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केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने किया लेह में सितारों से सजे पहले हिमालयन फिल्म महोत्सव का शुभारम्भ, अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा भी समारोह में हुए शामिल

जम्मू व कश्मीर और लद्दाख को जल्द ही एक फिल्म प्रशिक्षण संस्थान से जोड़ा जाएगा :  अनुराग ठाकुर

भारत दुनिया में कंटेंट निर्माण का उपमहाद्वीप बन सकता है :  अनुराग ठाकुर

फिल्म ‘शेरशाह’ के निर्देशक विष्णुवर्धन और मुख्य अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा उद्घाटन समारोह में हुए शामिल

नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री  अनुराग ठाकुर ने आज लेह, केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख में सिंधु संस्कृति सभागार में सितारों से सजे पांच दिवसीय ‘पहले हिमालयन फिल्म महोत्सव’ का शुभारम्भ किया। पांच दिवसीय फिल्म महोत्सव भारत की स्वतंत्रता के 75 साल के उपलक्ष्य में हो रहे “आजादी का अमृत महोत्सव” के आयोजन का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के ‘जन भागीदारी’ के आह्वान को ध्यान में रखते हुए, फिल्म महोत्सव में स्थानीय फिल्म निर्माताओं की सक्रिय भागीदारी होगी और 15 हिमालयी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह में दर्शकों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान नरेन्द्र मोदी सरकार पर्वतीय राज्यों को एक नई पहचान देगी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री व मंत्रालय निरंतर इस लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की विविध संस्कृति है और यहां प्रदर्शन के लिए काफी कुछ है। इन राज्यों के युवाओं को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अवसरों की जरूरत है। सिनेमा सभी सांस्कृतिक विविधताओं को एक साथ लाने के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती हैं। सिनेमा की दुनिया देश की संस्कृति को एक प्रमुख मंच उपलब्ध कराती है।

लद्दाख के लोगों के साहस पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोग हमारी सीमाओं की रक्षा में हमारे वीर जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं। शेरशाह जैसी फिल्में कई पीढ़ियों तक हमारे जवानों के साहस को याद दिलाती रहेंगी, जो युद्ध में बहादुरी से लड़े थे। ऐसी फिल्में एक अहम योगदान हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

 अनुराग ठाकुर ने ओटीटी प्लेटफार्मों के प्रति बढ़ते आकर्षण के बारे में कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां पर ओटीटी प्लेटफार्मों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यह उपलब्धि न केवल बड़े राज्यों के लिए बल्कि देश के छोटे प्रदेशों को भी आगे बढ़ने का एक अवसर प्रदान करती है और जल्द ही भविष्य में लद्दाख को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी पहचान मिलने वाली है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन कंटेंट की लोकप्रियता पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ता हुआ ओटीटी बाजार है और यह कंटेंट ही लोगों को ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर खूब आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरफ लोगों को आकर्षित करने की शक्ति ओटीटी कंटेंट में निहित है और भारत, दुनिया में इसके निर्माण के लिए उपमहाद्वीप बन सकता है। इसके लिये हमें गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने की आवश्यकता है। ठाकुर ने कहा कि कई अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉकबस्टर के लिए पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भारत में किया गया था और गेमिंग तथा विजुअल ग्राफिक्स सेक्टर के साथ-साथ यह क्षेत्र विकास के लिये एक बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।

ठाकुर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को एक फिल्म प्रशिक्षण संस्थान से जोड़ने की मांग लगातार की जा रही है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा की इस विचार को जल्द ही लागू किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान परमवीर चक्र पुरस्कार विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म शेरशाह को भी इसके निर्देशक विष्णुवर्धन और मुख्य अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा की उपस्थिति में प्रदर्शित किया गया।

लेह से सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने अपने संबोधन में, लद्दाख में पहला ‘हिमालयन फिल्म महोत्सव’ आयोजित करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस फिल्म महोत्सव के आयोजन से लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नई संभावनाएं पैदा होंगी। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां विकास की एक नई सुबह लाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए नामग्याल ने कहा कि लद्दाख अभी शिक्षा, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे आदि में बहुत प्रगति कर रहा है और वो दिन दूर नहीं जब लद्दाख देश में विकास सूचकांक के मामले में शीर्ष केंद्र शासित प्रदेशों में शुमार होगा।

