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शिमला शहर को 24 घण्टे जलापूर्ति होगी 2021 तक सुनिश्चित

शिमला शहर को 24 घण्टे जलापूर्ति होगी 2021 तक सुनिश्चित

  • सतलुज नदी से जलापूर्ति योजना के संवर्धन के लिए 322.5 करोड़ की डीपीआर को अतिंम रूप

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला शहर में पेयजलापूर्ति में सुधार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति की समीक्षा करने के लिए आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के लिए पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए दीर्घकालिक कार्य योजना के तहत सतलुज नदी से जलापूर्ति योजना के संवर्धन के लिए 322.5 करोड़ रुपये की एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिसम्बर 2021 तक पूरी हो जाएगी और शिमला शहर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इस संवर्धन परियोजना के पूरा होने के बाद शिमला जल प्रबन्धन निगम लिमिटेड वितरण नेटवर्क के सुधार के लिए काम करेगा, जिसके लिए सलाहकार द्वारा बोली दस्तावेज तैयार किए गए हैं और यह कार्य मार्च 2024 तक पूरा हो जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि अल्पकालिक उपायों के तौर पर 17 एमएलडी की कुल क्षमता के साथ फीडर लाइन सहित नौ भंडारण टैंकों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इसमें से सात साइटों को अंतिम रुप दे दिया गया है और 25.50 करोड़ रुपये खर्च कर कार्य अप्रैल, 2019 तक पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिसाव को कम करने के लिए स्नोडाउन पंप हाउस में राइजिंग मेन और पंपिंग मशीनरी को बदला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई और जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा 63 करोड़ रुपये की लागत से सतलुज से जल आपूर्ति योजना गुम्मा का संवर्धन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य अप्रैल, 2019 तक पूरा हो जाएगा और कममजोर मौसम के दौरान गुम्मा जल उपचार संयंत्र में पानी की उपलब्धता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि गिरि राइजिंग मेन के प्रतिस्थापन का कार्य आवंटित कर दिया गया है, जो अगले वर्ष मार्च तक 6.80 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंपिंग दक्षता में सुधार के लिए उठाऊ जल आपूर्ति योजना गुम्मा में चार पंपों के प्रतिस्थापन के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। यह कार्य तीन करोड़ रुपये व्यय कर अगले वर्ष फरवरी माह तक पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणात्मक पेयजल प्रदान करने के लिए जल उपचार संयंत्र के स्तरोन्यन (यूवी उपचार और क्लोरीनेशन) अगले मार्च तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को बैक्टीरिया व वायरस मुक्त पानी सुनिश्चित उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्य पाइप लाइनों के साथ.साथ वितरण लाइनों से रिसाव को प्लग करने के निर्देश दिये ताकि पानी के नुकसान से बचा जा सके।

सिंचाई और जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार को पहले से ही तैयार रहने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि शिमला शहर के लोगों को भविष्य में पानी के संकट का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि आम जनता तथा शहर में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न भागों में 25 जल एटीएम स्थापित किए जाएंगे।

19 और 20 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक

19 और 20 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक

शिमला: भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 19 और 20 सितंबर को राजधनी शिमला में होटल पीटरहॉफ में होगी। मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने 18 समितियों के प्रमुखों से बैठक कर तैयारियों पर फीडबैक लिया। सत्ती और संचालन समिति ने सभा स्थल का दौरा कर भी तैयारियों का जायजा लिया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शशी दत्त शर्मा ने बताया बैठक में संगठन पदाधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री, प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक, भाजपा जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री समेत लगभग 330 प्रतिनिधि शामिल होंगे।

बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर प्रस्ताव लाया जाएगा। उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। आगामी लोकसभा चुनाव पर भी कार्ययोजना बनाई जाएगी। संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

समीक्षा बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त, प्रदेश कोषाध्यक्ष कपिल देव सूद, राजपाल सिंह, नरेश शर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी रवि मेहता, ईश्वर रोहाल, प्रमोद शर्मा, कुसुम सदरेट, करण नंदा, रमेश चोजड़, अजय श्याम, प्यार सिंह कंवर, किरण बावा, भारती सूद, कुसुम ठाकुर, राकेश शर्मा, प्रमोद ठाकुर, विजय शर्मा आदि उपस्थित रहे।

