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राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के लिए आवेदन आमंत्रित

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के लिए आवेदन आमंत्रित

अंबिका/शिमला: राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग ने अध्यक्ष के एक पद तथा सदस्यों के दो पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए केवल वही अभ्यार्थी आवेदन करें जो अखिल भारतीय सेवाओं का सदस्य हो अथवा रहा हो, केन्द्र व राज्य में अन्य नागरिक सेवाओं के अन्तर्गत किसी पद पर अपनी सेवाएं दी हों, खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों में अनुभव, नीति बनाना और कृषि के क्षेत्र में प्रशासनिक अनुभव, खाद्य आपूर्ति, पोषाहार, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित क्षेत्र में अनुभव व जानकारी रखते हों।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनुभव व ज्ञान के अलावा समाज में विशेष स्थान रखने वाले व्यक्ति, कानून, मानवाधिकार, प्रबन्धन, समाज सेवा, खाद्य नीति तथा लोक प्रशासन से संबंधित व्यक्ति भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिस अभ्यार्थी ने निर्धन वर्ग के खाद्य एवं पोषाहार में सुधार लाने के संबंध में कार्य किया हो वह भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि अध्यक्ष तथा सदस्य पांच वर्षों के लिए अथवा 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो के लिए नियुक्त होंगे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा नियम, 2019 के तहत निर्धारित शर्तें व नियम लागू होंगे।

आवेदन सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कार्यालय में 30 सितम्बर, 2019 सांय 5 बजे तक पूर्ण ब्यौरे के साथ पहुंच जाने चाहिए। निर्धारित तिथि व समय के उपरान्त प्राप्त आवेदन स्वीकार्य नहीं होंगे तथा इन्हें रदद् माना जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दीवाली पर्व के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दीवाली पर्व के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान

अंबिका/शिमला: हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि आने वाले दीवाली उत्सव के दौरान पटाखों के कारण होने वाले दुष्प्रभावों का आकलन करने के उद्देश्य से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान राज्य की ध्वनि एवं वायु गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बोर्ड के अन्तर्गत राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों तथा प्रयोगशाला प्रभारियों को प्रदेश की ध्वनि एवं वायु गुणवत्ता के निरीक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं जो 20 अक्तूबर से 3 नवम्बर, 2019 तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि दीवाली से पूर्व 21 अक्तूबर तथा दीवाली के दिन (27 अक्तूबर) को ध्वनि गुणवत्ता निरीक्षण करवाया जाएगा ।

प्रवक्ता ने कहा कि इस निरीक्षण अभियान के दौरान पटाखों से हवा में उत्पन्न होने वाले सामान्य मापदण्डों जैसे कि (पीएम10, पीएम 2.5), सल्फर आकसाईड, नाईट्रोजन, कार्बन मोनोआक्साईड तथा अमोनिया के अतिरिक्त कुछ अन्य मापदण्ड जैसे लैड, निक्कल, आरसनिक, बैरियम, आयरन, स्ट्रोन्टियम की निगरानी भी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सभी उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालय परिसर जैसे शांतिपूर्ण क्षेत्रों में कानून के अनुसार 100 मीटर दायरे के अन्दर  पटाखों का न चलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 125 डीबीए से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों की बिक्री और प्रयोग भी प्रतिबन्धित है। इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस सम्बन्ध में जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करना भी सुनिश्चित किया जाए।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिक्षा विभाग से पटाखों से होने वाले नुकसान और ध्वनि तथा वायु प्रदूषण के बारे बच्चों को जागरूक करें तथा उन्हें प्रदूषण रहित दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रकाश के उत्सव को पर्यावरण मित्र के रूप में मनाने और पटाखों को न चलाने का आग्रह किया 