अपने संबोधन में लद्दाख के उपराज्यपाल  आर. के. माथुर ने कहा कि फिल्में पारस्परिक जुड़ाव की चीजें होती हैं और इस फिल्म समारोह का आयोजन इसलिए किया गया ताकि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों के लिए लद्दाख की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए और फोटोग्राफी, फिल्म, विरासत व संस्कृति में लद्दाख के युवाओं के कौशल को निखारा जाए।

लेह के सिंधु संस्कृति सभागार में दर्शकों और फिल्म प्रेमियों को लुभाने के लिए लोकप्रिय पुरस्कार विजेता फिल्मों की स्क्रीनिंग के अलावा, इस फिल्म महोत्सव में विविध वर्कशॉप और मास्टरक्लास का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें स्थानीय फिल्म प्रेमियों को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए हिमालय क्षेत्र के फिल्मकारों, आलोचकों, तकनीशियनों को आमंत्रित किया गया है। ये फिल्म निर्माण की ओर एक रचनात्मक झुकाव पैदा करने के लिए जरूरी प्रोत्साहन का काम करेगा।

इस फिल्म समारोह के ‘कॉम्पिटिशन सेक्शन’ में लघु फिल्मों और लघु वृत्तचित्रों को भी आमंत्रित किया गया है।

इस फिल्म समारोह के दौरान लद्दाख क्षेत्र के अनूठे व्यंजनों को प्रदर्शित करने वाला एक फूड फेस्टिवल, लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक शो और एक संगीत उत्सव भी आयोजित किया जाएगा।

पांच दिवसीय फिल्म महोत्सव आज से शुरू हो गया है और यह 28 सितंबर, 2021 तक जारी रहेगा। यह फिल्म महोत्सव भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फिल्म समारोह निदेशालय के सहयोग से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के स्‍थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया है।

भारत का हिमालयी क्षेत्र अपने अनूठे प्राकृतिक सौंदर्य की ओर दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं को निरंतर आकर्षित करता रहा है। इस क्षेत्र के अद्वितीय भौगोलिक सौंदर्य के साथ-साथ इसके स्‍थानीय निवासियों, पारंपरिक कौशल और विभिन्‍न तरह के पारंपरिक पेशों, इत्‍यादि का भी व्यापक रूप से वर्णन किया जाता रहा है। इस संदर्भ में यह फिल्म महोत्सव स्थानीय फिल्म निर्माताओं को अपनी-अपनी गाथाओं को बड़ी संख्‍या में दर्शकों के समक्ष पेश करने का अवसर प्रदान कर रहा है।

पिछले दो दशकों में अनगिनत फिल्म निर्माताओं द्वारा स्थानीय भाषा में फिल्मों का निर्माण करने से इस क्षेत्र में स्वतंत्र फिल्म उद्योग ने अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाई है। उल्‍लेखनीय है कि इसी अवधि में इस क्षेत्र में तेजी से विद्युतीकरण भी हुआ है जो कि श्रव्य-दृश्य क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने के लिए पहली शर्त है।

‘हिमालयन फिल्म महोत्सव’ के दौरान एक हिमालयी फिल्म जगत को संस्थागत स्‍वरूप देने की भी परिकल्पना की गई है जिसके अत्‍यंत सकारात्‍मक नतीजे भारत के हिमालयी हिस्सों में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में देखने को मिलेंगे।

कोविड-19 से संबद्ध उपचार और प्रबंधन पर एडवाइजरी जारी

Immunity level 87% against cov -2 in Himachal Pradesh

Shimla: A sero survey was conducted by NHM in collaboration with NIE, Chennai, WHO and medical colleges in the State. The population based survey was conducted during June-July, 2021 to estimate the proportion of population who had developed antibodies against SARS-CoV-2. A total of 4822 participants of six and six plus age group participated in the survey. A minimum of 400 individual were enrolled from each district to ensure representation of all the districts in the State.

Out of the total 4822, 437 participants were between 6-9 years, 939 participants were between 10-17 years, 2005 participants were between 18-44 years, 962 participants were between 45-60 years and 479 participants were more than 60 years. There were 2218 males and 2594 females and 10 others who participated in the survey.

