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एग्जिट पोल: हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017

एग्जिट पोल: हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम आने में अभी तीन दिन बाकी हैं, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं। एनबीटी-सी वोटर एग्जिट पोल मुताबिक 68 विधानसभा सीटों वाले पहाड़ी राज्य में 41 सीटों के साथ कमल खिल रहा है। बीजेपी को 35 सीटों के जादुई आंकड़े से 6 सीटें अधिक मिल रही हैं। वहीं, सत्ताधारी कांग्रेस को महज 25 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। दो सीटें अन्य के खाते में जा रही हैं। वहीं, इंडिया टुडे-एक्सिस माइ इंडिया के एग्जिट पोल में भी बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी की गई है। इंडिया टुडे-एक्सिस माइ इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी को 47-55, कांग्रेस को 13-20 और अन्य को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

बीजेपी के लिहाज से देखें तो उसके लिए यह पिछले चुनाव के मुकाबले बड़ी बढ़त है। 2012 के विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी को 26 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस ने 36 सीटों के साथ सरकार बनाई थी। बीजेपी को इस बार 15 सीटें अधिक मिल रही हैं, जबकि कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले 11 सीटें कम मिल रही हैं, अन्य को 6 की बजाय 2 सीटें ही मिल पाएंगी।

  • वोट प्रतिशत में भी बड़े अंतर से पिछड़ी कांग्रेस

एग्जिट पोल में बीजेपी की बड़े अंतर से सरकार बन रही है और वोट शेयर में भी बड़ा इजाफा होता दिख रहा है। बीजेपी को 47.6 फीसदी वोट मिल रहे हैं, जबकि कांग्रेस को 44 पर्सेंट वोट मिलते दिख रहे हैं। 8.3 पर्सेंट वोट अन्य के खाते में जा रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव के मुकाबले बीजेपी के वोट शेयर में 9.2 फीसदी का बड़ा इजाफा हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बीते चुनाव के मुकाबले कांग्रेस के वोट शेयर में 1.2 फीसदी का इजाफा हो रहा है, लेकिन वह बीजेपी के मुकाबले बड़े अंतर से पिछड़ रही है। अन्य के वोट शेयर में 10.4 फीसदी की कमी आ सकती है। बीते चुनाव में अन्य को 18.7 पर्सेंट वोट मिले थे।

  • किस इलाके में किसे कितनी सीटें

गढ़ कहे जाने वाले शिमला में भी कांग्रेस पस्त: कांग्रेस के मजबूत गढ़ कहे जाने वाले शिमला क्षेत्र की 18 सीटों में से कांग्रेस को 9 सीटें मिल रही हैं। हालांकि उसके लिए यह चिंता की बात है क्योंकि यहां कमजोर मानी जाने वाली बीजेपी 8 सीटें हासिल कर रही है। 1 सीट अन्य के खाते में जा सकती है।

चंबा-कांगड़ा में लहराएगा भगवा: इस क्षेत्र की 20 सीटों में बीजेपी की लहर देखने को मिल रही है। भगवा दल को यहां 14 सीटें मिल रही हैं, जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिल रही हैं।

कुल्लू: लाहौल स्पीति-कुल्लू क्षेत्र की 16 सीटों में से 10 बीजेपी को मिल रही हैं, जबकि 5 सीटें कांग्रेस के खाते में जा रही हैं। 1 सीट अन्य को मिल सकती है।

मैदानी क्षेत्र: पहाड़ी राज्य के मैदानी इलाके में भी बीजेपी का ही परचम लहरा रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक मैदान की 14 सीटों में से 9 बीजेपी को मिल रही हैं, जबकि कांग्रेस को महज 5 सीटें मिल सकती हैं।

हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के एग्जिट और ओपिनियन पोल के आंकड़े जारी

हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के एग्जिट और ओपिनियन पोल के आंकड़े जारी

