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हिमाचल : 338 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को मिलेगी अस्थाई नियुक्ति

हिमाचल : 338 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को मिलेगी अस्थाई नियुक्ति

शिमला: प्रदेश के उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में 338 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ.) को अस्थाई नियुक्ति दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों को बीएससी नर्सिंग कर चुकी उन उम्मीदवारों से भरा जाएगा जिन्होंने ब्रिज कोर्स पूरा कर लिया है।

उन्होंने कहा कि बीएससी नर्सिंग करने वालों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त ब्रिज कोर्स करवाया गया है। पहले बैच को राज्य के स्वास्थ्य उप-केन्द्रों में नियुक्ति दी जाएगी जिन्हें आरोग्य केन्द्रों के रूप में स्तरोन्नत किया गया है। उन्होंने कहा कि इन पदों को भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एच.एल.एल के माध्यम से भरा जाएगा जिसके लिए प्रदेश सरकार ने करार किया है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि सी.एच.ओ. द्वारा 12 संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों से सम्बन्धित अनिवार्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सी.एच.ओ. के माध्यम से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में सीमांत परिवारों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में और सुधार किया जाएगा। इससे इन परिवारों द्वारा स्वास्थ्य देखभाल के लिए अपनी जेब से खर्च की जानी वाली राशि में कमी आएगी और प्राथमिक देखभाल स्तर पर जन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयोग में भी बढ़ोतरी होगी। इससे द्वितीय और तृतीय स्तर पर देखभाल करने वाली संस्थाओं पर कार्यभोझ में भी कमी आएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सी.एच.ओ. तैनात करने से निवारण और प्रोत्साहक स्वास्थ्य जन गतिविधियां सुदृढ़ होंगी। इससे स्वास्थ्य आरोग्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सूचकांकों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। सी.एच.ओ. समुदायों के देखभाल और स्वास्थ्य सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों की जानकारी के लिए प्रथम केन्द्र होगा क्योंकि वे लोगों को असानी से उपलब्ध होंगे।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लोगों कोघर-द्वार के समीप बहुत ही कम दरों पर आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि उप-केन्द्रों उपलब्ध व्यापक स्वास्थ्य देखभाल पैकेज की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

प्रदेश विवि के पूर्व केंद्रीय छात्र संघ ने उठाई जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग

प्रदेश विवि के पूर्व केंद्रीय छात्र संघ ने उठाई जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग

  •  राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्पति को भेजा ज्ञापन

शिमला: जेएनयू में हुई हिंसा के मुद्दे को लेकर प्रदेश विश्वविद्यालय के भूतपूर्व केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारी एकजुट हो गए हैं और जेएनयू के कुलपति के पद से हटाने की मांग राष्ट्रपति से की है। पूर्व पदाधिकरियों ने शिमला में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के माध्यम से आज राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा ओर इस मामले में हस्तक्षेप कर कुलपति को हटाने की मांग की है। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के सदस्यों ने कहा कि जेएनयू एक ऐसा प्रतिष्ठित संस्थान है जो नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में देश के शिक्षण संस्थानों में दूसरे स्थान पर रहा है। जिस विश्वविद्यालय का निर्माण ही ऐसे छात्रों को शिक्षा देने के लिए किया गया है जो गरीब है या सामाज से जिन्हें अलग किया जाता है और उस विश्वविद्यालय में पहले तो फ़ीस बढ़ोतरी कर छात्रों को शिक्षा से दूर किया जा रहा है ओर जब इस निर्णय के खिलाफ़ छात्र आवाज उठाते है तो उनकी आवाज को दबाने के लिए उन पर हमले करवाए जा रहे हैं।

संघ के सदस्य और विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि जो हिंसा जेएनयू में हुई है वह उसका कड़ा विरोध करते है। उन्होंने कहा कि यह हिंसा इस विवि के कुलपति के इशारों पर ही ओर बीजेपी सरकार के संरक्षण पर की गई है। जानबूझकर छात्रों पर हमला किया गया है और यही वजह है कि वह जेएनयू के कुलपति को पद से हटाने की मांग राष्ट्रपति से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस हिंसा को हुए इतने दिनों का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पदाधिकारियों ने आगाह करते हुए कहा कि यदि कुलपति को नही हटाया जाता है तो वे जनता के बीच जा कर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

 