The clusters of participants were chosen by the scientific method. The teams in the blocks went house to house of the selected participants to collect the blood samples and fill in the questionnaire developed by NIE, Chennai. These samples were then sent to the medical colleges in the State. All the government medical colleges along with MMU,Kandaghat and AIIMS Bilaspur participated in testing these samples for the antibodies against COVID. The samples were tested with the help of testing kits provided by WHO. It was seen that 1369 of the participants had been tested for COVID 19 and out of these 164 were found positive. In the sample 1724 participants had received first dose of the COVID vaccination and 1629 had received second dose of COVID vaccination.

A total of 4079 individuals had antibodies against SARS-CoV-2, which after scientific calculations and adjustments can be interpreted as “Prevalence of antibodies in 87.5% cases). The Districts reported immunity ranging from 76.1% (Una) to 95.6% (Kinnaur). It was seen that the immunity was present amongst the children who participated in the study. 53.6% aged 6-9 years and 61.5% aged 10-17 years)had developed immunity against COVID. However 98% of adults had developed immunity. It was also found that the immunity was higher among vaccinated individuals. 95.4% of the people who were vaccinated with the first dose and 97.6% people who were vaccinated with the second dose were found to have immunity against COVID. However, only 71.5% of the people who had taken no vaccination had immunity.

The detailed analysis of the immunised population on the basis of different parameters and district wise distribution are given in the tables below:

Table1: District wise Immunity (%) of immunoglobulin antibodies against severe acute respiratory syndrome coronavirus-2 infection, Himachal Pradesh,

 District

Total number of participants tested

Percentage of participants who have developed immunity

Kinnaur

397

 95.6 %

Shimla

395

 93.5 %

Sirmaur

377

 92.5%

Bilaspur

397

 92.3 %

Lahul&Spiti

402

 92.0 %

Kullu

391

 90.2 %

Chamba

386

 90.2 %

Mandi

458

 89.2 %

Kangra

414

 89.0 %

Solan

402

 86.0 %

Hamirpur

405

 77.8 %

Una

398

 76.1 %

Table 2: Sero-prevalence of antibodies by selected characteristics

Characteristics

Total number of participants tested

Percentage of participants who have developed immunity

General population aged above 6 years

4822

87.5 %

Age, Years

6-9

437

 53.6 %

10-17

939

 61.5 %

18-44

2005

 98.3 %

45-60

962

 98.9 %

>60

479

 99.4 %

A large proportion of the population i.e. 87% that participated in the study had antibodies against SARS-CoV-2. This immunity can be attributed to the vaccination taken by the participants in the study. The immunity in others could be the result of their exposure to the COVID infection.

This study clearly indicates that vaccination has played a major role in development of antibodies in the individuals against COVID. Hence it is recommend that all eligible individuals should come forward for COVID vaccination and ensure complete vaccination by taking both the doses. Till then it is advisable to follow COVID appropriate behaviour.

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में तीन दिवसीय संगोष्ठी का आगाज़

स्वतंत्रता का जश्न मनाना आसान है मगर स्वतंत्रता की रक्षा करना बहुत कठिन है : प्रो. कपिल कपूर 

शिमला: भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में आज ’गुरु तेग बहादुर- द ग्रेट रिडीमर लाइफ, फिलास्फी एण्ड मार्टर्डम’ विषय पर त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी के संयोजक पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख डा. मनमोहन सिंह ने इस संगोष्ठी की भूमिका और महत्व के बारे में अपने उदबोधनधन में कहा कि 9वें सिख गुरु तेग बहादुर की शहादत का कोई तुलना नहीं है।

बीज भाषण प्रस्तुत करते हुए केन्द्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, भटिंडा के कुलाधिपति प्रोफेसर जगबीर सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर महान मुक्तिदाता, जीवनदाता और परामर्शदाता थे। वे प्राचीन जीवंत शैली के प्रतीक हैं और गुरु परंपरा में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। वे एक क्रांतिकारीधर्म-प्रर्वतक थे और धर्म-दर्शन के इतिहास में उनका अद्वितीय स्थान है। श्रेष्ठ मानवीय मूल्य स्थापित करने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने मुगल शासन की अमानवीय कृत्यों एवं दमनकारी नीतियों तथा धार्मिक असहनशीलता के विरुद्ध आवाज उठाई।

