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छोटे बिजली उत्पादकों से बिजली खरीदेगा राज्य विद्युत बोर्ड : मुख्यमंत्री

छोटे बिजली उत्पादकों से बिजली खरीदेगा राज्य विद्युत बोर्ड : मुख्यमंत्री

  • बिजली उत्पादक अन्य इच्छुक खरीदारों को बिजली बेचने के लिए स्वतंत्र

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां भारत सरकार और बहुद्देशीय परियोजनाओं, ऊर्जा विभाग, एनइएस और हिमाचल सरकार के सहयोग से हाइड्रो पावर ड्वेल्पर्स और हिमालय पावर प्रोड्यूसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘हिमाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं का तीब्र विकास’ विषय पर संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि बिजली उत्पादकों की सहायता और बिजली क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए 25 मेगावॉट क्षमता तक की छोटी बिजली परियोजनाओं द्वारा उत्पादित बिजली को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदेगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 27 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता की पहचान की गई है और इसका पूरी तरह से दोहन होने पर राज्य की अर्थव्यवस्था को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक 10547 मेगावाट विद्युत क्षमता का ही दोहन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी से वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 182 मेगावाट क्षमता का उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार बिजली उत्पादकों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे वे आसानी से राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादक अन्य इच्छुक खरीदारों को बिजली बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली उत्पादकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली परियोजनाओं की स्थापना को मंजूरी प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली उत्पादकों की सभी व्यवहारिक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्युत नीति में आवयश्क संशोधन किए हैं ताकि इसे निवेशकों के लिए अनुकूल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए त्वरित वन स्वीकृति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों को परियोजनाओं के निर्माण से अनावश्यक देरी से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान विद्युत और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में निवेशकों के कल्याण के लिए कुछ प्रमुख पहलें की गई हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि बिजली क्षेत्र में अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने भविष्य में लगने वाली परियोजनाओं के लिए पहले 12 वर्षों के लिए 12 प्रतिशत की दर से रॉयल्टी स्थगित कर दी है जो बिजली उत्पादकों को अत्याधिक लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इससे बिजली उत्पादकों को परियोजनाओं के प्रारम्भिक वर्षों में ऋण और ब्याज का भुगतान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए आगामी परियोजनाओं में एक लाख रुपये प्रति मेगावाट की दर से अग्रिम भुगतान शुल्क लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 3.34 लाख मैगावाट बिजली पैदा की जा रही है जो चीन के मुकाबले बहुत कम है, जहां 16.74 लाख मेगावाट बिजली तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि देश तथा राज्य में मौजूद क्षमता का पूरी तरह दोहन करने के लिए विद्युत क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना शेष है।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विकास के  क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साई इंजीनियरिंग फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुनीश शर्मा, पी.सी. पंत, तरूण कपूर, एस.एन. कपूर, अजय कुमार शर्मा, केशव रेड्डी और हरीश गुलेरिया को ऊर्जा उत्पादक संघ की ओर से सम्मानित किया।

बोनाफाईड हिमाचली हाइड्रो डेवेल्पर्ज तथा हिमालय पावर प्रोड्यूसर एसोसियेशन ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को 11 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भेंट किया।

बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्रों में राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्जीवन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए सरकार ने कुछ कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने भी राज्य सरकार के इस दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा नीति को निवेशक मित्र बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा ट्रांसमिशन पर बल दिया जाएगा ताकि स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों को बिजली बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा उत्पादकों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरूण कपूर ने सेमिनार में सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि राज्य अगले पांच वर्षों में निजी क्षेत्र में 5000 मेगावाट का दोहन करने में सफल रहता है, तो राज्य 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण समय में काफी कमी लाई जाए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन पर प्रस्तुति भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना के लिए तीव्र वन स्वीकृतियां के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