हिमाचल को बीबीएमबी परियोजनाओं में बनाया जाए पूर्णकालिक सदस्य : मुख्यमंत्री

हिमाचल को बीबीएमबी परियोजनाओं में बनाया जाए पूर्णकालिक सदस्य : मुख्यमंत्री

रीना ठाकुर/शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुनः भारत सरकार से मांग की है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 में संशोधन कर हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबन्धन बोर्ड (बीबीएमबी) परियोजनाओं में पूर्णकालिक सदस्य बनाया जाए ताकि लम्बित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज चण्डीगढ़ में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजैडसी) की बैठक में भाग लेते हुए यह मांग उठाई। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में की गई इस बैठक में विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उत्तरी क्षेत्र के मंत्रियों, भारत सरकार और उत्तरी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने हमेशा राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए देश में विभिन्न प्रकार के बांधों के निर्माण के लिए अपनी उपजाऊ भूमि प्रदान की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और राजस्थान सरकार के राहत और पुनर्वास अधिकारियों की एक समन्वय समिति गठित की जाए ताकि हिमाचल प्रदेश के पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के लिए लम्बित मामलों का समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय उच्च समिति भी गठित की जाए। जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से 5 हेक्टेयर तक की वन भूमि के लिए वन स्वीकृतियां प्रदान करने का अधिकार राज्य सरकार को देने का आग्रह किया ताकि लघु कल्याणकारी योजनाएं समय पर पूरी हो सकें और प्रदेश का विकास वन स्वीकृतियों में देरी से बाधित न हो।

युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त रणनीति बनाई है, जो नशे से निपटने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि केन्द्रीय एजेंसियां सभी राज्यों के साथ नशे के व्यापार से संबंधित जानकारी सांझा करें। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा पर स्थित जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर प्रदेश में नशे के व्यापार पर निगरानी रखी जा सकती है। जय राम ठाकुर ने शीघ्र ही पड़ोसी राज्यों के साथ अन्तर-राज्य सीमा विवादों के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लेह-लद्दाख के जिला प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पिति में अनाधिकृत कब्जा किया है। उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री से इस मामले को शीघ्र निपटाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारे अवैध खदानों तथा अनाधिकृत खनन को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने तथा दोषियों के विरूद्ध सख्ती से कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा काफी साल पहले ही पॉलीथीन के बैगों के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था लेकिन दैनिक उपयोग के उत्पादों की पैकिंग के लिए पॉलीथीन का उपयोग किया जा रहा है, जो हिमाचल प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने में रूकावट बन रहा है। उन्होंने कहा कि आम जनता में प्लास्टिक से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तर भारत के राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने राज्य में प्लास्टिक के बैगों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाकर अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित करें ताकि लोगों को प्रदूषणमुक्त वातावरण उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्र हित में हरे पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया है तथा इस प्रकार राष्ट्र में पर्यावरण संरक्षण में अपना भरपूर योगदान दे रही है। उन्होंने केन्द्र सरकार से प्रदेश के सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रही सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के भाग के रूप में राज्य की वन क्षतिपूर्ति राशि पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्र सरकार से कालका-शिमला, किरतपुर-नेरचौक और पठानकोट-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्गों की राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वत्ता को ध्यान में रखते हुए इन फोरलेन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह भी किया। जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से प्रदेश के सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर तथा उत्तर-पूर्वी राज्यों की तर्ज पर क्षेत्रीय क्नेक्टिविटी के लिए उड़ान योजना के तहत 90:10 की सुविधा प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्र सरकार से मण्डी जिला में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नागचला के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने तथा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में घोषित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने चण्डीगढ़-बद्दी रेल लाईन परियोजना को शीघ्र पूरा करने का भी अनुरोध किया।

 

उद्योग मंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के विभिन्न मामले केन्द्र सरकार से उठाए

उद्योग मंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के विभिन्न मामले केन्द्र सरकार से उठाए

  • उद्योग मंत्री ने जीएसटी परिषद की 37वीं बैठक में भाग लिया

शिमला: उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज गोआ में चल रही माल और सेवा कर परिषद की 37वीं बैठक में भाग लिया। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है और यहां की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों से भिन्न हैं। हमारे प्रदेश में सीमित संसाधन है। प्रदेश में ज्यादा बड़े व्यापारिक केन्द्र नहीं है। जीएसटी के एक मूल सिद्धांत के अनुसार ‘बिजनेस टू कंज्यूमर’ की व्यवस्था के तहत कर प्राप्ति का अधिकार बनता है, जिससे हमारा प्रदेश वंचित है।

उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े व्यापार उद्योग न होने के कारण प्रदेश के लोग प्रदेश में उपयोग होने वाली बड़ी मशीनरी, कंमर्शियल व घरेलू वाहन, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुडज इत्यादि की खरीद प्रदेश के साथ लगते बड़े महानगरों दिल्ली, चण्डीगढ़, पंजाब से करते हैं, जिससे प्रदेश के हिस्से में आने वाले जीएसटी का लाभ प्रदेश को नहीं मिल पाता जो कि जीएसटी की मूल भावना के विरूद्ध है। उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा की बात को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न मामले केन्द्र सरकार से उठाए हैं। उद्योग मंत्री ने बैठक में कहा कि जीएसटी प्रणाली के तहत सभी प्रकार का कर सभी खरीद पर होना चाहिए, किंतु हमें ये अधिकार नहीं मिल पा रहा है।

उद्योग मंत्री ने बैठक की अध्यक्षता कर रही देश की केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं उपस्थित केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से अनुरोध किया कि प्रदेश में जीएसटी के मूल सिद्धांत एजैंडा आईटम नम्बर 7 (III) के अनुसार पूर्ण अधिकार का अनुमोदन करने का अनुरोध किया।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कुल्लू शॉल और कांगड़ा चाय भी भेंट की। इस बैठक में प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान) संजय कुंडू व आवकारी कराधान आयुक्त डॉ. अजय शर्मा उपस्थित थे।

सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 10 अक्तूबर तक बढ़ी

सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 10 अक्तूबर तक बढ़ी

सुजानपुर (हमीरपुर) : सैनिक स्कूल सुजानपुर की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि को बढ़ा दिया गया है। आवेदन करने की तिथि 23 सितंबर से बढ़ाकर अब 10 अक्तूबर कर दी गई है। इस बार छठी और नवीं कक्षा में प्रवेश के लिए पांच जनवरी को परीक्षा होगी। परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन करने की तिथि 23 सितंबर तक थी। अब आवेदन करने की तिथि को बढ़ाकर 10 अक्तूबर तक कर दिया गया है।

सैनिक स्कूल सुजानपुर ने इस सूचना को स्कूल नोटिस बोर्ड के साथ-साथ स्कूल की वेबसाइट पर भी डाल दिया है। स्कूल प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन अमित कुमार पॉल ने बताया कि आवेदन करने की तिथि 23 सितंबर से बढ़ाकर 10 अक्तूबर तक कर दी गई है।

पीजीआई में डॉक्टरों की निगरानी में हैं वीरभद्र सिंह, टेस्ट रिपोर्ट ठीक

पीजीआई में डॉक्टरों की निगरानी में हैं वीरभद्र सिंह, टेस्ट रिपोर्ट ठीक

शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की शुक्रवार को मेडिकल की सभी रिपोर्ट सही पाई गई हैं। वीरभद्र सिंह दो दिन से पीजीआई चंडीगढ़ में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सूत्रों से मालूम हुआ है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की स्वास्थ्य जांच कराई गई थी। मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है। यह सभी रिपोर्ट सही पाई गई हैं, लेकिन अभी उन्हें पीजीआई में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। वीरभद्र सिंह के साथ उनकी पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और उनके पुत्र विधायक विक्रमादित्य सिंह भी हैं।

शिमला: कनेडी हाउस चौक से बालूगंज तक भारी वाहनों को रोकने के लिए लोगों के सुझाव आमंत्रित

शिमला: कनेडी हाउस चौक से बालूगंज तक भारी वाहनों को रोकने के लिए लोगों के सुझाव आमंत्रित

  • अधिसूचना जारी होने के 15 दिन के भीतर हितधारक अपने सुझाव, राय व आक्षेप उपायुक्त कार्यालय भेज सकते हैं