संस्थान के उपाध्यक्ष एवं कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर चमन लाल गुप्त ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का पूरा जीवन, जीवन के श्रेष्ठ मूल्यों को स्थापित करने में व्यतीत हो गया। उन्होंने कहा कि आज जीवन मूल्यों की निर्मिति और उनके प्रति निष्ठा बहुत आवश्यक है। यदि जीवन दृष्टि विकसित नहीं होती तो विश्व दृष्टि उपकारी नहीं हो सकती। गुरु तेग बहादुर सहित सभी सिख गुरुओं की वाणी में समस्त ज्ञान समाहित है। इन संतों ने स्वयं भी ज्ञान अर्जित किया और अर्जित ज्ञान को दुनिया में प्रकाशमान किया।

संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर कपिल कपूर ने कहा कि ‘सत श्री अकाल’ शब्दों में भारतीय दर्शन का मूल मंत्र छिपा है। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के शुभारंभ सर्वप्रथम गुरु तेग बहादुर को श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया है। उनकी इसी प्रेरणा से भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने भी धर्म के संस्थापक तथा रक्षक गुरु तेग बहादुर के अकथनीय बलिदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से इस राष्ट्रीय विचार-गोष्ठी के आयोजन का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न उपविषयों पर केन्द्रित इस संगोष्ठी में प्रस्तुत शोधपत्रों को लिपिबद्ध कर एक पुस्तक तैयार की जाएगी। अपने वक्तव्य में प्रोफेसर कपूर ने चिंता जाहिर की कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता का अर्थ समझने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का जश्न मनाना आसान है मगर स्वतंत्रता की रक्षा करना बहुत कठिन है।

इसी सत्र में प्रोफेसर अमरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि भारतीय चिंतन में विभिन्नता के प्रति सौंदर्य का दृष्टिकोण जबकि पाश्चात्य विचारधारा में विभिन्नता के प्रति एक आतंक का दृष्टिकोण है। इस क्रम में आज डॉ . परम सिंह सिधु, प्रोफेसर तेजवंत सिंह गिल, गुरमीत सिंह सिधु रवेल सिंह सिधु, प्रोफेसर रवीन्द्र सिंह, प्रोफेसर अवतार सिंह, प्रोफेसर हरभजन सिंह ने भी अपने शोध पत्र पढ़े।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का मुफ्त वैक्सीन की घोषणा व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की समय सीमा बढ़ाने पर किया आभार व्यक्त

जयराम ठाकुर ने चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार

पार्क विकसित करने के लिए राज्य को 100 करोड़ रुपये की ग्रांट इन ऐड होगी प्राप्त

मुख्यमंत्री ने कहा:-यह पार्क सोलन जिला के नालागढ़ में किया जाएगा  विकसित

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य के लिए चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल विभाग ने चिकित्सा उपकरण पार्क प्रोत्साहन योजना के लिए दिशा-निर्देश अधिसूचित कर दिए हैं, जिसमें देश में चार चिकित्सा उपकरण पार्क स्थापित करने के लिए राज्यों से प्रारम्भिक परियोजना प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी पाया गया और राज्य के लिए चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत किया गया, जिसके तहत यह पार्क विकसित करने के लिए राज्य को 100 करोड़ रुपये की ग्रांट इन ऐड प्राप्त होगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि यह पार्क सोलन जिला के नालागढ़ में विकसित किया जाएगा, जहां 265 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि इस पार्क की अनुमानित लागत 266.95 करोड़ रुपये होगी और 160.95 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 20 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर तथा 10 हजार लोगों के लिए लाभकारी रोजगार की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर भारत में यह पहला पार्क होगा और इससे उपभोक्ता वस्तुएं तैयार करने के साथ-साथ औद्योगिकरण के द्वितीय चरण को बढ़ावा मिलेगा। इसमें पूंजीगत वस्तुओं जैसे संयंत्र और मशीनरी आदि का उत्पादन करने वाले उद्योग भी होंगे।

प्रदेश में आज आये कोरोना के 596 मामले, ठीक हुए 1155 मरीज

शिमला में आज कोरोना के 19 मामले..