मंडी शहर के ऐतिहासिक घंटाघर की सालों से बंद पड़ी घड़ी को किया ठीक

मंडी शहर के ऐतिहासिक घंटाघर की सालों से बंद पड़ी घड़ी को किया ठीक

मण्डी : प्रदेश के जिला मण्डी   शहर के ऐतिहासिक घंटाघर की घड़ियों को कार मैकेनिक ने ठीक कर दिया है।  जिस घंटाघर की घड़ियों को ठीक करवाने के लिए कोलकात्ता से लाखों  रुपए खर्च करके कारीगर बुलाने पड़ते थे, उस घंटाघर की घड़ियों को एक कार मैकेनिक ने ठीक कर दिया है। मण्डी शहर के साथ लगते ब्राधीवीर में कार मैकेनिक का काम करने वाले सन्नी ने यह कार्य करके दिखाया है। सन्नी मूलतः मण्डी शहर के मंगवाई का रहने वाला है और पिछले करीब 32 साल से कार मैकनिक है। इससे पहले सन्नी घड़ियों की मरम्मत का कार्य भी करता था। सन्नी की इच्छा भी थी कि वह शहर के ऐतिहासिक घंटाघर को ठीक करने में अपना योगदान दे सके।

सन्नी की यह तमन्ना नगर परिषद तक पहुंची और नगर परिषद ने भी सन्नी को घड़ियों को ठीक करने का मौका दिया। सन्नी ने ऐतिहासिक घंटाघर के सारे मैकेनिज्म को समझा और इसकी मर्ज को ढूंढ निकाला। मर्ज का समाधान करते ही घड़ी की सुईयां दौड़ने लग गई है और सही समय दिखाना शुरू कर दिया। सन्नी ने बताया कि उसे घंटाघर को ठीक करके आनंद महसूस हो रहा है। घंटाघर में जो भी छोटी मोटी कमी रही होगी उसे भी जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। उन्होंने भविष्य में भी घंटाघर के लिए इसी तरह से अपनी सेवाएं देने की बात कही है।

वहीं नगर परिषद की अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने घंटाघर को ठीक करने के लिए सन्नी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि घंटाघर सही तरह चले, इसके लिए कोलकात्ता से कारीगर बुलाकर पूरी मरम्मत करवाई जाएगी। अगर जरूरत हुई तो कलपुर्जे भी बदले जाएंगें ताकि घंटाघर सही तरह से काम करे और जनता को सही समय बताए।

शिमला: आगामी बर्फबारी से निपटने के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश

शिमला: आगामी बर्फबारी से निपटने के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश

रीना ठाकुर/शिमला : जिला शिमला में हुई भारी बर्फबारी के बाद अब डोडराक्वार उपमण्डल एवं कुछ सम्पर्क मार्गों को छोड़कर सभी मुख्य सड़कें यातायात के लिए खुली हैं। यह जानकारी आज अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन ने यहां दी।उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्थानों पर जेसीबी, डोजर, रोबोट एवं श्रमिकों की तैनाती की गई है तथा साथ ही आगामी बर्फबारी से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आज लगातार बर्फबारी के मध्यनजर फागू ढली सड़क पर यातायात को सुचारु रखनें के लिए श्रमिकों एवं मशीनों की तैनाती की गई है ।  उन्होंने बताया कि बीच-बीच में होने वाली बर्फबारी से सड़कों पर फिस्लन बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से उन सड़कों पर पर्याप्त मात्रा में रेत फैलाई जा रही है ताकि लोगो को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने बताया कि बंद पड़ी सड़कों को सुचारू करने का कार्य यु़द्ध स्तर पर किया जा रहा है ताकि उन सड़कों को यातायात के लिए शीघ्र से शीघ्र खोला जा सके। उन्होंने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें जिला शिमला के सभी स्थानों पर निर्धारित समय पर भेजी जा रही है ताकि लोग अपने गणतव्य स्थानों पर समय  पर पहुंच सकें। 

उन्होंने बताया कि जिला में बर्फबारी के बाद किसी भी तरह की कोई दुर्घटना नहीं हुई है तथा पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय ऊपरी क्षेत्रों में गाड़ी चलाने से बचे। उन्होंने बताया कि जिला के सभी क्षेत्रों में पीने के पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है तथा कुछ क्षेत्रों में बाधित विद्युत आपूर्ति को सुचारू करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिमला शहर एवं जिला के अन्य क्षेत्रों में दूध, ब्रैड एवं दैनिक जरूरतों की आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सामान्य रूप से चल रही है।

उन्होंने बताया कि आगामी बर्फबारी से निपटने के लिए सभी विभाग एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन सेल के हेल्पलाईन नम्बर 1077 व दूरभाष नम्बर 0177-2800880, 2800881, 2800882, 2800883 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

