेवा क्षेत्र, परिवहन तथा संचार, कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधियों, ऊर्जा, सिंचाई तथा बाढ़ नियंत्रण इत्यादि को अतिरिक्त प्राथमिकता प्रदान की गई है।

सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए 2548 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है और 1095 करोड़ रुपये के प्रावधान सहित परिवहन तथा संचार को दूसरे स्थान पर रखा गया है। तीसरी प्राथमिकता कृषि तथा सम्बद्ध गतिविधियों को दी गई है और इसके लिए 844 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जबकि ऊर्जा क्षेत्र के लिए 682 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सिंचाई तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए 431 करोड़ रुपये, सामान्य आर्थिक सेवाओं के लिए 285 करोड़ रुपये, जबकि अन्य क्षेत्रों में 415 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड से ऋण पोषित ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि (आर.आई.डी.एफ)के अंतर्गत 653 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत सड़कों तथा पुलों के लिए 368 करोड़, ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 130 करोड़, लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 110 करोड़, सूक्ष्म सिंचाई तथा पॉलीहाउस के अलावा बाढ़ नियंत्रण तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति क्षेत्रों के लिए 38 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एच.सी. शर्मा की पुस्तक ‘स्ट्रैटजी फॉर डब्बलिंग फार्म इनकम इन हिमाचल प्रदेश’ का विमोचन किया।

गैर सरकारी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों का पंजीकरण

गैर सरकारी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों का पंजीकरण

शिमला:  प्रदेश में प्रत्येक जिले में खंड व उपमंडल स्तर पर महिलाओं को समाज में आत्मनिर्भर व स्वावलम्बी बनाने की निःस्वार्थ सेवा से जुड़े गैर सरकारी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों का पंजीकरण आरम्भ किया जा रहा है। सदस्य सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग संदीप नेगी ने आज यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी (समेकित बाल विकास स्कीम) शिमला को ऐसी संस्था व संगठनों के प्रधान व सचिव के नाम, दूरभाष नम्बर, तीन वर्षो की ऑडिट रिपोर्ट, सम्बन्धित स्थानीय पुलिस के प्रमाणपत्र सदस्य सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग शिमला सहित एक मार्च, 2018 तक भेजना सुनिश्चित करेंगें। ऐसी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों का हिमाचल प्रदेश सोसायटी पंजीकरण एक्ट, 2006 के तहत कम से कम तीन साल से पंजीकरण आवश्यक है। हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा ऐसी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों के लिए चार शर्ते निर्धारित की गई हैं। यह संगठन महिलाओं के उत्थान, महिला सशक्तीकरण तथा विपत्तिग्रस्त महिला के मददगार होने चाहिए। संगठन व इसके प्रत्येक सदस्य की छवि साफ-सुथरी होनी चाहिए। ऐसे संगठन या इसके सदस्य के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। गैर सरकारी संस्था व स्वयंसेवी संगठनों के लेखों का तीन वर्षो में ऑडिट करवाया जाना चाहिए।

पुराने पुराने बीमों में सबसे पहले करें कांट-छांट, बीमों को नया व सशक्त बनाना आवश्यक : डॉ. एस.पी. भारद्वाज

पुराने बीमों में सबसे पहले करें कांट-छांट, बीमों को नया व सशक्त बनाना आवश्यक : डॉ. एस.पी. भारद्वाज

  • बीमों की कांट-छांट के लिए आजकल का समय सही
  • पुराने बीमों को नया व सशक्त बनाना जरूरी, ताकि अच्छा मिले फल
  • पौधों को नमी मिलने के उपरांत ही खाद व उर्वरकों का लाभ
अधिक व कमज़ोर स्पर

अधिक व कमज़ोर स्पर

कांट-छांट कार्य पूरा होने पर वोर्डो मिक्चर जिसमें 2 किलो नीला थोथा तथा दो किलो चूना मिलाया जाता है