शिमला: शिमला में आज कोरोना के 19 मामले हैं, जिनमें:-

  • मतियाना में 1
  • नेरवा में 1
  • रोहडू में 2
  • कुमारसैन में 2
  • कोटखाई में 4
  • मशोबरा में 3
  • लक्कड़बाजार में 1
  • कैथू में 2
  • आईजीएमसी में 2
  • बिलासपुर से शिमला आया 1 मामला

Himachal Coronavirus Update: प्रदेश में आज कोरोना के आये 224 मामले, 236 मरीज हुए स्वस्थ

हिमाचल: प्रदेश में आज कोरोना पॉजिटिव के 224 नये मामले आए हैं। जिनमें बिलासपुर में 21,  चंबा में 2, हमीरपुर में 54, कांगड़ा में 68,  किन्नौर में 15, कुल्लू में 3, लाहुल स्पीति 1, मण्डी 38, शिमला में 20,  सिरमौर में 0, सोलन में 0 और ऊना में 2  मामले आये हैं।

वहीं प्रदेश में आज 236 मरीज स्वस्थ हुए हैं जिनमें बिलासपुर 44,  चंबा से 7,  हमीरपुर में 40, कांगड़ा में 51, किन्नौर से 1, कुल्लू में 1, लाहुल स्पीति 6, मण्डी 44,  शिमला 36, सिरमौर से 0,  सोलन में 2  और ऊना में लोग स्वस्थ हुए हैं।

प्रदेश में आज कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है।  प्रदेश में अब कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 218000 पहुंच गया है जबकि सक्रिय मामले 1766 हैं। अब तक 212572 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 3646 लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री बोले: 30 नवंबर तक कोविड वैक्‍सीन की दूसरी डोज लगाने का लक्ष्‍य भी हासिल कर लेगा हिमाचल

शिमला: केन्द्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोविड वैक्सीनेशन केन्द्र टुटू का दौरा किया और चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और टीकाकरण के लिए आए लोगों से बातचीत की। सीएमओ शिमला डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत किया

केन्द्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश के पात्र आयु वर्ग को कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक लगाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में देश भर में प्रथम राज्य बनने तथा लक्षित समूहों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की सराहना की। वह आज यहां शिमला के टुटू-जतोग में सेवा और समर्पण अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश ने पूर्ण राज्यत्व का दर्जा प्राप्त करने के पश्चात् पिछले 50 वर्षों में सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश न केवल पहाड़ी राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभरा है, बल्कि प्रदेश ने अन्य बड़े राज्यों का भी पथ प्रदर्शन किया है।

पीयूष गोयल ने प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष पर मुख्यमंत्री और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में राज्य ने गत लगभग चार वर्षों के दौरान कई उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि यह देश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम और गतिशील नेतृत्व में देश अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में गुजरात के मुख्यमंत्री और इसके पश्चात् देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी देश की प्रगति के लिए निरंतर कार्यरत है।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की दो दशकों की जन सेवा के उपलक्ष्य में देश भर में सेवा और समर्पण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिवस 17 सितम्बर देश भर में सेवा दिवस के रूप में मनाया गया और इस उपलक्ष्य पर प्रदेश मे भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश में कोविड-19 महामारी से प्रभावी रूप से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पात्र आबादी की कोविड-19 की पहली खुराक के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के पश्चात् अब इस वर्ष नवम्बर अन्त तक प्रदेशवासियों के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करके देश का प्रथम राज्य बनने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने अब तक पात्र समूहों के टीकाकरण की दूसरी डोज का लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जकरांदा का पौधा और पीयुष गोयल ने सिल्वर ओक के पौधे भी रोपित किए।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने पीटरहाॅफ में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल का पुष्पगुच्छ, शाॅल और हिमाचली टोपी भेंट कर स्वागत किया।

सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और केन्द्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, अध्यक्ष हिमफेड गणेश दत्त, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, जिला शिमला के भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता और भाजपा नेता डाॅ. प्रमोद शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Shootout in Delhi: वकील की ड्रेस में आए थे हमलावर, जज के सामने रोहिणी कोर्ट में जितेन्द्र गोगी को मारी गोली, जानें चश्मदीदों की जुबानी