हिमाचल: किन्नौर में भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, कई वाहन फंसे

किन्नौर के पुरबनी झूला के समीप चट्टानें गिरने से पीओ-पूह मार्ग अवरुद्ध, युद्धस्तर पर काम जारी

किन्नौर : किन्नौर के पुरबनी झूला के समीप शनिवार सुबह पहाड़ी से चट्टानें गिरने से एनएच-5 पीओ-पूह मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जिससे काजा की ओर जाने वाले यात्री इस अवरुद्ध मार्ग में फंस चुके हैं। सड़क बहाली के लिए बीआरओ के मजदूरों समेत मशीनें पहुंच गई हैं लेकिन पहाड़ों से लगातार गिर रही चट्टानों के बीच काम करना मुश्किल हो रहा है। उधर, जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे वाले 6 दर्जन से अधिक मार्ग बर्फ के कारण बन्द हैं, जिन्हें खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है।

वहीं इस बारे में बीआरओ ओसी 68 डीके राघव ने बताया कि पुरबनी झूले के साथ पहाड़ों से चट्टानें गिर रही हैं और ऐसे में सड़क पर काम करना मुश्किल है लेकिन मार्ग बहाल करने का प्रयास जारी है।

कुल्लू : लग्जरी कार में अचानक लगी आग…

कुल्लू : लग्जरी कार में अचानक लगी आग…

कुल्लू : कुल्लू जिला मुख्यालय के पास गांधीनगर में एक लग्जरी कार में अचानक आग लगने से कार जलकर राख हो गई। हालांकि आग की इस घटना में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना में 25 लाख का नुकसान हुआ है। दमकल की टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। दमकल विभाग ने 15 लाख की संपत्ति को आग से बचाया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।

दमकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात पौने बारह बजे सूचना मिली कि गांधीनगर में राजेश ठाकुर पुत्र पूर्ण चंद, निवासी गांधीनगर की एचपी 09-006 नंबर कार में आग लगी है। इसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। लग्जरी कार के साथ दो अन्य कारें भी थी। उन्हें आग की चपेट में आने से बचाया गया। पुलिस द्वारा मामले की जाँच की जा रही है।

 

लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक शिमला का “नारकंडा”

लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक शिमला का “नारकंडा”

  • कुदरत की रंगीन फिजाओं में बसा “नारकंडा”

लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक “हिमाचल का नारकंडा”

  • लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक “हिमाचल का नारकंडा”

हिमाचल की खूबसूरत वादियों को निहारने के लिए पर्यटक न केवल देशों से अपितु विदेशों से भी आते हैं। हरी-भरी वादियों से लबालब हिमाचल यहां बसने वालों के दिलों में तो बसता ही है। लेकिन बाहर से आने वाले पर्यटकों के दिल और आंखों में ऐसे बसता है कि जो भी एक बार यहां आता है वो बार-बार आना चाहता है। हिमाचल का एक ऐसा ही सुंदर पर्यटन स्थल है नारकंडा। जो बर्फ से ढके शक्तिशाली हिमालय पर्वत श्रृंखला और इसकी तलहटी पर हरे जंगलों का एक शानदार दृश्य प्रदान करता है। हिंदुस्तान-तिब्बत रोड पर 2708 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह भारत के लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। नारकंडा शहर के सभी पर्यटन स्थलों में हाटु पीक सबसे लोकप्रिय है क्योंकि यह यहाँ का उच्चतम बिंदु है। यहां की गगनचुम्बी पर्वत चोटियों की सुन्दरता एवं शीतल, शान्त वातावरण पर्यटकों को हमेशा मन्त्रमुग्ध किये रहता है।

देवदार और चीड़ के लम्बे वृक्ष, पूर्णिमा के चांद की रोशनी में धवल कैलाश श्रृखंलाएं, चारों ओर फैली सफेद बर्फ और गहरी घाटियां प्राकृतिक सौन्दर्य की अदभुत सम्पदा से लबालब नारकंडा बहुत ही खूबसूरत है। नारकंडा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से कुछ दूरी पर स्थित एक छोटी सी जगह है। शिमला से नारकंडा का सफर करीब ढाई-तीन घण्टे का है। बर्फ से ढकी हिमालय की कैलाश श्रृखंलाएं, मनमुग्धा चांदनी और घाटी में मोतियों जैसे चमकते घर लोगों को अपनी और आकर्षित करते हैं।

