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एसजेवीएन के पावर स्‍टेशनों ने वित्‍तीय वर्ष में किया 9678 मिलियन यूनिट बिजली का उत्‍पादन

एसजेवीएन के पावर स्‍टेशनों ने वित्‍तीय वर्ष में किया 9678 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन

  • जबकि पिछला सर्वाधिक विद्युत उत्पादन एसजेवीएन द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 9346 मिलियन यूनिट किया गया था
  • सीएमडी नंदलाल शर्मा ने किया सभी कर्मचारियों से आह्वान : कि कोविड-19 से उत्पन्न हुई संकट की इस घड़ी में देश को 24 x 7 बिजली उपलब्ध करवाने के लिए दे अपना पूरा सहयोग

शिमला:  एसजेवीएन के पावर स्‍टेशनों ने वित्‍तीय वर्ष 2019-20 के दौरान अब तक का सर्वाधिक संचित 9678 मिलियन यूनिट बिजली का उत्‍पादन किया है, जबकि पिछला सर्वाधिक विद्युत उत्पादन एसजेवीएनद्वारा वित्तीय वर्ष 2015 16 के दौरान 9346 मिलियन यूनिट किया गया था।

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने इस उपलब्धि हेतु एसजेवीएन के कर्मचारियों को बधाई देते हुए बताया कि एसजेवीएनकी वर्तमान स्थापित क्षमता 2015.2 मेगावाट है, जिसमें 1912 मेगावाट हाइड्रो पावर, 97.6 मेगावाट विंड पावर तथा 5.6 मेगावाट की सोलर पावर शामिल है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के 9100 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में एसजेवीएन के पावर स्टेशनों ने 9678 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों का यह आह्वान किया कि कोविड-19 से उत्पन्न हुई संकट की इस घड़ी में देश को 24 x 7 बिजली उपलब्ध

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करवाने के लिए अथक रूप से काम करें।

उन्होंने आगे कहा कि इसके देश के सबसे बड़े भूमिगत पावर स्टेशन 1500  मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन के सर्वोत्तम परिचालन तथा अनुरक्षण के कारण एसजेवीएन अब तक के सर्वाधिक बिजली उत्पादन के इस रिकॉर्ड को कायम कर सका है I1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी की डिजाइन एनर्जी 6612 मिलियन यूनिट तथा412 मेगावाट रामपुर जल विद्युत स्टेशन की 1878  मिलियन यूनिट है, जबकि इन पावर स्टेशनों से बिजली का उत्पादन क्रमश: 7445 मिलियन यूनिट एवं 2098 मिलियन यूनिट है।  इन पावर स्टेशनों ने दिसंबर,2019 के महीने में डिजाइन एनर्जी हासिल कर ली थी। 

उन्होंने यह भी कहा कि पावर स्टेशन के शानदार निष्पादन के आधार पर एसजेवीएन ने अपने शेयरधारकों के लिए 668  करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जबकि आज तक कंपनी अपने शेयरधारकों को 7356.56  करोड़ रुपए का लाभांश अदा कर चुकी है।

शर्मा ने बताया कि जल विद्युत एसजेवीएन का मुख्य आधार है तथा वर्तमान में 60मेगावाट नैटवाड़ मोरी जल विद्युत परियोजना में निर्माण गतिविधियां पूरे जोर से चल रही हैं।  उन्होंने आगे बताया कि भरसक प्रयत्न के उपरांत नेपाल में हम 900मेगावाट अरुण-3 जल विद्युत परियोजना का 6 फरवरी,2020 को वित्तीय समापन हासिल कर सके हैं। इस परियोजना के निर्माण के लिए कंपनी अगले 5 वर्षों में नेपाल में लगभग 6959करोड़ रुपए खर्च करेगी।

शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन थर्मल पावर के क्षेत्र में भी उतर चुका है।  भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बक्सर में मार्च,2019 में हमारी 1320 मेगावाट की बक्सर थर्मल पावर परियोजना की आधारशिला रखी।   इस परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है और एसजेवीएन की इस परियोजना की वित्तीय वर्ष 2023-24 में चालू करने की योजना है। 