Shootout in Delhi: दिल्ली के रोहिणी कोर्ट के रूम नंबर 207 में दिन दहाड़े गैंगवॉर में तीन बदमाश मारे गए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान फायरिंग की घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हड़कंप मच गया। पेशी के दौरान ही बदमाशों ने गैंगस्टर जितेन्द्र गोगी पर गोलियां बरसा दी। इसके बाद गोगी की सुरक्षा में लगे जवानों ने भी जवाब में गोलीबारी की. इस घटना में दो बदमाश मौके पर ही मारे गए। दोनों बदमाश वकील की ड्रेस में आए थे। खबरों के मुताबिक, गोगी की सुरक्षा में लगे जवानों ने पच्चीस से तीस गोलियां चलाईं। जितेन्द्र गोगी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। गोगी को पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। गोगी की गिरफ्तारी से पहले दिल्ली पुलिस ने 4 लाख और हरियाणा पुलिस ने उसके ऊपर 2 लाख रुपये का इनाम रखा था।

शूट आउट को ऐसे दिया गया अंजाम: घटना के वक्त कोर्ट रूम में मौजूद वकील ललित कुमार ने कहा कि जब हम कोर्ट रूम के बाहर बेल बॉण्ड वेरिफाई कर रहे थे, इतने में ही गोलियां चलने की आवाज आई। जैसे ही हम आगे बढ़े तो बहुत सारी गोलियां चलने की आवाज आई। इतने में पता चला कि गैंगस्टर गोगी को तीन गोलियां लगी। वो जख्मी हो गया। गोगी को गोली मारने आए लोग वकील की ड्रेस में आए थे।

ललित ने आगे कहा कि जिस वक्त फायरिंग हुई कोर्ट रूम में जज भी मौजूद थे और करीब पांच से दस वकील मौजूद थे। गोगी के सिक्योरिटी में तैनात जवान ने जब गोली चलाई तो मौके पर ही दो वकील की ड्रेस में आए बदमाशों की मौत हो गई। यह वाकया होते हुई जज उठकर चले गए थे।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट सुनील कुमार ने बताया कि हम कॉम्प्लैक्स के अंदर थे। जैसे ही हमें यह पता चला कि गोली चली है कोर्ट के अंदर तो बाद में हमने कंफर्म किया कि ये सही है। कोर्ट में कभी-कभी चेकिंग होती है और कभी कभी नहीं भी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि आज कुछ होने वाला है क्योंकि काफी गतिविधियां हो रही थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के अंदर गोली इससे बड़ा और क्या सिक्योरिटी फेल्योर होगा।

CDS जनरल बिपिन रावत 8 देशों की साझा SCO मिलिट्री एक्सरसाइज़ की समीक्षा के लिए पहुंचे रूस

SCO Military Exercise: गलवान घाटी की हिंसा और एलएसी पर लंबे तनाव के बाद पहली बार भारत, चीन, पाकिस्तान और रूस सहित आठ देशों की साझा एससीओ मिलिट्री एक्सरसाइज़ की समीक्षा करने के लिए सीडीएस जनरल बिपिन रावत रूस के ओरनबर्ग पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होनें सभी देशों के सैन्य कमांर्डस से मुलाकात कर मिलिट्री-ट्रेनिंग और प्रोफेसनेलिज्म की तारीफ की। शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन यानी एससीओ के तत्वाधान में पीसफुल मिशन एक्सरसाइज-2021′ (11-25 सितंबर) के आखिरी दिनों में वैलिडेशन-फेज़ के रिव्यू के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीए) जनरल बिपिन रावत इन दिनों रूस की यात्रा पर हैं। वैलिडेशन एक्सरसाइज के लिए सभी आठ देशों की सैन्य टुकड़ियां जमकर अभ्यास कर रही हैं। पीसफुल मिशन एक्सरसाइज का मुख्य चार्टर ज्वाइंट काउंटर टेरेरिज्म मिशन है। पीसफुल मिशन एक अर्बन सैटअप में की जानी वाली एक्सरसाइज है, जिसमें एक ज्वाइंट कमान तैयार की जाएगी और आतंकियों के खतरों से निपटने की ड्रिल शामिल है। खास बात ये है कि एससीओ की एंटी टेरेरिज्म एक्सरसाइज पहले पाकिस्तान में होने जा रही थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान में होने जा रही एक्सरसाइज में हिस्सा लेने से साफ इंकार कर दिया था। हालांकि, भारत और रूस के अलावा पीसफुल मिशनमें चीन और पाकिस्तान की सैन्य टुकड़ियां भी हिस्सा ले रही हैं।