शिमला: हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के एग्जिट और ओपिनियन पोल के आंकड़े जारी हो चुके हैं। इंडिया टुडे एक्सिस इंडिया के शिमला: एग्जिट पोल में हिमाचल में भाजपा को 47-55 सीटें, कांग्रेस को 13-20 और अन्य को 2 सीटें मिल रही हैं। इंडिया टुडे एक्सिस इंडिया के एग्जिट पोल में हिमाचल में भाजपा को 50 फीसदी जबकि कांग्रेस को 41 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। एक्सिस इंडिया हिमाचल के कांगड़ा रीजन में 21 सीटें भाजपा को जबकि 4 सीटें कांगेस को दे रही है।

2012 के विस चुनावों में हिमाचल की 68 सीटों में से कांग्रेस ने 36 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी जबकि भाजपा को 26 सीटें हासिल हुई थीं। 6 सीटों पर निर्दलीय जीते थे।

बारिश व बर्फबारी से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में

बारिश व बर्फबारी से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में

 बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र

बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र

शिमला: प्रदेश में बर्फबारी और वर्षा से काफी समय से चल रही सूखे की समस्या से लोगों को निजात मिली है तो वहीं किसानों और बागवानों ने बारिश और बर्फबारी से राहत की साँस ली। प्रदेश के कारोबारियों और व्यवसायियों के लिए भी पर्यटकों के भारी तादाद में आने की उम्मीद और बढ़ गई है। बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र बन गई है।

लेकिन इस बारिश व बर्फबारी से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं लोगों को बिजली,पानी तो कहीं यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां बच्चों की परीक्षाएं भी चल रहीं हैं। प्रदेश के कई निजी और सरकारी स्कूलों में बारिश और बर्फबारी के दौर में भी बच्चे परीक्षाएं देने स्कूल पहुंच रहे हैं। कई स्कूलों में हीटर की उचित सुविधा नहीं होने की वजह से बच्चे ठंड में परीक्षाएं देने के लिए मजबूर हैं।

वहीं हिमाचल में बर्फबारी और बारिश के चलते एचआरटीसी के 91 रूट यातायात के लिए बाधित हो गए हैं। सड़कें बंद होने की सूचना मिलते ही एचआरटीसी ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए बसें भेजनी बंद कर दी जबकि जो बसें गई थी उन चालकों को भी बर्फबारी में बस न चलाने के निर्देश दिए है।

मतगणना के लिए जिला शिमला में 8 स्थानों पर होंगे केंद्र स्थापित

मतगणना के लिए जिला शिमला में 8 स्थानों पर होंगे केंद्र स्थापित

  • जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधान सभा निर्वाचन में जिला शिमला में मतगणना की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी रोहन चंद ठाकुर ने आज यहां सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

उपायुक्त ने इस अवसर पर मतगणना की प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि जिला में सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के लिए आठ स्थानों पर मतगणना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र चैपाल की मतगणना उपमंडलाधिकारी बैठक हाल चैपाल में, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र ठियोग की मतगणना राजकीय ओैद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ठियोग जैस में, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कसुम्पटी की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला कसुम्पटी के आॅडिटोरियम हाॅल, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शिमला की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शिमला ग्रामीण की मतगणना राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली शिमला के काॅमर्स ब्लाॅक कमरा नम्बर 16 में, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जुब्बल कोटखाई की मतगणना राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहडू, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र रामपुर की मतगणना पी.जी.एस.एस.एस. न्यू काम्पलैक्स रामपुर कमरा नम्बर 103 में और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र रोहडू की मतगणना राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहडू में की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मतगणना केंद्र चैपाल में 11 मतगणना टेबल, ठियोग में 13 मतगणना टेबल, कसुम्पटी में 15 मतगणना टेबल, शिमला में 11 मतगणना टेबल, शिमला ग्रामीण में 9 मतगणना टेबल, रोहडू (जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र) में 11 मतगणना टेबल, रामपुर में 15 मतगणना टेबल और मतगणना केंद्र्र रोहडू (विधान सभा क्षेत्र रोहडू)में 11 मतगणना टेबल स्थापित किए जाएंगें।