बागवानी विशेषज्ञ डा. एस.पी. भारद्वाज

बागवानी विशेषज्ञ डा. एस.पी. भारद्वाज

को 200 लिटर पानी में घोलकर छिडक़ाव करें, अभी इस छिडक़ाव को किया जा सकता है। इस छिडक़ाव से कैंकर रोग तथा अन्य फफूंद जनित रोगों को नियंत्रण करने में सहायता मिलती है और यह 85-90 दिन तक असरदार रहता है। बीमों की कांट-छांट विशेषकर 1 ईंच (2.5 सें.मी.) से अधिक लंबे जो पिछले 5-6 वर्षों से फल दे रहे हों, काट कर छोटा करें। बड़ी आयु के सेब बागीचों में 4-8 ईंच (10-20 सें.मी.) तक लंबे हो जाते हैं और यह सीधे न होकर छोटी-छोटी बीमें रूपी शाखओं में विभाजित हो जाते हैं। यह बीमें भोजन तो पूरा कर लेते हैं परंतु गुणवत्ता युक्त फल उत्पन्न नहीं कर पाते। इस प्रकार के बीमों को नया व सशक्त बनाना आवश्यक होता है जिससे अच्छी फल की प्राप्ति की जा सके। यह याद रखें कि कमजोर बीमे गुणवत्ता विहिन फल ही पैदा करते हैं और सशक्त व स्वस्थ बीमों से ही गुणवत्ता फल प्राप्ति की जा सकती है। अधिकतर बागवान इस पहलू पर ध्यान नहीं देते और कमजोर फल का ही उत्पादित कर पाते हैं। यदि बीमों की कांट-छांट कई वर्षों से ही नहीं की गई है तो केवल 35 प्रतिशत तक ही इनमें सुधार करें यानि पूरे बागीचे के बीमों में तीन वर्षों में सुधार करके इन्हें नयापन देकर स्वस्थ करके अच्छा फल प्राप्त किया जा सकता है। अत: बीमों की कांट-छांट पर विशेष ध्यान दें और यह कार्य आजकल सफलता पूर्वक किया जा सकता है। कांट-छांट का यह कार्य उन बीमों में सबसे पहले करें जो सबसे पुराने हैं और अधिक लंबे हैं। यह कार्य पूरे पौधों में अधिक से अधिक 35 प्रतिशत ही करें। बाकि बचे बीमों को अगले वर्ष तथा उसके बाद के बीमों को तीसरे वर्ष में पूर्व करें। इस विधि से हर वर्ष फल की प्राप्ति होती रहेगी और पौधों में नए बीमों के बनने की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चलती रहेगी। तीन वर्ष के बाद सभी बीमें सशक्त, सुदृढ़ व स्वस्थ होंगे और फल उत्पादन में भी गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

अधिक स्पर संख्या

अधिक स्पर संख्या

ऐसे सेब व अन्य शीतोष्ण फलों के बागीचे जिनमें खाद या सुपर फास्फेट की मात्रा नहीं डाली गई है, नमी के मिलने तक रूके रहें, नमी की उपलब्धता होने पर खाद व उर्वरकों का प्रयोग स्वीकृत मात्रा में करें। अगर नमी देरी से मिलती है तो इस कार्य को मार्च में भी किया जा सकता है। यह इसलिए आवश्यक है कि अभी पौधों की नमी को बचाकर रखना महत्वपूर्ण है। खाद व उर्वरकों का लाभ भी पौधों को नमी मिलने के उपरांत ही है। गोबर की गली-सड़ी खाद 100 किलो.ग्रा. तथा सुपर फास्फेट 2 किलो 200 ग्राम प्रति पौधे की दर से प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त क्यूरेट आफ पोटाश 1.500 ग्राम प्रति पौधे की दर से पौधों के बाहरी घेरे में तने से कम से कम 1 से 1.5 मीटर दूरी पर फैलाकर डालें और मिटटी की पर्त से ढक दें।

आठ डीएसपी इधर से उधर

आठ डीएसपी इधर से उधर

शिमला:प्रदेश  सरकार ने आठ एचपीएस अफसरों को इधर-उधर किया है। जानकारी के मुताबिक ऊना में डीएसपी (विजिलेंस और एसीबी) तैनात आशीष शर्मा को डीएसपी कुल्लू (मुख्यालय) लगाया गया है। लाहुल स्पीति के केलांग में डीएसपी तैनात संजय कुमार को वहां से इसी पद पर बिलासपुर भेजा है। बिलासपुर में डीएसपी तैनात सोमदत्त को मध्य रेंज मंडी में  डीएसपी (सीआईडी) लगाया गया है। वहीं, शिमला में तैनात डीएसपी (स्टेट नारकोटिक्स ड्रग्स) भोपिन्दर सिंह बरागटा को यहां से बदलकर सिरमौर जिले के कोलर स्थित छठी आईआरबी  में डीएसपी लगाया है।

उधर, सरकार ने मध्य रेंज मंडी में डीएसपी (सीआईडी) मनोहर लाल के यहां से ट्रांस्फर कर बरागटा के स्थान पर लगाया है। वहीं, छठी बटालियन कोलर में तैनात डीएसपी हरीश कुमार शर्मा को यहां से बदलकर लाहुल स्पीति के केलांग में डीएसपी लगाया गया है। डीएसपी कुल्लू अरुण मोदी को वहां से बदलकर डीएसपी करसोग लगाया गया है। जबकि करसोग के डीएसपी राम करण को वहां से ट्रांस्फर कर चंबा के सलूणी में डीएसपी लगाया है। इस संबंध में सरकार ने आदेश जारी करते हुए नई तैनाती वाले स्थानों पर तुरंत ज्वाइन करने को कहा है। याद रहे कि करसोग के डीएसपी राम करण ही इन दिनों जंजैहली में में चल रहे एसडीएम ऑफिस वाले बवाल के चलते इन दिनों जंजैहली में ड्यूटी दे रहे थे। जंजैहली, करसोग के डीएसपी के क्षेत्र तहत आता है।