  • नारकंडा बस अड्डे से लगभग आठ किलोमीटर दूर हाटू मन्दिर

नारकंडा बस अड्डे से लगभग केवल 8 किमी. की दूरी पर स्थित है हाटू मन्दिर। चोटी पर होने के कारण इसे हाटू पीक कहते हैं। हाटु माता मंदिर, स्थानीय लोगों द्वारा पूजा का एक पवित्र स्थान के रूप में माना जाता है, लंबी पैदल यात्रा शिखर तक पहुंचने के लिए एकमात्र विकल्प है। मध्यम गर्मी के साथ, अप्रैल से जून के दौरान की जलवायु, इस जगह की यात्रा के लिए अच्छा समय है। मंदिर के अलावा वहां एक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस है, जो टूरिस्टों को आराम करने के लिए एक जगह उपलब्ध कराता है और चोटी पर एक तालाब है। धुमरी और जौबाग घास के मैदान के शानदार दृश्यों को भी इस चोटी से देखा जा सकता है। नारकंडा से सीधा रास्ता तिब्बत बॉर्डर को जाता है।

  • प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर पर्यटन स्थल मुख्य तौर पर स्कीइंग के लिये प्रसिद्ध

स्कीइंग और ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध, नारकंडा साहसिक उत्साही के लिये हिमालय पर्वत श्रृंखला की बर्फीली ढलानों पर

प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर पर्यटन स्थल मुख्य तौर पर स्कीइंग के लिये प्रसिद्ध

  • प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर पर्यटन स्थल मुख्य तौर पर स्कीइंग के लिये प्रसिद्ध

शीतकालीन खेलों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। कुदरत की रंगीन फिजाओं में बसा यह छोटा सा उपनगर आकाश को चूमती तथा पाताल तक गहरी पहाड़ियों के बीच घिरा हुआ है। ऊंचे रई, कैल व तोश के पेड़ों की ठण्डी हवा यहां के शान्त वातावरण में रस घोलती रहती है। यह शान्त तथा प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर पर्यटन स्थल मुख्य तौर पर स्कीइंग के लिये प्रसिद्ध है। स्थानीय बाजार से दो किलोमीटर दूर धमड़ी नामक स्थल पर स्कीइंग केन्द्र स्थित है। इस केन्द्र में प्रतिवर्ष जनवरी से मार्च महीने तक स्कीइंग के प्रशिक्षण शिविर लगाये जाते हैं।

नारकंडा छोटा सा पर्यटन केन्द्र है। फिर भी बाहर से आने वाले सैलानियों के रात्रि ठहराव हेतु यहां पर लोकनिर्माण विभाग तथा राज्य पर्यटन विभाग का गेस्ट हाउस व होटल हैं। यूं तो शिमला से नारकंडा को सवेरे जाकर शाम को आसानी से लौटा भी जा सकता है। शिमला से नारकंडा का तीन घण्टे का सफर बड़ा ही मजेदार व जोखिमभरा है। सांप जैसी बलखाती तंग सड़क के दोनों तरफ कहीं गहरी खाईयां तो कहीं आकाश को छूती चोटियां हैं, जिनको देखकर एक बार तो दिल सहम जाता है।

  • बाजार के मध्य में स्थित काली माँ का मन्दिर

महामाया मंदिर, समय और परिवर्तन की देवी काली को समर्पित, एक अन्य लोकप्रिय मंदिर नारकंडा में स्थित है। सैंकडों वर्ष पुराना यह मन्दिर मां काली का है। यहां से कैलाश पर्वत श्रृखंलाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। इतनी ऊंचाई पर होने के कारण यहां कोई रहता तो नहीं है, परन्तु यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और गुजरात के लोग आज भी श्रद्धा से आते हैं। इतना दुर्गम रास्ता होने पर भी यहां सैंकडों लोग पहुंच जाते हैं। इस मन्दिर में बिजली की सुविधाएं होने पर भी श्रद्धालुओं ने सोलर सिस्टम से यहां प्रकाश की व्यवस्था की है।

नारकंडा नगर के बीच से गुजरते उच्च मार्ग के दोनों तरफ बने छोटे से बाजार में खरीद-फरोख्त तथा काम-धन्धा करने आये ग्रामीणों का अक्सर जमघट लगा रहता है। बाजार के मध्य में स्थित काली मन्दिर के आसपास रंग बिरंगे वस्त्र पहने गांवों की महिलाएं अपने-अपने गंतव्य जाने के लिये आमतौर पर बसों का इंतजार करती हुई नजर आती हैं। काली मन्दिर के ठीक पीछे छोटी पहाड़ी पर कुछ तिब्बती परिवार भी रहते हैं जो कि यहां पर दुकानदारी तथा अन्य धन्धों में लगे हुए हैं। स्थानीय सड़कों के किनारे आते-जाते छोटे-छोटे बच्चों के कन्धों पर लटके बस्ते तथा हाथ में लहराती लकड़ी की तख्तियां उनके विद्यार्थी होने का आभास कराती हैं। यह भोले-भाले बच्चे बाहर से आने वाले सैलानियों को यूं निहारते रहते हैं मानों उनके चेहरों पर छाई मासूमियत सदैव उनका अभिनन्दन करती रहती हो।