उन्होंने कहा कि एसजेवीएन भारत तथा पड़ोसी देशों में विद्युत परियोजनाओं की तलाश में है और नेपाल सरकार तथा अरुणाचल प्रदेश सरकार से उनके इलाकों में हाइड्रो पोटेंशियल के दोहन के लिए उनसे बातचीत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एसजेवीएन ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ आठ(8) जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण हेतु एमओयू पर साइन किए हैं। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 2388 मेगावाट है, जिनमें कुल 24,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। 

नंदलाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि कंपनी जिसने अपनी शुरुआत वर्ष 1988 में एकल जल विद्युत परियोजना से की, के पास आज 7489.2 मेगावाट का पोर्टफोलियो है, जिसमें से 2015.2 मेगावाट प्रचालनाधीन,2880 मेगावाट निर्माणाधीन,482 मेगावाट निर्माण पूर्व एवं निवेश मंजूरी के अधीन तथा 2112 मेगावाट सर्वेक्षण एवं अन्‍वेषणाधीन है। कंपनी बिजली उत्पादन के अन्य क्षेत्रों में भी विविधीकरण कर चुकी हैं।  एसजेवीएन टीम में अपना यकीन जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, वर्ष 2030 तक 12000 मेगावाटतथा वर्ष 2040 तक 25000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने के पथ पर तीव्रता से अग्रसर है। 

होम डिलीवरी सिस्टम को किया जाए सुदृढ़, ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं को लेने न जाना पड़े घर से बाहर : सीएम

होम डिलीवरी सिस्टम को किया जाए सुदृढ़, ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं को लेने न जाना पड़े घर से बाहर : सीएम

शिमला: राज्य के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना महामारी के कारण देश के साथ-साथ राज्य में उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत लगाए गए कर्फ्यू की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कर्फ्यू में ढील के दौरान उनको आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी सिस्टम को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं को लेने के लिए घरों से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के दौरान कोई ढील न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बैंक खुले रहें, ताकि लोगों को पैसे प्राप्त करने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बैंकरों को कर्फ्यू पास दिए जाएं, ताकि उनकी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों में कोई बाधा न आए और वे अपने बैंकिंग कार्य को कर्फ्यू में छूट के दौरान नियमित बैंकिंग घंटों के बाद भी जारी रख सके। उन्होंने कहा कि इससे बैंकों को अपने ग्राहकों को भुगतान करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि एटीएम में पर्याप्त करंसी नोट उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिला प्रशासन से बैंकों और एटीएम में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि बैंकिंग कोरेसपोंडेंटस को कर्फ्यू पास उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि वह लोगों को उनके घर पर विभिन्न बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवा सकें।

 जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपने रेवड के साथ रह रहे घुमन्तू गद्दी और गुर्जरों को भी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 3750 लोगों को निगरानी में रखे गए, जिसमें से 1371 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि आज 17 व्यक्तियों की कोविड-19 के लिए जांच की गई और वे सभी नेगेटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लिए राज्य में अब तक 245 लोगों की जांच की जा चुकी है।

जय राम ठाकुर ने उन लोगों पर विशेष सतर्कता रखने को कहा, जो पिछले एक माह के दौरान नई दिल्ली के निजामुद्दीन में किसी समारोह में भाग लेकर आए हैं।

मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने राज्य में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने राज्य के बाहर किसी भी धार्मिक सभाओं में भाग लेने के बाद व्यक्तियों पर पुलिस कर्मियों को कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थान खुले हैं और चिकित्सा और पैरा मेडिकल स्टाफ को छुट्टी पर नहीं जाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान निजी अस्पतालों को भी खुले रहने को कहा गया है।

प्रमुख सचिव परिवहन जे.सी. शर्मा ने आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले ट्रकों को सुचारू बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जा सके।

कोविड-19 के लिए राज्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित, बाहरी राज्यों में रह रहे हिमाचली इन नंबरों पर करें संपर्क… 

कोविड-19 के लिए राज्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित, बाहरी राज्यों में रह रहे हिमाचली इन नंबरों पर करें संपर्क… 