बोनाफाइड हिमाचली जल विद्युत उत्पादक एसोसियेशन के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य के विद्युत उत्पादक हिमाचल प्रदेश को देश का ऊर्जा राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है, जिसके लिए सरकार का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए वन स्वीकृति बहुत बड़ी अड़चन है, क्योंकि इसकी प्रक्रिया काफी जटिल और उबाऊ है और इसे सरल करने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनकी विभिन्न मांगों के शीघ्र समाधान के लिए आग्रह किया।

हिमालय ऊर्जा उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरूण कुमार ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कारपोरेट अफेयर्ज, जे.एस.डब्ल्यू ऊर्जा लिमिटेड के सह-उपाध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश में जल विद्युत पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

ऊर्जा निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अजय ठाकुर ने भी इस अवसर पर अपनी प्रस्तुति दी।

 

बीएससी वेटरनेरी साइंस और कृषि में चयनित अभ्यर्थी ले सकते हैं 25 जुलाई तक दाखिला

बीएससी वेटरनेरी साइंस और कृषि में चयनित अभ्यर्थी ले सकते हैं 25 जुलाई तक दाखिला

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने बीएससी वेटरनेरी साइंस और कृषि की काउंसलिंग का परिणाम घोषित कर दाखिले का शेड्यूल जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थी अपने मूल प्रमाणपत्रों सहित 25 जुलाई तक दाखिला ले सकते हैं।  इसके बाद 27 जुलाई को खाली सीटों की सूची जारी होगी। दाखिले के समय सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फीस भरनी होगी। बीएससी वेटरनेरी साइंस में 38 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

बीएससी कृषि के लिए सामान्य वर्ग के लिए 20, अनुसूचित जाति के लिए पांच, डिफेंस, स्पोर्ट्स, वार्ड ऑफ एक्स सर्विस मैन, अन्य पिछड़ा वर्ग, राजपूत पंचायत और कश्मीरी के लिए एक-एक सीट, दिव्यांगों के लिए दो और अन्य के लिए तीन सीटों सहित 40 सीटें आरक्षित की गई हैं।

52 सीटें पैसा भुगतान करने की सीट के रूप में रखी गई हैं। जमा दो कक्षा की मेरिट के आधार पर बीएससी होटल मैनेजमेंट के लिए 23 बच्चों की सूची जारी कर दी है। बीटेक फूड टेक्नालॉजी के लिए 35 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं और 52 अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में दाखिले के लिए रखा गया है। इनकी सूचना विश्वविद्यालय की साइट में डाली गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 25 जुलाई तक मूल प्रमाण पत्रों सहित प्रवेश लेना होगा। दाखिला फीस भी विश्वविद्यालय के खाते में ऑनलाइन देनी होगी।

बीएससी वेटरनेरी, बीएससी कृषि, बीटेक इन फूड टेक्नालॉजी और बीएससी होटल मैनेजमेंट में खाली सीटों की सूची 27 जुलाई को विवि कैंपस में लगाई जाएगी।

कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के रजिस्ट्रार सतीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग का परिणाम निकालकर प्रवेश के लिए तिथियां निर्धारित कर दी हैं। कृषि विवि की वेबसाइट में जानकारी ले सकते हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने विक्रमादित्य के खिलाफ दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने विक्रमादित्य के खिलाफ दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट

शिमलाः मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जूझ रहे हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को ईडी ने अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में उसने वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य को आरोपी बनाया है। अदालत इस अनुपूरक चार्जशीट पर 24 जुलाई को विचार करेगी। मामले में इससे पहले 25 अप्रैल को वीरभद्र पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए थे। उस दिन ही कोर्ट ने दस्तावेजों का परीक्षण किया था। वहीं, 22 मार्च को कोर्ट ने वीरभद्र और उनकी पत्नी समेत सभी नौ आरोपियों को 50-50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी थी। हालांकि कोर्ट ने दोनों को कहा था कि वे आरोप तय होने के बाद कोर्ट में पेश हों।

पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने इस मामले को 24 जुलाई को विचार करने के लिए तय किया, जब वह फैसला करेंगे कि अंतिम रिपोर्ट की संज्ञान लेना है या नहीं।