उन्होंने बताया कि मतगणना सुबह 8 बजे आरम्भ होगी। प्रत्याशियों या राजनैतिक दलों को अपने मतगणना एजेंटों की सूची मतगणना से तीन दिन पूर्व सम्बन्धित निर्वाचन अधिकारी को प्रदान करनी होगी ताकि उन्हें फोटो पहचान पत्र जारी किए जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में मतगणना एजेंटों, बैठने की व्यवस्था, वी.वी.पैट, स्लिप बूथ की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, सी.सी.टी.वी.कैमरा सहित अन्य विषयों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।

आधार, पेन संख्या व फॉर्म 60 करा सकते हैं 31 मार्च 2018 जमा

आधार, पेन संख्या व फॉर्म 60 करा सकते हैं 31 मार्च 2018 जमा

नई दिल्ली: विभिन्न अभिवेदनों और बैंकों से प्राप्त जानकारी पर विचार करने के बाद आधार संख्या और पेन संख्या अथवा फॉर्म 60 जमा करने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2018 करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इससे पहले कालेधन को सफेद में बदलने से रोकने के प्रावधानों (रिकॉर्डों के रख-रखाव) के अंतर्गत दूसरे संशोधन नियम, भारत के राजपत्र में 01/06/2017 को प्रकाशित हुए थे। इसमें व्यवस्था की गई थी कि यदि कोई व्यक्ति आधार को दर्ज कराने के योग्य है और उसे पेन संख्या मिल जाती है और उसने प्रतिवेदन कंपनी के साथ खाता आधारित संबंधों को शुरू करने के वक्त आधार संख्या अथवा पेन संख्या जमा नहीं कराई है, तो वह व्यक्ति खाता आधारित संबंध शुरू होने की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर उसे जमा करा सकता है। बशर्ते वह व्यक्ति आधार के लिए दर्ज होने योग्य हो और उसके पास पेन संख्या हो और उसका अधिसूचना की तारीख से पहले प्रतिवेदन कंपनी के साथ खाता आधारित संबंध हो, वह व्यक्ति 31 दिसंबर, 2017 तक आधार संख्या और पेन संख्या जमा करा सकता है।

यदि व्यक्ति छह महीने की अवधि के भीतर आधार संख्या और पेन संख्या जमा कराने में विफल रहता है तो वह खाता तब तक संचालित नहीं कर सकता जब तक व्यक्ति द्वारा आधार संख्या और पेन संख्या जमा नहीं कराई जाती।

डोडरा क्वार छोड़ जिला में बर्फबारी के कारण प्रभावित हुई सभी सड़कें बहाल

डोडरा क्वार छोड़ जिला में बर्फबारी के कारण प्रभावित हुई सभी सड़कें बहाल

शिमला: उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने आज यहां बताया कि जिला में बर्फबारी के कारण प्रभावित हुई सभी सड़कों पर युद्धस्तर पर कार्य करते हुए उन्हें यातायात बहाल कर दिया गया है।

चांशल घाटी में भारी बर्फबारी में डोडरा क्वार का सड़क मार्ग से सम्पर्क अभी बहाल नहीं हुआ है। प्रशासन ने तुरंत प्रभावी कदम उठाते हुए जिला के चौपाल उपमंडल के नेरवा क्षेत्र तथा रामपुर उपमंडल के कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जिला में सड़क यातायात और बिजली व पानी की आपूर्ति सामान्य है। सभी विभागों को बर्फबारी के दौरान होने वाली आपदाओं से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी, पर्यटकों का बर्फ से ढकी हिमाचल की हसीन वादियों की ओर रुख

हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी, पर्यटकों का बर्फ से ढकी हिमाचल की हसीन वादियों की ओर रुख

  • हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी

शिमला: हिमाचल में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। जहां पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है वहीं निचले इलाकों में हो रही बारिश से सूखे की समस्या से लोगों को निजात मिली है। हिमाचल में जारी बर्फबारी और बारिश से किसानों और बागवानों के साथ-साथ होटल कारोबारियों और स्‍थानीय लोगों के चेहरे भी खिल उठे हैं। वहीं पर्यटकों ने बर्फ के दीदार के लिए हिमाचल की हसीन वादियों का रुख करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने बुधवार और वीरवार को प्रदेश के मध्य एवं उच्च पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। पूरा प्रदेश शीत लहर की चपेट में हैं। मौसम विभाग का शुक्रवार से मौसम साफ रहने का अनुमान है।

जिला शिमला के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नारकंडा में भी आज ताजा हिमपात हुआ है। यहां एक ईंच से अधिक बर्फबारी हुई है। वहीं कुफरी में भी बर्फबारी का दौर जारी है। शिमला समेत निचले क्षेत्रों में फिलहाल बारिश जारी है।

जहां लाहौल घाटी व मनाली में ताजा हिमपात हुआ वहीं केलांग में डेढ़ फुट, गौशाल में दो, चंद्रावैली में करीब 3 फुट तक बर्फ पड़ने का समाचार है। रोहतांग में करीब 4 फुट हिमपात होने का अनुमान है। तीसा के देवीकोठी में एक फुट तक ताजा बर्फबारी हुई है। भरमौर में भी एक फुट के करीब ताजा हिमपात हुआ है। होली में निचले क्षेत्र में दो से चार इंच और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आधा से एक फुट बर्फबारी हुई है। जिला कुल्लू के सोलंगनाला में भी भारी बर्फबारी हुई है। पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए मनाली का रुख कर रहे हैं। मनाली के सोलंगनाला में दो फुट, मढ़ी में तीन फुट बर्फबारी हुई है। यहां पर्यटन बर्फबारी का आनंद लेते हुए देखे जा सकते हैं। कमरुनाग, शिकारी देवी में भारी बर्फबारी हुई है। मंडी के गड़ागुसैनी, तुंगासि धार और घाट में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। धर्मशाला में धौलाधार का पहाड़ बर्फ से ढक गया है। बड़ा भंगाल में बर्फबारी हुई है। किन्नौर के कल्पा में भी ताजा हिमपात हुआ है। जिला के रिब्बा में भी काफी बर्फबारी दर्ज की गई है। सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में डेढ़ से 2 फुट तक ताजा हिमपात का समाचार है। चूड़धार के निचले क्षेत्रों में बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि भी हुई है। कांगड़ा के छोटा भंगाल इलाका के सभी गांवों में सोमवार देर रात से चार से 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। क्षेत्र के रोलिंग, भुज्लिंग, पोलिंग, छेरना, लाछ्यान्न, मियोट, झरवाड़, कोठी कोढ़, बड़ागांब, खबान गांव में ताजा बर्फबारी हुई है। बिलिंग घाटी में बर्फबारी का समाचार है।

बर्फबारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन शिमला ने किए व्यापक प्रबंध

बर्फबारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन शिमला ने किए व्यापक प्रबंध

उपायुक्त शिमला रोहन चन्द ठाकुर

उपायुक्त शिमला रोहन चन्द ठाकुर

शिमला: उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने आज यहां बताया कि जिला में बर्फबारी से निपटने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जिला के नारकंडा, कुफरी, खड़ापत्थर और खिड़की क्षेत्र से हिमपात की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के दौरान यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए चिन्हित स्थानों पर बर्फ हटाने के लिए मशीनरी को तैयार रखा गया है। इस संबंध में संबंधित विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि चौपाल उपमंडल तथा रोहड़ू उपमंडल के रोहाल क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को युद्धस्तर पर कार्य करके दोपहर बाद बहाल कर दिया गया है। रामपुर उपमंडल के दूरवर्ती क्षेत्रों में भी बिजली की बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बर्फबारी के दौरान जनजीवन तथा रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए व स्थिति से निपटने के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं।