शिमला फेस्ट का 20 सितंबर को होगा आगाज, 20 सितंबर को रहेंगे ये कार्यक्रम

“शिमला फेस्ट” का 20 सितंबर से होगा आगाज, 20 सितंबर को रहेंगे ये कार्यक्रम

  • “शिमला फेस्ट” 20 सितंबर से, राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे शुभारम्भ : उपायुक्त शिमला अमित कश्यप
  • शिमला फेस्ट के दौरान लोगों की सुविधा के लिए विशेष बसें

शिमला: शिमला फेस्ट 20 सितंबर को आरम्भ होगा। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि इसका शुभारम्भ राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे। अमित कश्यप ने बताया कि कार्यक्रम सांय 4:30 बजे आरम्भ होगा। सांय 4:30 बजे से 5:30 बजे तक स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला द्वारा नाटी, स्वर्ण पब्लिक स्कूल टूटी कंडी द्वारा राजस्थानी नृत्य, आंचल पब्लिक स्कूल दुधली द्वारा कश्मीरी नृत्य और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर द्वारा चम्बयाली नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।

"शिमला फेस्ट" 20 सितंबर से, राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे शुभारम्भ : उपायुक्त शिमला अमित कश्यप

“शिमला फेस्ट” 20 सितंबर से, राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे शुभारम्भ : उपायुक्त शिमला अमित कश्यप

उन्होंने बताया कि सांय 5:30 बजे से 6:30 बजे तक इंटर कॉलेज फयूजन डांस कम्पटीशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें संस्कृत महाविद्यालय फागली, राजकीय महाविद्यालय चौड़ा मैदान और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।

अमित कश्यप ने बताया कि साय 6:30 बजे से 7:30 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में कलाकार बन्सी लाल, कुमारी दीक्षा, मनोज कुमार, संदीप कुमार, वन्दना सरकैक, भुवनेश कुमार, निधी वालिया डांस ग्रुप, कुमारी मनीषा, नितिन तोमर, जेएस नेगी, शिवानी शर्मा व मेघा शर्मा, रणजीत भारद्धाज, गोपाल भारद्वाज, अतुल कुमार डोंगरे और रॉक डांस कम्पनी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि सांय 7:30 बजे से 7:45 बजे तक सरस्वती सुर संगम ग्रुप धर्मशाला द्वारा झमाकड़ा नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। सांय 8 से 8:30 बजे तक सुश्री देवयानी द्वारा क्लासीकल डांस प्रस्तुत किया जाएगा।

सांय 8:30 बजे से 9 बजे तक उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक परिषद पटियाला के कलाकारों द्वारा हरियाणवी फाग व घूमर नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। रात्रि 9 बजे से 10 बजे तक गायक अनुज शर्मा आकर्षक प्रस्तुती देंगे।

  • शिमला फेस्ट के दौरान लोगों की विशेष बस सुविधा

अमित कश्यप ने बताया कि शिमला फेस्ट के दौरान लोगों की सुविधा के लिए पुराना बस अडडा से छोटा शिमला-संजौली-लक्कड बाजार-पुराना बस अडडा रूट पर दो विशेष बसें, पुराना बस अडडा से लक्कड बाजार- संजौली-छोटा शिमला-पुराना बस अडडा रूट पर दो विशेष बसें, पुराना बस अडडा से मैहली- पुराना बस अडडा रूट पर दो विशेष बसें, पुराना बस अडडा से टूटू- पुराना बस अडडा तक दो विशेष बसें, पुराना बस अडडा से आईएसबीटी-पुराना बस अडडा रूट पर दो विशेष बसें चलाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि यह विशेष बसें शिमला फेस्ट के दौरान पहले तीन दिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक और अन्तिम दिन रात्रि 8 बजे से रात्रि 12 बजे तक हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा चलाई जाएंगी।

प्रदेश को मॉनसून के दौरान 1217.29 करोड़ रुपये का नुकसान, 264 लोगों की गई जान

प्रदेश को मॉनसून के दौरान 1217.29 करोड़ रुपये का नुकसान, 264 लोगों की गई जान

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में पूर्व चेतावनी एवं अलर्ट प्रणाली के लिए एनडीएमए द्वारा विकसित पायलट टेस्टिंग ऑफ कॉमन अलर्ट प्लेटफार्म का किया गया प्रशिक्षण
  • राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन डी.सी. राणा ने राज्य में बाढ़ व वर्षा के कारण हुई क्षति पर दी विस्तृत प्रस्तुति
  • पहली बार मंडी जिले के कोटरूपी तथा ओट में भूस्खलन सेंसर किये स्थापित

शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां  1 जुलाई से 17 सितंबर, 2018 तक राज्य में मॉनसून के दौरान हुए नुकसान और क्षति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश को वर्तमान मॉनसून के दौरान भारी बर्षा, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के कारण 1217.29 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को वर्षा के कारण सड़कां, पुलों, डंगों और दीवारों को हुई क्षति से सर्वाधिक 735 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह पाया गया है कि भारी बारिश के साथ-साथ मलबे की अनियोजित डंपिंग भी सड़कों की क्षति का कारण रहा। उन्होंने कहा कि उचित डंपिंग स्थल चिन्हित किए जाने चाहिए और यह भी सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि मलबे का निपटान चिह्नित स्थलों पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावी क्रॉस नालियां तथा सड़कों के किनारे ड्रेनेज सुविधाएं सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को 328.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अनेक मुख्य, मध्यम व लघु पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाएं भूस्खलन व भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई। उन्होंने कहा कि कृषि व बागवानी क्षेत्र को 88.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि ऊर्जा क्षेत्र को 24.50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य की क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं की तत्काल बहाली व मुरम्मत कार्यों के लिए 229.64 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में  बादल फटने के 33 तथा भूस्खलन के 391 मामले सामने आए, जिनसे सम्पत्ति को भारी नुकसान हुआ। इस अवधि के दौरान कुल 264 लोगों की जाने गईं, जिनमें क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण सड़क दुर्घटनाओं से 199 मौतें शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के नूरपुर में एक एनडीआरएफ की कंपनी तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त प्रमुख नदियों के जल स्तर की दैनिक निगरानी भी सुनिश्चित बनायी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने तथा शुरुआती चेतावनी के लिए पहली बार मंडी जिले के कोटरूपी तथा ओट में भूस्खलन सेंसर स्थापित किये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश को हुए नुकसान की भरपाई के लिए केन्द्र सरकार को ज्ञापन प्रस्तुत करेगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में पूर्व चेतावनी एवं अलर्ट प्रणाली के लिए एनडीएमए द्वारा विकसित पायलट टेस्टिंग ऑफ कॉमन अलर्ट प्लेटफार्म का प्रशिक्षण किया गया।

विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन डी.सी. राणा ने इस अवसर पर राज्य में बाढ़ व वर्षा के कारण हुई क्षति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

राज्य के निजी विश्वविद्यालय भी अपनाएंगे शून्य लागत प्राकृतिक कृषि

राज्य के निजी विश्वविद्यालय भी अपनाएंगे शून्य लागत प्राकृतिक कृषि

  • राज्यपाल के आह्वान पर लिया इस दिशा में कार्य करने का निर्णय

शिमला: राज्यपाल आचार्य देवव्रत के आह्वान पर प्रदेश में स्थापित निजी विश्वविद्यालय भी शून्य लागत प्राकृतिक कृषि के मॉडल को अपनाकर यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को कृषि की इस पद्धति के लिए तैयार करने के साथ-साथ इस कृषि पद्धति को व्यपाक स्तर पर प्रोत्साहन देंगे। राज्य में पहली बार इस दिशा में हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षिक संस्थान विनियामक आयोग के प्रयासों से चार निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ राजभवन शिमला में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की।

बैठक में अभिलाशी विश्वविद्यालय, मण्डी के कुलपति डॉ. ए.एस. गुलेरिया, बद्दी विश्वविद्यालय के डीन ब्रिगेडियर सुभाष कटोच, आई.ई.सी विश्वविद्यालय, बद्दी के कुलपति डॉ. नवीन गुप्ता, अर्नी विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर संसार वर्मा तथा हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षिक संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य डॉ. एस.पी. कटयाल उपस्थित थे।

इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर, बागवानी विश्वविद्यालय, नौणी तथा गुरुकुल कुरुक्षेत्र के कृषि फॉर्म की ताजा रिपोर्ट से यह निष्कर्ष सामने आया है कि प्राकृतिक कृषि, जो भारतीय नस्ल की गाय पर आधारित है, को अपनाने से जमीन का आर्गेनिक कार्बन बढ़ा है और मित्र जीवाणुओं की अत्यधिक संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने जानकारी दी कि प्राकृतिक कृषि को अपनाने से गुरुकुल कुरुक्षेत्र के कृषि फॉर्म में आर्गेनिक कार्बन की मात्रा प्रति एकड़ .9 पहुंच गई है जो पहले .3 थी। इसके अतिरिक्त, यहां 25 से 30 क्विंटल धान की खेती प्रति एकड़ ली जा रही है। कृषि वैज्ञानिक भी इस परिवर्तन से हैरान हैं।