उल्लेखनीय है कि आनंद चौहान को ईडी ने 8 जुलाई 2017 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच एजेंसी ने वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा यूनिर्वसल एप्पल एसोसिएट के मालिक चुन्नी लाल चौहान, प्रेम राज और लवण कुमार रोच को आरोप पत्र में नामजद किया है। इन पर मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।

ईडी का आरोप है कि वीरभद्र ने 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाई है जो कि पूरी तरह अवैध है। इतना ही नहीं, उनके आरोप के मुताबिक काले धन को उन्होंने अन्य आरोपियों व आनंद सिंह की मदद से बीमा में निवेश किया। सीबीआई की शुरुआती जांच में पाया गया कि वीरभद्र ने 6.3 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है और अपने पद का दुरुपयोग किया।

हिमाचल में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल, एक दिन में करोड़ों का नुकसान

हिमाचल में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल, एक दिन में करोड़ों का नुकसान

शिमला: हिमाचल में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल से एक दिन में करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। यूनियनों ने सूबे के करीब 80 हजार ट्रक, कैंटर और पिकअप वाहन खड़े रहने का दावा किया है।

औद्योगिक हब बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ (बीबीएन) में ही माल ढुलाई का काम ठप होने से 300 करोड़ रुपये की चपत लगी है। जबकि ट्रक ऑपरेटरों को अलग से 4 करोड़ की क्षति उठानी पड़ी है।

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र ऊना, पांवटा साहिब, कालाअंब समेत अन्य जिलों में भी करीब 200 करोड़ का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को दिन भर फार्मा और अन्य उद्योगों से माल नहीं उठाया गया। प्रदेश के तीन बड़े सीमेंट प्लांट से ढुलाई ठप रही।

हरीश ठाकुर, अध्यक्ष, ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन: हड़ताल के चलते फिलहाल ट्रक प्रदेश से बाहर नहीं जा रहे हैं। कुछ ट्रक रवाना हुए हैं, वह अपने जोखिम पर गए हैं। दिल्ली से हड़ताल को लेकर अपडेट ले रहे हैं। प्रदेश में सप्लाई नहीं रोकी है।

सहकारी प्रशिक्षण संस्थान शिमला को लगातार छठी बार प्रथम पुरस्कार

सहकारी प्रशिक्षण संस्थान शिमला को लगातार छठी बार प्रथम पुरस्कार

  • राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा चुने गए नैफस्कॉब के उपाध्यक्ष

शिमला: हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा को देश के सहकारी बैंकों की राष्ट्र स्तरीय शिखरीय संस्था नैफस्कॉब के आज मुम्बई में आयोजित आम अधिवेशन व संचालक मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया। बालनाहटा का चयन राष्ट्रीय फेडरेशन के उत्तरी क्षेत्र के तहत आने वाले सहकारी बैंकों के तय जोन से हुआ। इसमें हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर एवं संघीय क्षेत्र चण्डीगढ़ शामिल हैं। इससे पहले ही अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान बालनाहटा फेडरेशन के निदेशक मंडल में रह चुके हैं।

बालनाहटा ने समस्त निदेशक मंडल का उनको उपाध्यक्ष पद पर चयनित करने के लिए आभार व्यक्त किया है तथा कहा है कि वे सहकारी क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के विभिन्न विषयों को उचित मंच पर उठाते रहेंगे ताकि प्रदेश में सहकारी आन्दोलन को नई दिशा दी जा सके और सहकारी संस्थाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सके।