पीसफुल मिशन एक्सरसाइज में भारत के कुल 200 सैनिकों की टुकड़ी हिस्सा ले रही है। इस टुकड़ी में भारतीय सेना के सभी आर्म्सके सैनिकों सहित वायुसेना के 38 एयर-वॉरियर भी हिस्सा ले रहे हैं। दो आईएल-76 विमानों से ये सभी सैनिक रूस पहुंचे हैं। एक्सरसाइज में हिस्सा लेने से पहले सभी सैनिकों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा है।

एससीओ यानि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य देशों की ये छठी एक्सरसाइज है जो हर दो साल में एक बार होती है। एससीओ संगठन में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान सहित कुल आठ सदस्य-देश हैं।

एससीओ एक्सरसाइज का उद्देश्य मिलिट्री-इंटेरैक्शन के साथ साथ आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग करना है। इसके अलावा सभी देशों की गुड-प्रैक्टिसेस अपनाना है।

सेंसेक्स 71 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 10360 के पास

Market Updates: पहली बार सेंसेक्स 60 हजार के पार, निफ्टी ने भी रिकॉर्ड स्तर पर दी क्लोजिंग

Market Updates: शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। निवेशकों की लिवाली जारी रहने से बीएसई सेंसेक्स 163 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 60,000 के स्तर को पार कर एतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और एशियन पेंट्स की अगुवाई में यह तेजी आयी।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 163.11 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 60,048.47 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 30.25 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकार्ड 17,853.20 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स ने 1,000 अंक से 60,000 अंक के एतिहासिक स्तर तक पहुंचने में 31 साल से कुछ अधिक समय लिया। मानक सूचकांक 25 जुलाई, 1990 को 1,000 अंक पर था और यह करीब 25 साल में चार मार्च, 2015 को 30,000 के स्तर पर पहुंचा। उसके बाद 30,000 से 60,000 के स्तर पर पहुंचने में उसे छह साल से थोड़ा अधिक समय लगा। यह बाजार में जारी जोरदार तेजी को बताता है।

 बीएसई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने कहा, ‘‘सेंसेक्स आज 60,000 अंक पर पहुंच गया। यह भारत की वृद्धि की संभावना को दर्शाता है। साथ ही जिस तरीके से भारत कोविड अवधि के दौरान एक विश्व नेता के रूप उभरा है, उसे भी अभिव्यक्त करता है… इसके अलावा दुनियाभर में सरकारों ने अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रा प्रसार किया और वित्तीय नीतियों को उदार बनाया, उससे भी शेयर बाजारों में गतिविधियां बढ़ी हैं।’’

सेंसेक्स के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में एशियन पेंट्स रहा। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, मारुति और इन्फोसिस में भी प्रमुख रूप से तेजी रही।

दूसरी तरफ, गिरावट वाले शेयरों में टाटा स्टील, एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईटीसी, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। कोटक सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘‘बाजार में तेजी को सामान्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों से समर्थन मिला। लेकिन अब विदेशी संस्थागत निवेशक भी बाजार को आगे बढ़ा रहे हैं।’’

बाजार में तेजी को लेकर स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के अनुसंधान प्रमुख संतोष मीणा का कहना है कि सभी चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी का दौर जारी है, जहां सेंसेक्स ने 60,000 के स्तर को पार कर लिया। हम वर्ष 2003-2007 की तरह ही तेजी के बाजार में हैं, और इसके अगले 2-3 साल तक जारी रहने की संभावना है।

वहीं जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा कि एवरग्रैंड ऋण संकट को लेकर आशंकाएं कम होने के बाद सेंसेक्स ने 60 हजार अंक का आंकड़ा पार किया, हालांकि बाजार में दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के सीईओ (रिटेल) संदीप भारद्वाज ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में ठोस आर्थिक सुधार और लगातार वृद्धि की उम्मीदें तेजड़ियों को उत्साहित कर रही हैं।