शिमला: सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन की अवधि के दौरान सूचना का उचित प्रबंधन, संग्रह और प्रवाह हो। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां बताया कि इस उद्देश्य के लिए कोविड-19 महामारी प्रबंधन के लिए एक राज्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अन्तर्गत कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 वायरस को फैलने से रोकने  के लिए सामाजिक दूरी सहित सभी आवश्यक ऐहतियाती उपायों को प्रदेश में लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश के अन्य राज्यों में रहने वाले हमारे राज्य के लोगों को संकट की इस घड़ी में सही जानकारी, सूचना और अन्य आवश्यक सहायता मिले, इसके लिए त्वरित संचार के साधन अपनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने समर्पित हेल्पलाइन नंबर, 0177-2626076, 0177-2626077, 0177-2622204, 0177-2629688, 0177-2629939 और 0177-2621154 (फैक्स) स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि फोन नंबर 0177-2626076 और 0177-2626077 चार टीमों द्वारा सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे और दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक बारी-बारी संचालित किए जाएंगे और शेष फोन नंबर राज्य आपदा नियन्त्रण कक्ष (एसईओसी) कर्मचारियों द्वारा चैबीसों घंटे संचालित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ये टीमें हिमाचल प्रदेश सचिवालय में स्थापित राज्य आपदा नियन्त्रण कक्ष (एसईओसी) से कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि यह सभी टीमें प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा की निगरानी में काम करेंगी, जिनकी कोविड-19 महामारी के राज्य नोडल अधिकारी डीसी राणा सहायता करेंगे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बुधवार को भी विभिन्न सीमावर्ती ज़िलों में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। राज्य के बिलासपुर, चम्बा, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और ऊना आदि सीमावर्ती जिलों में 130 वाहनों में 44,420 एलपीजी सिलेंडर, 117 वाहनों में 12,42,000 लीटर डीज़ल/पैट्रोल, 259 वाहनों में 3,09,577 लीटर व 10,125 करेट दूध और 535 ब्रैड के करेट, 942 वाहनों में 5,530 टन किराने का सामान, 553 वाहनों में 1,554 टन सब्जियां व फल, 205 वाहनों में 1.5 टन विभिन्न जरूरी दवाइयां व सेनिटाइजर तथा 174 वाहनों में 2,061 टन पशुओं के चारे की आपूर्ति की गई है।

उन्होंने कहा कि अब तक 9,030 मजदूर राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं और 6583 व्यक्ति और 10,000 झुग्गी झोंपड़ी के परिवार विभिन्न जिलों में हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों में से 334 को आश्रय की आवश्यकता थी जो उन्हें प्रदान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 8,210 व्यक्तियों और 10,000 परिवारों को राशन के रूप में सहायता की आवश्यकता थी जिसकी उन्हें आपूर्ति कर दी गई है।

Coronavirus/कोरोना से लड़ने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा लोगों को जागरूक करने की चलाई मुहिम April 1, 2020 PRIYANKA THAKUR Share: HNN / शिमला हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा पूरे प्रदेश भर में कोरोना वायरस से लड़ने तथा इस वायरस के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम को मिशन डिजिटल कोरो अवेयर का नाम दिया गया है। इस राष्ट्रीय सेवा योजना मिशन का समन्वयक सुमित ठाकुर और उप समन्वयक नीरज शर्मा को बनाया गया है। प्रदेश के हर जिले व तहसील में एक-एक समन्वयक के नेतृत्व में स्वयं सेवाओं की टीमें गठित की गई है। इतना ही नहीं इस मुहिम में जिला मंडी भी अपनी विशेष भूमिका अदा कर रहा है। जिला मंडी में समन्वयक भगत सिंह के नेतृत्व में कार्य किया जा रहा है जिन्होंने जिलेभर में हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए जरूरतमंदों को इस पर कॉल करने को कहा है। इसके अंतर्गत तहसील चच्योट से प्रवीण कुमार 7559678816, करसोग से दिव्या ठाकुर 8278789596, जोगिंदर नगर से आशा मित्तल 780765 4173, एवं नव्या ठाकुर 8544778850, धुनाग से कश्मीर सिंह 8219925628 एवं महेश 8219 837341, बाली चौकी से चमन 8091768137, निहरी एवं सुंदर नगर से सिद्धांत कुमार 8580 596393, ओट से दलीप कुमार 8629071517 । सरकाघाट से उमा 780781054, बलहा से रुपेश 980 5391761, धर्मपुर से वीरेंद्र कुमार 9857015077 है। पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी लोगों की सहायता करने में, जागरूक करने में , प्रशासन के साथ कार्य करने में, अफवाहों को रोकने में अपनी पूरी जिम्मेवारी निभा रहे हैं। जिला समन्वयक भगत सिंह ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि यदि प्रशासन को मंडी जिला में स्वयंसेवकों की आवश्यकता हो तो अधिकारी उनसे 88942 45750 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।साथ ही उन्होंने स्वयंसेवकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे प्रधानमंत्री राहत कोष में दान राशि जमा करने के लिए लोगों को ऑनलाइन माध्यमों से प्रोत्साहित करें।