बालनाहटा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी बैंकों के क्षेत्र में बेहतर कार्य प्रणाली का परिचय दिया है और सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों की श्रेणी में राज्य ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया। इस अवसर पर नैफस्कॉब द्वारा हिमाचल प्रदेश सहकारी प्रशिक्षण संस्थान एसीएसटीआई सांगटी शिमला को सर्वश्रेष्ठ गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण कार्य निष्पादन की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक प्रशिक्षण संस्थान को यह पुरस्कार लगातार छठी बार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सहकारी बैंक प्रशिक्षण संस्थान शिमला नाबार्ड द्वारा संचालित बैंकर्स ग्रामीण विकास संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाणिकतायुक्त संस्थान है, जिसे वर्ष 2016 में ए श्रेणी से अलंकृत किया गया था। यह संस्थान प्रशिक्षण के अलावा बैंकिंग व सहकारिता क्षेत्र में नवीन शोध व परामर्श सेवाएं प्रदान कर कमजोर सहकारी सभाओं के उत्थान के लिए विशेष कार्य कर नई पहचान बनाने में सफल रहा है।

बालनाहटा ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में लोकप्रिय एवं ऊर्जावान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में राज्य सहकारी बैंक अपनी 218 शाखाओं व 23 विस्तार पटलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों की आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण व उत्थान हेतु घर-द्वार पर समस्त बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है।

हिमाचल सेब के प्रापण के लिए मंडी मध्यस्थता योजना को मंजूरी

हिमाचल सेब के प्रापण के लिए मंडी मध्यस्थता योजना को मंजूरी

शिमला: राज्य सरकार ने वर्ष 2018 के दौरान राज्य में सेब के प्रापण के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी प्रदान की है। यह योजना 20 जुलाई, 2018 से 31 अक्तूबर, 2018 तक कार्यान्वित की जाएगी।

बागवानी विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि मण्डी मध्यस्थता योजना 2,29,136 मीट्रिक टन सेब के प्रापण के लिए क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए प्रापण मूल्य 7.50 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। हैंडलिंग चार्जिज 2.75 रुपये प्रति किलोग्राम जबकि अनुमानित बिक्री प्राप्ति 3.50 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। योजना के अन्तर्गत फल उत्पादकों की मांग के अनुरूप 279 प्रापण केन्द्र खोले जाएंगे, जिनमें से 162 एकत्रण केन्द्र एचपीएमसी द्वारा जबकि 117 केन्द्र हिमफैड द्वारा खोले तथा संचालित किए जाएंगे, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा 258.46 लाख रुपये की राशि (152.28 लाख एचपीएमसी तथा 105.18 लाख हिमफैड के लिए) प्रदान की जाएगी।

फलों का प्रापण वाष्पन उत्सर्जन तथा श्वसन नुकसान के दृष्टिगत 2.5 प्रतिशत अधिक फलों सहित 35 किलोग्राम की बोरियों में किया जाएगा। योजना के अन्तर्गत 51 मिली मीटर व्यास से अधिक सेब का ही प्रापण किया जाएगा। खराब छाल अथवा पक्षियों द्वारा खाए गए फलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कीटों/दवाइयों के कारण दुषित तथा फंफूद बीमारी व स्कैब युक्त फलों को भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। एथरोल स्प्रे युक्त फल को भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, ओलावृष्टि से हल्के नुकसान, देखने में खराब व विकृत फलों का प्रापण किया जाएगा।

वन भूमि से बड़े कब्जाधारियों के अवैध कब्जे हटाने को इको टास्क फोर्स की मदद ली जाए : हाइकोर्ट

वन भूमि से बड़े कब्जाधारियों के अवैध कब्जे हटाने को इको टास्क फोर्स की मदद ली जाए : हाइकोर्ट

शिमला: हिमाचल की वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने को लेकर हिमाचल हाई कोर्ट ने अपना रुख ओर कड़ा कर दिया है। अवैध कब्जों की लेकर आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने आदेश दिए कि अवैध कब्जों को हटाने में यदि कोई समस्या आ रही है तो इसके लिए इको टास्क फोर्स की मदद ली जाए। कोर्ट ने बड़े अवैध कब्जाधारियों को चयनित कर उनके अवैध कब्जों को भी हटाने के आदेश जारी किए है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 24 जुलाई को होगी।