उन्होंने आध्रप्रदेश के गुन्टूर में ‘इंटलैक्ट कन्सोरटियम’ द्वारा जी.आई.ज़ैड, इण्डिया पर किए गए अध्ययन का जिक्र करते हुए कहा कि मिर्च व कपास पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि प्रति एकड़ पर रसायनिक खेती से किसानों को 50 हजार रुपये की फसल प्राप्त हुई, जबकि जैविक तौर पर की गई खेती से 68 हजार रुपये और प्राकृतिक कृषि से 96 हजार रुपये प्रति एकड़ की खेती की गई। यह रिपोर्ट शून्य लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति के फायदे को स्वयं बयां करती है। उन्होंने कहा कि यदि निजी विश्वविद्यालय, जो कृषि विभाग का संचालन भी कर रहे हैं, इस दिशा में आगे आते हैं तो शुरूआती दौर में ही विद्यार्थियों को इस पद्धति से जोड़ने पर अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

राज्यपाल ने कुलपतियों के आग्रह पर उन्हें भारतीय नस्ल की गाय उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया तथा परामर्श दिया कि वे अपने विशेषज्ञों को प्राकृतिक कृषि संबंधी जानकारी के लिए गुरुकुल कुरुक्षेत्र भेज सकते हैं। इसे आधार बनाकर वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है और प्रदेश भर में ग्राम स्तर तक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य में न केवल किसान बल्कि एन.सी.सी, एन.एस.एस और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी संबद्ध किया जा रहा है ताकि ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थी भी इसका प्रचार कर सकें।

राज्यपाल ने इस अवसर पर उन्हें शून्य लागत प्राकृतिक कृषि संबंधी विस्तृत जानकारी दी और इसके फायदे से उन्हें अवगत करवाया।

इस साल सेब का उत्पादन पिछले वर्षों के मुकाबले कम

इस साल सेब का उत्पादन पिछले वर्षों के मुकाबले कम

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब का उत्पादन पिछले वर्षों के मुकाबले कम हुआ है। जिससे सेब के दाम भी कम मिल रहे हैं। इस बावत बाग़वानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि इस बार हिमाचल प्रदेश में पिछले वर्षों के मुक़ाबले बहुत कम सेब हुआ है।

प्रदेश की विभिन्न मंडियों में अभी तक बागवानों का 10,56,9178 पेटी सेब पहुंच चुका है। जबकि 2,11,383. 56 मीट्रिक टन सेब निर्यात किया गया है। जिनकी ढुलाई के लिए 23,484 ट्रकों की मदद ली गई।

हिमाचल प्रदेश का 1600 रॉयल डिलीशियस पेटी सेब अभी तक दिल्ली की मंडियों तक पहुंचा है। प्रदेश में स्थापित 277 एप्पल कलेक्शन सेन्टर के माध्यम 15709.855 मीट्रिक टन सेब खरीदा गया।

शिकायत निवारण शिविर कोर्ट स्थगित

मंडी : 24 व 25 सितम्बर को शिकायत निवारण शिविर कोर्ट स्थगित

मंडी: हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 24 व 25 सितम्बर, 2018 को उपायुक्त कार्यालय मंडी में आयोजित होने वाला शिकायत निवारण शिविर कोर्ट किन्हीं अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में सिंचाई का साधन है उसे सेब के पौधे देगी सरकार

प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में सिंचाई का साधन है उसे सेब के पौधे देगी सरकार

शिमला : प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में सिंचाई का साधन है और जिनके पास अपनी जमीन है उसे सरकार सेब के पौधे देगी। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि एक बैंक से और एक सरकार की ओर से कंसल्टेंट तैनात करेंगे। यह जानकारी बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पूर्व में कंसल्टेंट पर ही करोड़ों फूंक दिए ऐसा हमारी सरकार नहीं करेगी। महेंद्र सिंह ने कहा कि बागवानी विकास के तहत जो भी परियोजनाएं सरकार को स्वीकृत हुई हैं उसमें कलस्टर सिस्टम नहीं रखेंगे।