  • शान्त वादी की सुन्दरता पर्यटकों को यहां ठहरने पर करती है मजबूर

हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित, हाटु चोटी, नारकंडा शहर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। 3300 मीटर की ऊंचाई पर, यह

शान्त वादी की सुन्दरता पर्यटकों को यहां ठहरने पर करती है मजबूर

चोटी शहर का उच्चतम बिंदु है और हिमालय रेंज के एक विहंगमदृश्य प्रदान करता है जिसमें इसके बर्फ के पहाड़, पाइन के घने जंगल, सेब के बगीचे, और हरे धान के खेत शामिल हैं।

जहां इस शान्त वादी की सुन्दरता पर्यटकों को यहां ठहरने पर मजबूर करती है वहीं यह जगह उन्हें अपनी रंगीनियों की मोहताज भी बना लेती है। देवदार और चीड़ के लम्बे वृक्ष, पूर्णिमा के चांद की रोशनी में धवल कैलाश श्रंखलाएं, चारों ओर फैली सफेद बर्फ और गहरी घाटियां। प्राकृतिक सौन्दर्य की अदभुत सम्पदा से भरी पूरी स्थली नारकंडा का दृश्य साकार हो उठता है। नारकंडा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से कुछ दूरी पर स्थित एक छोटी सी जगह है।

  • कैसे पड़ा नारकंडा का नाम

“नारकंडा” नाम कैसे पड़ा। बस स्टैण्ड के पास ही एक छोटी सी चट्टान है। मान्यता है कि इस पर कभी नाग देवता का वास हुआ करता था। लोगों ने वहां एक छोटा सा मन्दिर बनवा दिया। ‘कंडा’ का मतलब है कोई छोटी ढलानदार पहाड़ी। बस तभी से इसका नाम ‘नारकंडा’ पड़ गया। कहा जाता है कि यह कस्बा पठानों के आक्रमण के बाद बसना शुरू हुआ। मुहम्मद गौरी ने जब भारत पर आक्रमण किया तो बिहार और उत्तर प्रदेश के गरीब तबके के लोगों ने भागकर इन जगहों पर शरण ली और इसे सुरक्षित स्थान मानकर यहां के निवासी बन गये। 1803 में गोरखा आक्रमण पर यही लोग ढाल बनकर खड़े हो गये और गोरखाओं को पीछे हटना पड़ा। आजादी से पहले जब पूरे हिमालय में शिमला के अतिरिक्त कहीं और यात्रियों के रहने का

नारकंडा के आसपास के क्षेत्र भी अपनी अलग-अलग विशेषता लिये हुए

  • नारकंडा के आसपास के क्षेत्र भी अपनी अलग-अलग विशेषता लिये हुए

स्थान नहीं था तब अंग्रेजों ने नारकंडा को ही पर्यटन स्थल बना रखा था। उन्होंने यहां एक रेस्ट हाउस बना रखा था। उसमें लगभग 8-10 कमरे रहे होंगे जिनका आरक्षण सालों पहले हो जाया करता था। कमरे न मिलने पर भी अंग्रेज यहां आते और तम्बू लगाकर छुट्टियां व्यतीत करते थे। उस समय अच्छे गाइड भी हुआ करते थे जो पूरे हिमालय के बारे में जानकारी देते थे। वे लोग अच्छे महाराज भी हुआ करते थे। अंग्रेज उनकी सेवाओं से हमेशा प्रसन्न रहते थे।

  • नारकंडा के आसपास के क्षेत्र भी अपनी अलग-अलग विशेषता लिये हुए

नारकंडा के आसपास के क्षेत्र भी प्राकृतिक सौन्दर्य तथा अपनी-अपनी अलग-अलग विशेषता लिये हुए है। थानाधार एक ऐसी ही जगह है। यहां अमेरिका से आये सत्यानन्द स्टोक्स जिनका वास्तविक नाम सेमयुल स्टोक्स था नामक पादरी रहते हैं। उन्होंने एक भारतीय हरिजन लड़की से विवाह करके हिन्दु धर्म ग्रहण किया और अपना नाम सत्यानन्द स्टोक्स रखा। उन्होंने थानाधार की ऊपरी पहाड़ी पर एक सुन्दर मन्दिर बनवाया, जिस पर गीता के उपदेश लकड़ी की नक्काशी करके खुदवाये गये। यह मन्दिर उस समय की काष्ठकला का अद्वितीय नमूना है।