चार मंत्रियों को लोकसभा चुनावों के लिए संसदीय पालक की जिम्मेवारी सौंपी

चार मंत्रियों को लोकसभा चुनावों के लिए संसदीय पालक की जिम्मेवारी सौंपी

शिमला: हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार के चार मंत्रियों को लोकसभा चुनावों के लिए संसदीय पालक की जिम्मेवारी सौंप दी है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने शुक्रवार को इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी कर दी। सत्ती ने चारों संसदीय क्षेत्रों में संसदीय पालकों की नियुक्ति की है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार को कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का पालक नियुक्त किया गया है। इसी तरह वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को मंडी, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र सिंह कंवर को हमीरपुर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सहजल को शिमला संसदीय क्षेत्र का पालक नियुक्त किया गया है।

सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि सभी संसदीय पालक अपने अपने संसदीय क्षेत्रों में केंद्र तथा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाएंगे तथा साथ ही पार्टी द्वारा दिए गए कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेवारी भी संसदीय पालकों पर रहेगी।

 

कांगड़ा को-ऑपरेटिव सोसायटी मामलाः बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का निलंबन लिया वापस

कांगड़ा को-ऑपरेटिव सोसायटी मामलाः बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का निलंबन लिया वापस

शिमला: कांगड़ा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जगदीश चंद सिपहिया सहित सभी निर्वाचित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को निलंबित करने वाले आदेशों को रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी ने वापस ले लिया है। इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिका को बंद करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने भी अपनी याचिका वापस ले ली है।

रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से एडवोकेट जनरल को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को 6 अप्रैल 2018 को जारी कारण बताओ नोटिस तकनीकी कारणों से वापिस लिया गया है। सरकार की ओर से इस वक्तव्य के पश्चात कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस सन्दीप शर्मा की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता जगदीश चंद सिपहिया ने अपनी याचिका वापस ले ली।

आपको बता दें कि रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी ने 6 अप्रैल को केसीसी बैंक के अध्यक्ष सहित सभी निदेशकों को निलंबित कर दिया था। रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी व कांगड़ा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक को इस मामले में प्रतिवादी बनाया गया था। याचिकाकर्ता जगदीश सिपहिया ने आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस गैरकानूनी है।

बीएससी वेटरनेरी साइंस और कृषि में चयनित अभ्यर्थी ले सकते हैं 25 जुलाई तक दाखिला

विभिन्न श्रेणियों के 799 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

शिमला:  विभिन्न श्रेणियों के 799 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पद अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। 18 अगस्त तक आवेदन किए जा सकते हैं। वहीं जनजातीय क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के लिए अंतिम तिथि 24 अगस्त रखी गई है। ये पद हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ( HPSEB) में अनुबंध आधार पर भरे जाने हैं। बिजली बोर्ड में भरे जाने वाले 799 पदों में 605 पद जूनियर टीम मेट, 145 पद जूनियर हेल्पर सब स्टेशन व 49 पद जूनियर हेल्पर पावर हाउस इलेक्ट्रीकल के भरे जाने हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर हो गई है।

अभ्यर्थी 18 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं लाहुल स्पीति जिला किन्नौर, पांगी और भरमौर जिला चंबा तथा डोडरा क्वार सब डिवीजन शिमला के अभ्यर्थियों के लिए 24 अगस्त रखी गई है। एक अभ्यर्थी को एक पद के लिए एक ही फार्म भरना होगा। अनारक्षित वर्ग के लिए आवेदन फीस 100 व रिजर्व के लिए 50 रखी गई है। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम आयु 30 साल होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 7175 रुपये देय होंगे। उम्मीदवारों का चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स लेकर HPSEB के इस पते पर आवेदन कर सकते हैं।

  • चीफ इंजीनियर (ऑपरेशन), नॉर्थ जोन HPSEB लिमिटेड, धर्मशाला, कांगड़ा, 176215
  • चीफ इंजीनियर (ऑपरेशन) सेंट्रल जोन HPSEB लिमिटेड मंडी, 175001
  • चीफ इंजीनियर (ऑपरेशन) साउथ जोन HPSEB लिमिटेड विद्युत भवन शिमला 171004