अंबिका/शिमला: पुलिस अधीक्षक शिमला की अनुशंसा के अतर्गत जिला दंडाधिकारी शिमला अमित कश्यप ने कनेडी हाउस  चौक से बालूगंज तक सड़क पर मालवाहक वाहनों  जिसमें ट्रक, पिकअप सभी भारी एंव मध्यम सवारी रोड़ रोलर जैसे वाहनों के कारण सामान्य यातायात बाधा उत्पन्न हो रही है वहीं पैदल चलने वाले यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

जिलादंडाधिकारी ने कहा कि इस मार्ग पर केवल आपातकालीन,सार्वजनिक उपयोगिता वाले वाहनों,  स्कूल बसें, पथ परिवहन की टैक्सी टेंपों टैवलरों को ही कनेडी हाउस चौक से बालूगंज वाया चौडामैदान दीपक प्रोजेक्ट चलाया जाये।

जिला दंडाधिकारी अमित कश्यप  ने जनसाधारण की सुविधा के दृष्टिगत इस मार्ग पर भारी वाहनों को रोकने के लिए लोगों के सुझाव, आक्षेप व राय आमंत्रित किये है उन्होने कहा कि इस संबध अधिसुचना जारी होने के 15 दिन के भीतर हितधारक अपने सुझाव, राय व आक्षेप उपायुक्त कार्यालय भेज सकते हैं।

शिमला: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में छात्र आंदोलन के बीच 18 से 25 सितंबर तक विश्वविद्यालय बंद रखने के आदेश

शिमला: शिमला की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में छात्र आंदोलन के बीच प्रशासन ने 18 से 25 सितंबर तक विश्वविद्यालय बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। चार दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा यह रास्ता निकला गया। लेकिन विश्व विद्यालय में साधनों और सुविधाओं की कमी को लेकर छात्र हड़ताल पर हैं संस्थान ने आज संस्थान और हॉस्टल खाली करने के आदेश दिये ।

शिमला के घंडल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में चल रहे छात्रों के धरने के बीच विवि प्रशासन ने एक सप्ताह के लिए विवि को बंद कर दिया है। छात्रों को तुरंत कैंपस खाली करने के आदेश दिए हैं। लेकिन छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है औऱ आंदोलन कारी छात्र अपनी मांगे पूरी होने तक हड़ताल वापिस लेने को तैयार नहीं है।  परिसर में रात को अगर कोई छात्र रहता है तो वह उसकी जिम्मेवारी होगी। आदेशों में साफ कहा है कि अगर 20 सितंबर तक कोई छात्र हॉस्टल खाली नहीं करता है तो ऐसे छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव की तरफ से जारी आदेशों में कहा कि छात्रों से समस्याओं पर बात की है।  इसमें समस्याएं हल करने की बात कही है। बावजूद इसके छात्र धरने को समाप्त नहीं कर रहे है।

बुधवार को छात्रों का प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से भी मिला था। इसके बाद चांसलर के आदेशों पर यूनिवर्सिटी को एक सप्ताह के लिए बंद करने का नोटिस जारी कर दिया गया।

आज से छात्रावास और यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया जाएगा। कहा कि धरने पर बैठे छात्रों को छात्रावास में खाना बराबर दिया जा रहा है। धरने पर बैठे छात्रों पर भी प्रशासन नजर रखे हुए है।  राजधानी शिमला के घंडल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में मूलभूत सुविधाओं को लेकर आंदोलनरत सैकड़ों छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन फिलहाल जारी है औऱ छात्र किसी भी स्थिति में अपनी हड़ताल को वापिस लेने के मूड में नही है।   यूनिवर्सिटी और छात्रावासों में पेयजल से लेकर खाने की गुणवत्ता के साथ ही अन्य समस्याओं की लंबी फेहरिस्त के साथ आंदोलन कर रहे इन छात्रों ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है ।

छात्रों का कहना है कि लाखों की भारी भरकम  फीस देने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी में चार सौ के करीब छात्र-छात्राओं के लिए मेडिकल तक सुविधा नहीं है। यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने हालांकि बुधवार को धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से बातचीत की लेकिन उसमें उन्हें दिए जा रहे आश्वासनों पर छात्र आंदोलन स्थगित करने पर राजी नहीं हुए।