  • अमेरिका से लाया गया सेब का पौधा भी स्टोक्स ने सबसे पहले थानाधार में ही लगाया

अमेरिका से लाया गया सेब का पौधा भी स्टोक्स ने सबसे पहले थानाधार में ही लगाया

  • अमेरिका से लाया गया सेब का पौधा भी स्टोक्स ने सबसे पहले थानाधार में ही लगाया

थानेदार में स्थित प्रसिद्ध स्टोक्स फार्म, नारकंडा से थोड़ी दूरी पर स्थित है, जिसे व्यापक रूप से अपने सेब के बगीचे के लिए मान्यता प्राप्त है और एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी है। ये फार्म एक अमेरिकी आदमी सैमुअल स्टोक्स की विरासत है, जिसने 18वीं सदी की शुरूआत में इसे शुरू किया। अमेरिका से लाया गया सेब का पौधा भी स्टोक्स ने सबसे पहले थानाधार में ही लगाया। थानाधार में कोटगढ़ नामक स्थान पर सेब के बगीचे अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। इन क्षेत्रों को एप्पल बेल्ट भी कहा जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

वीरभद्र सिंह के अधिकारियों को निर्देश : विधायक निधि के साथ अन्य विकास कार्यों में भी तेजी लाने के हों प्रयास

वीरभद्र सिंह बोले : विधायक निधि के कार्य निश्चित समय में किए जाएं पूरे

शिमला: अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज शिमला में अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में अर्की उपमंडल के अधिकारी एसडीएम विकास शुक्ला सहित सभी अधिकारी मौजूद थे।

वीरभद्र सिंह ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायक निधि के साथ साथ अन्य विकास कार्यों में तेजी लाने के पूरे प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के कार्य निश्चित समयबद्ध में पूरे किए जाए।

एसडीएम विकास शुक्ला ने अर्की विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बैठक में बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान विधायक निधि से चल रहे 90 प्रतिशत कार्य प्रगति पर है।उन्होंने कहा कि वह स्वम् सभी कार्यों का समय समय पर निरीक्षण करते है। सभी कार्य संतोषजनक ढंग से पूरे किए जा रहे हैं। बैठक में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अधिशासी अभियंता, लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

हिमाचल भाजपा के नए अध्यक्ष पद पर डॉ. बिंदल की ताजपोशी

हिमाचल भाजपा के नए अध्यक्ष पद पर डॉ. बिंदल की ताजपोशी

  • भाजपा राष्ट्रीय परिषद के लिये चार नामों की घोषणा
  • समारोह में वरिष्ठ नेता शांता कुमार और पूर्व सीएम प्रो. धूमल निजी कारणों से नहीं हो सके शामिल
  • प्रो. धूमल और शांता कुमार का शुभकामना संदेश समारोह में पढ़कर सुनाया गया

शिमला: हिमाचल प्रदेश भारतीय जतना पार्टी के नए अध्यक्ष पद पर डॉ. राजीव बिंदल की ताजपोशी हो गई है। भाजपा राष्ट्रीय सचिव एवं पर्यवेक्षक सुनील देवधर ने राजीव बिंदल की हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा की। ताजपोशी में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, भाजपा राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडेय सहित तमाम मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। ताजपोशी में पुर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल निजी कारणों से इस समारोह में शामिल नहीं हो सके। प्रो. प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार का शुभकामना संदेश समारोह में कार्यकर्ताओं को पढ़ कर सुनाया गया। समारोह में प्रदेशभर से सैंकड़ों कार्यकर्ता जोश और उत्साह के साथ ढोल नगाड़ों और पारंपरिक परिधान के साथ पहुंचे।

इसके अलावा भाजपा राष्ट्रीय परिषद के लिये चार नामों की घोषणा भी की गई जिसमें कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से रीता धीमान, मंडी संसदीय क्षेत्र से राकेश जम्वाल, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से राजेंद्र गर्ग और शिमला संसदीय क्षेत्र से सुखराम चौधरी के नाम राष्ट्रीय परिषद के लिये मनोनीत किये गए।

  • उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास डॉ. बिंदल के नेतृत्व में संगठन छुएगा बुलंदियां: सत्ती

