प्रदेश ने केन्द्र सरकार की स्वीकृति के लिए भेजे नए प्रस्ताव

प्रदेश ने केन्द्र सरकार की स्वीकृति के लिए भेजे नए प्रस्ताव

शिमला: प्रदेश सरकार ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क एजेंसी को 731.59 करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाएं स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की हैं। इन परियोजनाओं को आज यहां मुख्य सचिव पी. मित्रा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान स्वीकृति प्रदान की गई।

मित्रा ने कहा कि नए प्रस्ताव में 1158 किलोमीटर लम्बी सड़कों की 188 परियोजनाएं तथा 26 पुलों को भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। हिमालयी राज्य के लिए नए संशोधित वित्त पोषण पद्धति के तहत हिमाचल प्रदेश कुल आवंटन का 10 प्रतिशत वहन करेगा। उन्होंने प्रदेश के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने पर बल दिया।

जिन परियोजनाओं को आज स्वीकृति दी गई, उनमें प्रथम चरण में 9543.70 लाख रुपये की 136.015 किलोमीटर लम्बी सड़क परियोजनाएं, जबकि एक व जमा दो चरण में 2082.04 लाख रुपये की 32.090 किलोमीटर लम्बी नई सड़क परियोजनाएं तथा शेष बचे और छूट गए 26 पुलों के लिए 3892.49 लाख की परियोजना शामिल हैं। चरण दो में 29369.31 लाख रुपये की 524.200 किलोमीटर लम्बी नई सड़क परियोजना तथा 28271.02 लाख रुपये की 465.435 किलोमीटर लम्बी सड़क स्तरोन्नयन परियोजना शामिल है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण नरेन्द्र चौहान ने समिति के सदस्यों को प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 15 वर्षों की उपलब्धियों बारे अवगत करवाया। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 250 जनसंख्या वाले 3730 पात्र बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कुल 13683 किलोमीटर लम्बी सड़क परियोजना स्वीकृत की है। इन स्वीकृतियों के अलावा, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने 2318 बस्तियों को 11227 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण कर जोड़ा है। इस प्रकार भौतिक उपलब्धि 82 प्रतिशत और वित्तीय उपलब्धि 74 प्रतिशत रही।

उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 271 रुपये के कुल आवंटन के तहत अब तक 184.75 करोड़ रुपये की धनराशि केन्द्र सरकार से उपलब्ध हुई है, जबकि खर्चा 182.44 करोड़ रुपये किया गया। मार्च, 2016 के अन्त तक विभाग द्वारा 280 करोड़ रुपये व्यय किया जाना अनुमानित है।

चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत शेष बची पात्र बस्तियों को मार्च, 2019 तक जोड़ा जाए, जबकि पहले यह लक्ष्य 2022 तक निर्धारित किया गया था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार पात्र बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वचनबद्ध है, बशर्ते लोग अपनी निजी भूमि को इस कार्य के लिए दें।

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