बागवानी मंत्री ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विदेशों से बड़े पैमाने पर रूट स्टॉक मंगवाए गए, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत पहुंचते ही सूख गए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थितियां व जलवायु उन देशों से भिन्न हैं, जहां से इस प्रकार के रूट स्टॉक मंगवाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नर्सरियों में यहां की जलवायु के अनुकूल रूट स्टॉक तैयार करने की बेहतर संभावना मौजूद है।

2023 तक 13 लाख रूट स्टॉक मौजूदा अधोसंरचना के अनुरूप तैयार होंगे। उन्होंने 2018-19 के लिए इस परियोजना के तहत लगभग 150 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना को भी स्वीकृति प्रदान की। कुल मिलाकर प्रदेश में बागवानी विकास के तहत 1688 और मशरूम की खेती के लिए 423 करोड़ का प्रोजेक्ट है।

उन्होंने कहा कि हम बागवानी को राज्य के सभी क्षेत्रों में लाना चाहते हैं और इसके लिए कलस्टरों को चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है। कलस्टर वही गांव अथवा क्षेत्र चयनित किए जा रहे हैं जहां सिंचाई की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है अथवा सिंचाई योजना निर्माणाधीन है। इसके अलावा, मिट्टी की उपयुक्त जांच करवाकर जलवायु के अनुरूप पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना के अंतर्गत बागवानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। अनेक प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित की जाएंगी और विपणन की भी व्यवस्था होगी। इनमें युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

 

राजकीय सम्मान के साथ भारतीय वायुसेना के पायलट कार्तिक ठाकुर का अंतिम संस्कार

राजकीय सम्मान के साथ भारतीय वायुसेना के पायलट कार्तिक ठाकुर का अंतिम संस्कार

लडभड़ोल (मंडी): भारतीय वायुसेना के पायलट कार्तिक ठाकुर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ बैजनाथ के महाकाल श्मशान घाट पर किया गया। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को गांव लाहला लाया गया था। कार्तिक को सैंकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। कार्तिक के चचेरे भाई ओजस ठाकुर ने चिता को मुखाग्नि दी। वहीं जवानों ने हवाई फायर करके कार्तिक को सलामी दी।

इस दौरान सांसद राम स्वरूप शर्मा, जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा और बैजनाथ के विधायक मुल्खराज प्रेमी के अलावा प्रशासन की ओर से एसडीएम जोगिंद्रनगर और बैजनाथ भी मौजूद रहे।

मंगलवार सुबह कार्तिक के शव को कोलकाता से उनके गांव लाहला लाया गया था। वायुसेना के आधिकारिक बयान में कार्तिक की मौत की वजह हादसा बताई है। लेकिन इसका खुलासा होना अभी बाकि है। हैदराबाद में पोस्टेड कार्तिक ट्रेनिंग के सिलसिले में कोलकाता आए थे। कार्तिक ठाकुर के परिजनों ने अपने बेटे की मौत के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। 23 वर्षीय कार्तिक ठाकुर मंडी जिला की लड़भड़ोल तहसील के लाहला गांव का रहने वाले थे और कोलकाता में वायुसेना में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर तैनात थे। रविवार को उनकी मौत हो गई।

परिजनों का कहना है 24 वर्षीय कार्तिक फरवरी में बतौर पायलट वायु सेना में चयनित हुए थे। कार्तिक दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक होने के पश्चात वायु सेना में पायलट बना था तथा उसकी नियमित पोस्टिंग हैदराबाद में हुई थी। मृतक के पिता बीएसएफ में तैनात हैं व दादा अमर सिंह हिमाचल पुलिस में डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। कार्तिक की दादी कमला देवी लाहला पंचायत की प्रधान हैं।

मंडी: सुंदरनगर में धमाका, काम-काज छोड़ अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकले लोग

मंडी: सुंदरनगर में धमाका, काम-काज छोड़ अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकले लोग

मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के सुंदरनगर में मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ देर के लिए लोग सहमे हुए काम-काज छोड़ अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। धमाका होने से कई लोगों के घर और कई लोगों की दुकानें हिल गई। धमाका इतनी जोर से हुआ कि धमाके की आवाज सुंदरनगर के साथ लगते 10 से 15 किलोमीटर के क्षेत्र में भी सुनाई दी। जिस कारण लोगो में भय का माहौल पैदा हो गया है।

एसडीएम सुंदरनगर राहुल चौहान से इस बारे में बात की गई तो कहा कि धमाका होने की आवाज बहुत तेजी से सुनाई दी। धमाका हुआ कैसे इसके बारे में हर जगह से जानकारी जुटाई जा रही है।