समारोह को सम्बोधित करते हुए भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती’ ने कहा कि करीब 9 वर्षों तक एक-एक कार्यकर्ता से मिलने, उनको समझने और सीखने का मौका मिला। इस दौरान उन्हें सभी का भरपूर सहयोग और आशीर्वाद मिला। संगठन के लिए सभी की शक्ति से काम करने का प्रयास किया, आज हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष पद से रिटायरमेंट पर संतोष है कि संगठन उन्नति के शिखर ओर अग्रसर हो रहा है । संगठन में आज एक बेहतरीन कार्यकर्ता और कुशाग्र नेता डॉ. राजीव बिंदल के हाथों संगठन की कमान सौंपने का अवसर मिला है। उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है इनके नेतृत्व में संगठन बुलंदियां छुएगा। सरकार और संगठन ने पहले भी मिलकर काम किया है और भविष्य में भी ये परिपाटी जारी रहेगी।

  • डॉ. बिंदल चुनावी राजनीति में जीत दर्ज करने वाले नेता : सुनील देवधर

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पर्यवेक्षक सुनील देवधर ने कहा कि भाजपा के साढ़े छः करोड़ वेरिफाइड कार्यकर्ता देश भर में है। उन्होनें कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अहंकार और घमंड से कोसों दूर है। देवधर ने दावा किया कि भाजपा की सरकार को रिपीट करने की क्षमता जयराम ठाकुर में है और अब डा. बिंदल के साथ प्रदेश में दो बड़े कुशल और जुझारू नेता पहली बार प्रदेश में सरकार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए काम करेंगे।

हिमाचल प्रभारी एवं बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि डॉ. बिन्दल 1978 में मात्र 13 साल की उम्र के स्वयंसेवक बन गए थे। उन्होनें

डॉ. बिंदल बोले: जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उसे पूरी निष्ठा, विश्वास और समर्पण के साथ निभाऊंगा

डॉ. बिंदल बोले: जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उसे पूरी निष्ठा, विश्वास और समर्पण के साथ निभाऊंगा

कहा कि बिंदल जी ने बचपन से ही अपने आप को देश के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होनें कहा कि डॉ. बिंदल चुनावी राजनीति में जीत दर्ज करने वाले नेता हैं। इस अवसर पर उन्होनें डॉ. बिंदल को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

  • डॉ. बिंदल के नेतृत्व में भाजपा सरकार को पहली बार रिपीट करने में अवश्य सफल होगी : अनुराग

केन्द्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल मे भाजपा के लिए सराहनीय योगदान रहा। उन्होनें आशा व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. बिंदल के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश में सरकार को पहली बार रिपीट करने में अवश्य सफल होगी। विधान सभा अध्यक्ष के नाते कानूनी और वैधानिक बाधाएं रहती थी, लेकिन अब संगठन में खुलकर काम करने का पूर्ण अवसर मिलेगा तथा संगठन को भी इसका भरपुर फायदा मिलेगा।

  • डॉ. बिंदल के लम्बे राजनैतिक अनुभव का फायदा पार्टी को अवश्यरूप से मिलेगा : रमेश पोखरियाल

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं पर्यवेक्षक रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने कहा कि डॉ. बिंदल संगठनात्मक दृष्टि से बेहद संवेदनशील व्यक्ति है। सभी को साथ लेकर नेतृत्व की क्षमता और जुझारूपन उनमें मौजूद है। उन्होनें डॉ. बिन्दल को प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि इनके पास काफी लम्बा संगठनात्मक अनुभव है और पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों का निर्वहन बखूबी कर चुके हैं। इनके लम्बे राजनैतिक अनुभव का फायदा पार्टी को अवश्यरूप से मिलेगा और भाजपा हिमाचल प्रदेश का संगठन और अधिक मजबूती से कार्य करेगा।

  • डॉ. बिंदल बोले: जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उसे पूरी निष्ठा, विश्वास और समर्पण के साथ निभाऊंगा

समारोह को सम्बोधित करते हुए डॉ. बिन्दल ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होनें सतपाल सिंह सत्ती संगठन की रीढ़ बताते हुए कहा कि उन्होनें त्रिदेव और बूथ लेवल मैनेजमेंट के साथ पन्ना प्रमुख जैसा कठिन काम करके प्रदेश में पहले विधानसभा चुनाव जीत कर सरकार बनाने का काम किया। उसके बाद लोकसभा चुनाव में रिकार्ड जीत दर्ज करवाई। प्रदेश में दो विधानसभा उप चुनाव जीत कर रिकार्ड बनाने में सत्ती की टीम का कार्य सराहनीय रहा।