बैंक में जमा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित : भारत सरकार

बैंक में जमा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित : भारत सरकार

  • FRDI बिल पर सरकार का बयान, नहीं डूबेगा बैंक में जमा पैसा
  • दावा किया जा रहा था कि मोदी सरकार ऐसा बिल लाने जा रही है, जिससे बैंक में जमा आपका पैसा डूब सकता है। अब सरकार की ओर से सफाई आई है।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले दिनों एक संदेश वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि मोदी सरकार ऐसा बिल लाने जा रही है, जिससे बैंक में जमा आपका पैसा डूब सकता है। अब सरकार की ओर से सफाई आई है कि लोग अफवाह पर ध्यान न दें। बैंक में जमा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।

सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘’झूठ और दुष्प्रचार से रहें सावधान…लोगों को बैंकिंग सेवाओं से दूर रखने के लिए बैंकों के बारे में डर फैलाने वाले लोगों से रहें सावधान…’’ आगे कहा गया है कि भारत सरकार आश्वस्त करती है बैंकों में जमा धन की सुरक्षा!

भारत सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘’भारत सरकार डिपॉजिटर्स के हितों की रक्षा के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है। प्रस्तावित फाइनेंशियल रेज़्यूलेशन एंड डिपोज़िट इंन्श्योरेंस बिल (FRDI Bill) अभी ज्वाइंट कमिटी के पास है और किसी प्रकार का एक्ट पारित नहीं हुआ है। कानून बनाते समय डिपॉजिटर्स के अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा। दो लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान कर बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है।’’

ये बिल अभी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। यह बिल तैयार कर के अगस्त महीने में ही संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया है।

  • क्या दावा किया जा रहा था?

दावा किया जा रहा था कि नए बैंक डिपॉजिट बिल के एक प्रावधान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू बैंकों) को यह अधिकार दिया जा सकता है कि दिवालिया होने की स्थिति में बैंक खुद ये तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करने हैं। यानि की अगर बैंक डूबता है तो जमाकर्ता के सारे पैसे भी डूब सकते हैं।

आपको बता दें कि 63 फीसदी के करीब भारतीयों ने अपना पैसा सार्वजनिक या सरकारी बैंकों (पीएसयू बैंकों) में जमा कर रखा है। केवल 18 फीसदी लोगों ने ही प्राइवेट बैंक में अपना पैसा जमा किया है।

नशीले पदार्थ या मादक दवाएं आदि पकड़वाने व सूचना देने वालों को पुरस्कारों के संबंध में सरकार के नए दिशा-निर्देश

नशीले पदार्थ या मादक दवाएं आदि पकड़वाने व सूचना देने वालों को पुरस्कारों के संबंध में सरकार के नए दिशा-निर्देश

नई दिल्ली: भारत सरकार ने 10 अक्टूबर, 2017 को सरकारी अधिकारियों तथा सूचना देने वालों (मुखबिर) को प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों का भुगतान नियमित करने के लिए, ‘अधिकारियों, सूचना देने वालों तथा अन्य व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देश – 2017’ नामक नए पुरस्कार दिशा-निर्देश जारी किए।

