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प्रदेश में एच1एन1 वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार ने उठाए आवश्यक कदमः स्वास्थ्य मंत्री

  • एच1एन1 वायरस से बचाव के लिए दैनिक जीवनशैली में स्वच्छता अपनाएं और पूरी सावधानी बरतें : स्वास्थ्य मंत्री
  • : सभी ज़िला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित
  • : वायरस से ग्रस्त मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में दवाइयों, टीकों और वेंटिलेटरों का प्रबंध
  • : एच1एन1 से संक्रमित रोगियों के साथ रहने वाले लोगों को तीन लेयर वाले मास्क प्रदान
  • : ज़िला, जोनल एवं मेडिल कॉलेज के स्टाफ को किया गया है प्रशिक्षित
प्रदेश में एच1एन1 वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार ने उठाए आवश्यक कदमः स्वास्थ्य मंत्री

प्रदेश में एच1एन1 वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार ने उठाए आवश्यक कदमः स्वास्थ्य मंत्री

शिमला: स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में एच1एन1 से निपटने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ज़िला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं ताकि एच1एन1 से ग्रसित रोगियों का बेहतर उपचार किया जा सके।

एच1एन1 विषाणु से बचाव के लिए आज यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि इस वायरस से ग्रस्त मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में दवाइयों, टीकों और वेंटिलेटरों का प्रबंध किया गया है। जिन अस्पतालों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, वहां रोगियों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है ताकि उनका तुरंत उपचार किया जा सके और अन्य लोगों में भी संक्रमण न फैल पाए। एच1एन1 से संक्रमित रोगियों के साथ रहने वाले लोगों को तीन लेयर वाले मास्क प्रदान किए जा रहे हैं और ज़िला, जोनल एवं मेडिल कॉलेज के स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे प्रभावी तरीके से रोगियों का ईलाज कर सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने जनता का आह्वान किया है कि एच1एन1 वायरस से बचाव क लिए दैनिक जीवनशैली में स्वच्छता अपनाएं और पूरी सावधानी बरतें। जुकाम, सिरदर्द व सांस लेने में तकलीफ जैसे कोई लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं ताकि इस रोग का समुचित उपचार किया जा सके।

  • स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत चौधरी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. डी.एस गुरूंग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हि.प्र. के महाप्रबंधक हंस राज शर्मा, चिकित्सा शिक्षा की निदेशक डा. जय शर्मा, आईजीएमसी, शिमला के प्रधानाचार्य डा. एस.एस कौशल, वरिष्ठ चिकित्सा निदेशक डा. रमेश चंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

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