बुधवार को ही छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी के चांसलर मुख्य न्यायाधीश से भी मिला था। इसके बावजूद छात्र संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अपने धरने का जारी रखा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन अब छात्रों के अभिभावकों को फोन से संपर्क कर रही है, जिसमें विवि को एक सप्ताह के लिए बंद किए जाने की सूचना दी जा रही है।

 

बाईट : छात्र, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, घण्डल, शिमला।

बाईट : निष्ठा जसवाल, वाइस चांसलर

शिमला: रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने वाली सभी संस्थाए पांच दिन पूर्व अनुमति लेकर निकटतम पुलिस थानों को करें अवश्य सूचित

शिमला: रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने वाली सभी संस्थाए पांच दिन पूर्व अनुमति लेकर निकटतम पुलिस थानों को करें अवश्य सूचित

अंबिका/शिमला: दशहरे के अवसर पर जिलाभर में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने वाली सभी संस्थाए कार्यक्रम आयोजन के पांच दिन पूर्व अनुमति अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था या उपमंडलाधिकारियों अथवा स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर निकटतम पुलिस थानों को अवश्य सूचित करें। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने आज नवरात्रों तथा दशहरा कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिला व स्थानीय प्रशासन द्वारा रावण दहन आयोजन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व अग्निशमन व्यवस्था की उपलब्धता के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि इस दौरान किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने सभी से इस संबंध में सहयोग की अपील की।

तारादेवी व संकटमोचन मंदिर के लिए HRTC द्वारा पुराने बसस्टैंड से चलेंगी अतिरिक्त बसें: उपायुक्त शिमला अमित कश्यप

नवरात्रों व दशहरा कार्यक्रमों के दौरान कुछ यूँ रहेगी शिमला की व्यवस्था ….

  • तारादेवी व संकटमोचन मंदिर के लिए HRTC द्वारा पुराने बसस्टैंड से चलेंगी अतिरिक्त बसें: उपायुक्त शिमला अमित कश्यप

रीना ठाकुर/शिमला: उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने आज नवरात्रों व दशहरा कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था  को लेकर दशहरे के अवसर पर जाखू मंदिर जाने वाले श्रद्धालु अपनी गाड़ी संजौली, छोटा शिमला, लिफ्ट  की पार्किंग पर खड़ा करें। उन्होंने कहा कि नवरात्रों के दौरान 29 सितम्बर, 2 अक्तूबर, 6, 7 व 8 अक्तूबर को अवकाश तथा अष्टमी, नवमी तथा दशहरे के दिन तारादेवी मंदिर और संकटमोचन मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा पुराने बस अड्डे से अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। जाखू मंदिर जाने के लिए श्रद्धालुओं को लिफ्ट पार्किंग, रिट्स सिनेमा, संजौली तथा छोटा शिमला से परिवहन निगम की टैक्सी सुविधाएं निरंतर उपलब्ध करवाई जाएंगी। तारादेवी मंदिर के लिए श्रद्धालुओं को शोघी से तारादेवी मंदिर तथा आनन्दपुर से मंदिर तक के लिए निरंतर बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि जाखू मंदिर के लिए नवरात्रों के दौरान यातायात व्यवस्था वन-वे रहेगी, जिसक तहत मंदिर जाने के लिए सभी वाहन फाईव बैंच होकर जाएंगे, जबकि मंदिर से वापिस आने वाले वाहन जंगल हाउस इंडस अस्पताल वाले रास्ते से आएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को इस दौरान पीने के पानी, स्वच्छ शौचालय तथा चिकित्सा सुविधा के लिए डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। संकटन मोचन, तारादेवी, और जाखू मंदिर में इस दौरान भण्डारे व प्रसाद ग्रहण के लिए उचित व्यवस्था बनाए तथा लोगों की सुविधा के लिए भी चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि नवरात्रों के दौरान कालीबाड़ी मार्ग पर लगने वाली दुकानें सड़क के एक तरफ लगाई जाएं, ताकि आने जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस आदेश का अवहेलना करने वाले के प्रति कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं को अन्य सुविधाएं प्रदान करने तथा वैकल्पिक यातायात व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किये।