इस नीति के अनुसार कोई भी अधिकारी अपने पूरे सेवाकाल में 20,00,000 रुपये का पुरस्कार तथा एक समय में 50,000 रुपये के पुरस्कार का पात्र होगा। यद्यपि शीर्ष केंद्रीय पुरस्कार समिति द्वारा अपवादिक मामलों  में किसी व्यक्ति को अधिकतम 2,00,000 रुपये का पुरस्कार भी दिया जा सकता है। यदि रसायनिक प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट सकारात्मक पाई जाती है तो कुल देय पुरस्कार की राशि का 50 प्रतिशत जांच पूर्व स्थिति में देय होगा। इस नीति के अनुसार पुरस्कार प्रदान करने वाले प्राधिकारी सूचना देने वाले को पुरस्कार देते समय कई बातों को ध्यान में रखेंगे, यथा, सूचना का सही पाया जाना, जोखिम की मात्रा, सूचना देने वाले ने किस प्रकार की मदद की तथा क्या सूचना देने वाले ने मादक पदार्थों की तस्करी के रैकेट में शामिल व्यक्ति के बारे में भी कुछ सुराग दिए। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, गृह मंत्रालय को नशीले पदार्थों पर रोक के क्षेत्र में कार्यरत अन्य केंद्रीय तथा राज्य एजेंसियों को पुरस्कार देने के प्रस्ताव पर कार्यवाही करने के लिए समन्वय एजेंसी बनाया गया है।

  • पुरस्कार दिशा-निर्देश, 2017 बनाते समय भारत सरकार ने निम्नलिखित सिद्धांत भी निर्धारित किए हैं।
  • पुरस्कार एक रूटीन के रूप में न दिए जाएं।
  • सूचना देने वाले को पुरस्कार दिए जाने के मानक निर्धारित किए गए।
  • सरकारी अधिकारी द्वारा सूचना जुटाने, जब्ती को कार्यरूप देने तथा जब्ती के पश्चात जांच पड़ताल करने में किए गए विशेष प्रयासों के लिए प्रावधान।
  • इसमें उस अधिकारी द्वारा अपने सामान्य कार्य के दौरान किए गए काम को शामिल नहीं किया जाएगा।

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पुरस्कार योजना निम्न के लिए मान्य होगी –

  • मुखबिर जिनकी सूचना के आधार पर मादक पदार्थों तथा नशीले पदार्थों, नियंत्रित वस्तुओं को पकड़ा जा सके, एनडीपीएस अधिनियम के अध्याय पांच (ए) तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों की अवहेलना में गैर कानूनी ढंग से अधिगृहित संपत्ति जब्त की जाएगी।
  • एनडीपीएस अधिनियम, 1985, के नियम के प्रावधानों के तहत सशक्त केंद्र/ राज्य/ संघ शासित प्रदेश की सरकारों के अधिकारी जिन्होंने जब्ती की हो, सफलता पूर्वक जांच/ अभियोजन तथा एनडीपीएस अधिनियम, 1985, के नियम के प्रावधानों की अवहेलना संबंधी जांच के उपरांत की सफलतापूर्वक कार्यवाही की हो।
  • अन्य केंद्रीय/ राज्य/ संघ शासित प्रदेश की सरकारों के अधिकारी जिन्होंने एनडीपीएस अधिनियम, 1985, के नियम के प्रावधानों, नियमों या उसके तहत पारित आदेशों की अवहेलना का पता लगाने में सहायता की हो।

नए पुरस्कार दिशा-निर्देशों में संशोधित पुरस्कार नीति में न केवल नए मादक पदार्थ/ नशीले पदार्थ ही शामिल किए गए हैं बल्कि इसमें पकड़े गए नशीले पदार्थों पर राशि भी बढ़ाई गई है। संशोधित पुरस्कार नीति में निम्नलिखित तालिका (1 और 2) के अनुसार पुरस्कार की मात्रा भी बढ़ाई गई है –