बिंदल ने कहा कि हिमाचल के लिए यह गौरव की बात है कि देश और दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा बनने जा रहे हैं। ये हिमाचल के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि और सम्मान का विषय है। बिंदल ने सभी को विश्वास दिलाया की जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उस पर पूरी निष्ठा, विश्वास और समर्पण के काम करने का वादा किया। उन्होनें कहा कि पार्टी प्रदेश में समर्पण, समरसता, समन्वय और सेवा के साथ काम करेगी।

  • अब राजीव बिंदल को मिल गयी आज़ादी और संगठन को मजबूत करने का मिल गया काम: जयराम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राजीव बिंदल को अध्यक्ष बनने पर बधाई देते हुए कहा है कि संगठन का काम आ डॉक्टर के पास है जो नब्ज देख कर मर्ज का पता लगा लेते है और ईलाज ऐसा होता है जिसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है। राजीव बिंदल की दो वर्षों में बोलती बंद थी। न चाहते हुए भी पद की गरिमा का सम्मान करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर दो साल स्वर्णिम काम किया। लेकिन अब राजीव बिंदल को आज़ादी मिल गयी है और संगठन को मजबूत करने का काम मिल गया है। संगठन से सरकार बनती है। सरकार को चलाने में कार्यकर्ता और संगठन का सहयोग जरूरी होता है। सरकार ने दो साल में कई अभूतपूर्व काम किये हैं। विपक्ष के पास सरकार को घेरने का कोई मुद्दा नहीं है। लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की जिसका श्रेय सभी कार्यकर्ताओं को जाता है। अगले चुनाव के लिए कार्य करने का काम शुरू हो गया ही जिसकी जिम्मेदारी राजीव बिंदल को पार्टी ने सौंपी है। सरकार और संगठन दोनों को मिलकर 2022 के लिए काम करना है। 50 सीटों को जीतकर 2022 में फिर से बीजेपी की सरकार बनानी है। पांच साल बाद सरकार बदलने का सिलसिला बदलना होगा और इस बार भाजपा इसे करके दिखाएगी।

 

161 करोड़ से बनेंगी हिमाचल की 39 सड़कें और 5 पुल, नाबार्ड ने की 44 परियोजनाएं स्वीकृत

161 करोड़ से बनेंगी हिमाचल की 39 सड़कें और 5 पुल, नाबार्ड ने की 44 परियोजनाएं स्वीकृत

शिमला: नाबार्ड ने गत दिवस हिमाचल प्रदेश के लिए 161.35 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इनमें 39 सड़क परियोजनाएं और पांच पुल परियोजनाएं शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के पक्ष में स्वीकृत की गई इन परियोजनाओं में 143.13 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण, 60.68 किलोमीटर सड़कों का स्तरोन्नयन और मैटलिंग-टारिंग और पांच पुलों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ-25) के अंतर्गत सड़क व पुल की परियोजनाएं मंजूर करने के लिए नाबार्ड का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा प्रदान करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेषकर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए नाबार्ड का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहां सड़कें यातायात का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने परियोजनाएं तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बधाई देते हुए तुरंत निविदाएं आमंत्रित करने और इन परियोजनाओं पर कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि विभाग इन परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में आरआईडीएफ-25 के अंतर्गत 464.83 करोड़ रुपये की 115 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें 102 सड़क परियोजनाएं और 13 पुल परियोजनाएं शामिल हैं।नाबार्ड ने हिमाचल के लिए 161.35 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाएं मंजूर की

नाबार्ड ने गत दिवस हिमाचल प्रदेश के लिए 161.35 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इनमें 39 सड़क परियोजनाएं और पांच पुल परियोजनाएं शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के पक्ष में स्वीकृत की गई इन परियोजनाओं में 143.13 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण, 60.68 किलोमीटर सड़कों का स्तरोन्नयन और मैटलिंग-टारिंग और पांच पुलों का निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ-25) के अंतर्गत सड़क व पुल की परियोजनाएं मंजूर करने के लिए नाबार्ड का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा प्रदान करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेषकर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए नाबार्ड का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहां सड़कें यातायात का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने परियोजनाएं तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बधाई देते हुए तुरंत निविदाएं आमंत्रित करने और इन परियोजनाओं पर कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि विभाग इन परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में आरआईडीएफ-25 के अंतर्गत 464.83 करोड़ रुपये की 115 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें 102 सड़क परियोजनाएं और 13 पुल परियोजनाएं शामिल हैं।