सोलन : कोरोना वायरस के खतरे की जानकारी के लिए टीमें पहुंच रहीं घर-घर

  • सभी जिलावासियों से आग्रह:  टीमों द्वारा बीमारी के सम्बन्ध में पूछे जा रहे प्रश्नों के सही उत्तर देकर कोविड-19 की रोकथाम में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं

सोलन: कोरोना वायरस के खतरे को न्यून करने एवं लोगों को इस विषय में जागरूक करने के लिए सोलन जिला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की टीमें वर्तमान में घर-घर जाकर लोगों से रोग से सम्बन्धित जानकारी एकत्र कर रही हैं एवं सम्भावित रोगी की पहचान कर रही हैं। यह जानकारी आज यहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने दी।

डॉ. उप्पल ने सभी जिलावासियों से आग्रह किया कि इन टीमों द्वारा बीमारी के सम्बन्ध में पूछे जा रहे प्रश्नों के सही उत्तर देकर कोविड-19 की रोकथाम में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि घर पर ही रहें और सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। जुखाम, बुखार या खांसी होने की स्थिति में अपने क्षेत्र की आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अथवा ए.एन.एम से सम्पर्क करें या निःशुल्क हैल्पलाईन नम्बर 104 एवं 01792-221234 पर सूचित करें।

उन्होंने कहा कि लोगों के सक्रिय सहयोग से ही कोरोना वायरस के खतरे को दूर किया जा सकेगा।

गैर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को पंजीकृत कर प्रदान किए जाएं पहचान पत्रः राज्यपाल

गैर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को पंजीकृत कर प्रदान किए जाएं पहचान पत्रः राज्यपाल

 

शिमला: राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सभी जिलों के उपायुक्तों को अपने संबंधित जिले में सभी गैर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को पंजीकृत करने और उन्हें पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए, देश में लॉकडाउन के दौरान उनके भोजन और आश्रय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस बात की भी निगरानी की जाए कि संबंधित ठेकेदार अपने श्रमिकों और मजदूरों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति पर 4 और 6 अप्रैल, 2020 को राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ भी चर्चा करेंगे।

राज्यपाल ने अतिरिक्त सचिव स्वास्थ्य को परीक्षण किट और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उचित मात्रा में खरीदने के लिए और कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने इस कठिन समय में महामारी का मुकाबला करने के लिए लोगों का सरकार को सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने उन सामाजिक संगठनों और लोगों का भी धन्यवाद किया जो गरीब, प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे है। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए ऊना शहर के पास रहने वाली चैथी कक्षा की छात्रा मन्नत सिंह द्वारा अपनी जेब खर्च से उपायुक्त को 835 रूपए दान देने के लिए सराहना की और कहा कि मन्नत जैसी बेटियां समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।

शहरवासियों को बड़ी राहत: कोरोना वायरस के चलते नहीं बढ़ेगा 3 माह तक प्रॉपर्टी टैक्स और ना ही गार्बेज और पानी की दरें

शहरवासियों को बड़ी राहत: कोरोना वायरस के चलते नहीं बढ़ेगा 3 माह तक प्रॉपर्टी टैक्स और ना ही गार्बेज और पानी की दरें

शिमला: शिमला नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने डिप्टी मेयर, निगम आयुक्त औ संयुक्त आयुक्त के साथ आज समीक्षा बैठक की। नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन किया है। ऐसे संकट के समय में नगर निगम शिमला शहरवासियों पर कोई अत्तिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहता है। उन्होंने बताया कि 3 माह तक प्रॉपर्टी टैक्स, कूड़े और पानी दरें नहीं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि निगम ने फिलहाल तीन माह तक इन सभी सुविधाओं में सभी तरह के उपभोक्ताओं को राहत दी है और 30 जून तक किसी को भी बड़ा हुआ बिल जारी नहीं किया जाएगा। 30 जून के बाद नगर निगम इस मामले को सदन में लाएगा उसके बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वहीं जल निगम के एक अधिकारी ने भी पानी की दरों में किसी तरह की बढ़ौतरी न करने की बात कही है। अधिकारी का कहना है कि जल निगम की अगली बीओडी की बैठक तक शहर में किसी भी तरह के पानी की दरों को नहीं बढ़ाया जाएगा।