क्र. स. वस्तु पुरस्कार की अधिकतम प्रस्तावित दर (रुपये प्रति कि.ग्रा.) निर्धारित शुद्धता
1. अफ़ीम 6,000/- स्टैंडर्ड अफीम
2. मॉर्फिन बेस और उसके लवण 20,000/- निर्जल मोर्फीन का 90% या अधिक
3. हेरोइन और उसके लवण 1,20,000/- डाईकेटील मॉर्फिन का 90% या अधिक
4. कोकीन और उसके लवण 2,40,000/- निर्जल कोकीन का 90% या उससे अधिक
5. हशिश 2,000/- 4% या उससे अधिक की टीएचसी सत्व वाले
6. हशिश तेल 10,000/- 20% या उससे अधिक की टीएचसी  सत्व वाले
7. गांजा 600/- गांजा के रूप में वाणिज्यिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए
8. मेन्ड्रेक्स गोलियां 2000/- मेथाक्लोन वाली
9. एम्फेटामाइन, इसके लवण और उसके उत्पाद 20,000/- कम शुद्धता के लिए सामानुपातिक कटौती के साथ 100% शुद्ध एटीएस
10. मेथाम्फेटामाइन, इसका नमक और उसके उत्पाद 20,000/-

 

कम शुद्धता के लिए सामानुपातिक कटौती के साथ 100% शुद्ध एटीएस
11. एक्स्टसी या 3, 4- मेथथिलीन डाइऑक्सी मेथैम्फेटामाइन (एमडीएमए) 15,000/1,000 गोलियां एमडीएमए के साथ
12. लिसेरगिक एसिड डायथाइलामाइड (एलएसडी) / 30 रुपये/ ब्लॉट एलएसडी के साथ
13. अवैध अफीम पोस्ता फसल को नष्ट करना 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
14. अवैध कैनाबिस फसल को नष्ट करना 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
15. पोस्ता भूसी 240 (मौजूदा प्रचलित मूल्य का 20 प्रतिशत)

नोट (i) क्रम संख्य़ा 13 और 14 के लिए अधिकतम पुरस्कार की गणना पूरी टीम के लिए की जाएगी न की अकेले अधिकारी के लिए।

(ii) शुद्धता उपर्युक्त निर्धारित मानदंड से कम पाए जाने पर पुरस्कार की राशि सामानुपातिक रूप से कम कर दी जाएगी।

मादक पदार्थ तथा स्वापक पदार्थ एवं नशीले पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम 1985 के तहत जब्त प्रतिबंधित/ नशीले पदार्थ इत्यादि के संबंध में पुरस्कार की दरें –

क्र. सं. वस्तु (नियंत्रित/ नशीले पदार्थ/ संश्लिष्ट ड्रग्स) पुरस्कार की अधिकतम दर निर्धारित शुद्धता
1. एफ़ेड्रिन, इसके लवण और उसके उत्पाद 280/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
2. नकली-एफ़ेड्रिन, इसके लवण और उसके उत्पाद 480/-रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
3. एसिटिक एनहाईड्राइड 10/- प्रति लीटर 100 प्रतिशत
4. केटामाइन, इसके लवण और उसके उत्पाद 700/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
5. एन्थ्रानिलिक एसिड 45/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
6. एन-एसिटीलएन्थ्रानिलिक एसिड 80/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
7. डायजेपाम और उसके उत्पाद 0.53/- रुपये प्रति 5 मिग्रा गोली 100 प्रतिशत
8. अल्प्राजोलम और इसके उत्पाद 0.20/- रुपये प्रति 5 मिग्रा गोली 100 प्रतिशत
9. लॉरेज़ेपम और इसके उत्पाद 0.296/- रुपये प्रति 5 मिग्रा गोली 100 प्रतिशत
10. अल्पराक्स और इसके उत्पाद 0.52/- रुपये प्रति 5 मिग्रा गोली 100 प्रतिशत
11. बुप्रेनोरफिन/ टीडीजैसिक और इसके उत्पाद 25,000/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
12. डेक्सट्रोप्रोपोक्सिफिन, इसके लवण और इसके उत्पाद 2,880/- रुपये प्रति किलोग्राम 100 प्रतिशत
13. फोर्टविन और इसके उत्पाद 1.044/- रुपये प्रति 30 मिग्रा शीशी 100 प्रतिशत