शिमला : कार हादसे में भाजपा के पूर्व नेता की मौत

शिमला : कार हादसे में भाजपा के पूर्व नेता की मौत

शिमला : राजधानी शिमला के साथ लगते ब्यूलिया में एक कार हादसे में बीजेपी के पूर्व नेता को दर्दनाक मौत मिली है। राजधानी शिमला के मैहली-जुन्गा सड़क पर ब्यूलिया के पास सोमवार रात को कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान की दीवार तोड़ कर अंदर घुस गई। मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश्वर दत्त शिमला से जुन्ना जा रहे थे। इसी दौरान ब्यूलिया के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के साथ बने मकान में घुस गई। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें आईजीएमसी ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवा कर उसे परिजनों को सौंप दिया। जुन्गा डलयान के रहने वाले दिनेश्वर दत्त शर्मा पूर्व में भाजपा कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष रह चुके हैं।

 

पहले ही दिन करीब 500 लोगों ने किया विद्युत चालित टैक्सियों में सफर

पहले ही दिन करीब 500 लोगों ने किया विद्युत चालित टैक्सियों में सफर

  • विद्युत चालित टैक्सियों की संख्या बढ़ाने पर विचार करेगी सरकारः परिवहन मंत्री

शिमला: हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा शिमला में चलाई गई विद्युत चालित टैक्सियों ने सुचारू रूप से संचालन शुरू कर दिया है। गत दिनों मुख्यमंत्री द्वारा हरी झण्डी दिखाने के उपरान्त शिमला शहर में सभी चिन्हित रूटों पर टैक्सियों ने पहले ही दिन लगभग 275 किलोमीटर का सफर सफलतापूर्वक तय किया और वर्तमान में इसकी औसत 450 किलोमीटर तक पहुंच गई है। परिवहन मंत्री गोबिन्द सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए  बताया कि कि इन टैक्सियों में सफर करने के लिए आम जनता में भारी उत्साह देखा गया है। पहले ही दिन लगभग 500 लोगों ने इनमें सफर किया।

परिवहन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां प्रायोगिक आधार पर इन पर्यावरण मित्र टैक्सियों को चलाया जा रहा है। यहां तक की मैदानी क्षेत्रों वाले राज्यों में भी इस प्रकार के वाहनों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार टैक्सियों की सौ फीसदी सफलता के उपरांत इनकी संख्या बढ़ाकर इनका फ्लीट बढ़ाने पर विचार कर रही है।  इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि पैट्रोल की भी राष्ट्रीय बचत की जा सकेगी। इस समय परिहवन निगम द्वारा इलैक्ट्रिक बसों को भी इसी प्रकार प्रयोग के तौर पर कुल्लू-मनाली के आस-पास के इलाकों में चलाया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहते हैं तो भविष्य में अनके दूरगामी परिणाम होंगे।

परिवहन मंत्री ने निगम के अधिकारियों को इन टैक्सियों के सुचारू व नियमित संचालन के निर्देश दिए ताकि लोगों में इनकी लोकप्रियता बढ़े और पर्यावरण मित्र ऐसे वाहनों को राज्य में अधिक से अधिक संख्या में प्रोत्साहित किया जा सके।

जंजैहली प्रकरण में कुछ लोग प्रो. धूमल का नाम अनावशक तरीके से खींचने का कर रहे प्रयास : सीएम

जंजैहली प्रकरण में कुछ लोग प्रो. धूमल का नाम अनावशक तरीके से खींचने का कर रहे प्रयास : सीएम

शिमला: जंजैहली प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल का नाम अनावश्यक तरीके से घसीटने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसे शरारत बताते हुए कहा कि कुछ लोग मामले को अनावशक तरीके से खींचने का प्रयास कर रहे हैं। मामले को तूल देकर इस पर राजनीति करने की कोशिश की जा रही है। एस.डी.एम. कार्यालय को लेकर मचे बवाल के बीच सी.एम. जयराम ठाकुर ने कहा कि वह जल्द जंजैहली जाएंगे और मिल-बैठकर समस्या का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस मामले को अनावश्यक रूप दूसरी तरफ ले जाने की कोशिश की है। उनका कहना था कि हाईकोर्ट का आदेश था और सरकार के पास सिवाय पालन करने के और कोई रास्ता नहीं था। उन्होंने जनता से अपील की है कि वह इस समस्या का समाधान निकालेंगे। सी.एम. ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उनका कहना था कि जंजैहली में विकास के लिए जो भी करने को होगा, वह करेंगे और मिलकर विकास करेंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस मामले में कोई तकनीकी कमी रह गई और उसके कारण हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है और इस कारण वहां नाराजगी हुई है। उन्होंने कहा कि अब जंजैहली में शांति है और वे मिल-बैठकर इसका रास्ता निकालेंगे। उनका कहना था कि जंजैहली उनके क्षेत्र का हिस्सा है और वह जल्द वहां जाएंगे।