  • एमसी सफाई कर्मचारियों को मिलेगा फ्री राशन, 1500 रुपये भी मिलेंगे

उन्होंने बताया कि शहर में कर्फ्यू के दौरान सफाई व्यवस्था और सैनिटाइजेशन का जिम्मा संभाल रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को एक माह का मुफ्त राशन दिया जाएगा। इन्हें 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी। मेयर ने कहा कि संक्रमण के खतरे के बावजूद नगर निगम के कर्मचारी नियमित रूप से सफाई व्यवस्था में जुटे हुए है। इसलिए इन्हें मार्च माह की तनख्वाह भी तय समय से पहले जारी की है।

हिमाचल: सस्ता हुआ रसोई गैस सिलिंडर

हिमाचल: सस्ता हुआ रसोई गैस सिलिंडर

शिमला: कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के दौरान हिमाचल में रसोई गैस सिलिंडर 62 रुपये सस्ता हो गया है। बुधवार को गैस कंपनियों ने अप्रैल के लिए गैस सिलिंडरों के दाम तय कर दिए हैं। अप्रैल में रसोई गैस सिलिंडर का दाम 786 रुपये तय हुआ है। 52 रुपये होम डिलिवरी के साथ इस माह उपभोक्ताओं को कुल 838 रुपये चुकाने पड़ेंगे। वहीं व्यवसायिक गैस सिलिंडर के दाम भी इस माह 95 रुपये कम हो गए हैं। अप्रैल में व्यवसायिक उपभोक्ताओं को 1370 रुपये में सिलिंडर मिलेगा। मार्च में इसका दाम 1465 रुपये था।

सामाजिक दूरी को बनाए रखने में ई-पास मेकेनिज्म होगा सहायकः मुख्यमंत्री

सामाजिक दूरी को बनाए रखने में ई-पास मेकेनिज्म होगा सहायकः मुख्यमंत्री

शिमला: राज्य सूचना एंव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित ई-पास मेकेनिज्म न केवल लोगों को सुविधा उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लोगों में सामाजिक दूरी भी सुनिश्चित कर रहा है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां सूचना एंव प्रौद्योगिकी विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को असुविधा न होने के लिए कोविड-19 से संबंधित विभिन्न विभागों के कार्यालय आदेश और अधिसूचना सूचना एंव प्रौद्योगिकी विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा राज्य के उपायुक्तों के लिए विभाग द्वारा डैशबोर्ड भी विकसित किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि विभाग द्वारा लोगों की निगरानी रखने के लिए विकसित क्वारनटाईन ऐप भी सहायक सिद्ध होगा। इस ऐप द्वारा जो लोग क्वारनटाईन अवधि से पूर्व बाहर निकल रहे हैं, उन पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा विकसित कोविड-19 कानून एवं व्यवस्था प्रणाली से कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार के मामलों की रिपोर्टिंक सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा सकेगी।

मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव सूचना एंव प्रौद्योगिकी जेसी शर्मा, निदेशक सूचना एंव प्रौद्योगिकी रोहन चन्द ठाकुर तथा अन्य अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

कोरोना वायरस: हिमाचल में कोरोना संदिग्धों की आज सभी सेंपल रिपोर्ट नेगेटिव

कोरोना वायरस: हिमाचल में कोरोना संदिग्धों के आज सभी सैंपल नेगेटिव

शिमला :  प्रदेश भर से बुधवार को भेजे गए कोरोना संदिग्धों के सभी सेंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस प्रकार प्रदेश में अब तक कोई भी नया कोरोना वायरस का संदिग्ध सामने नहीं आया है। बुधवार को जो सैंपल भेजे गए थे, उनमें नाहन से 5, सोलन से 3, आईजीएमसी से 1, टांडा से 5 और एक सैंपल धर्मशाला का था। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3750 लोगों को निगरानी में रखे गए, जिसमें से 1371 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि आज 17 व्यक्तियों की कोविड-19 के लिए जांच की गई और वे सभी नेगेटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लिए राज्य में अब तक 245 लोगों की जांच की जा चुकी है।