23 अप्रैल से कांग्रेस के ये दिग्गज नेता भरेंगे अपना नामांकन...

प्रो. धूमल तथ्यों की जांच करने के बाद ही कोई टिप्पणी करें : कांग्रेस

शिमला: सिंचाई एवं सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री जी.एस. बाली, कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा प्रदेश सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल पर की गई टिप्पणी को आधारहीन, राजनीति से प्रेरित, मनघंडत और सत्य से परे करार दिया है। प्रदेश सरकार के आठ मंत्रियों ने विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सलाह दी है कि वह तथ्यों की जांच करने के बाद ही कोई टिप्पणी किया करें। इन मंत्रियों ने शनिवार को शिमला से जारी बयान में कहा कि धूमल को ऐसी आधारहीन बयानबाजी करने से पूर्व तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश में संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित हुआ है। पंचायती राज चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता लागू होने से प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाला समारोह नहीं किया जा सका। जैसे ही चुनाव संपन्न होंगे, सरकार की उपलब्धियों पर भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र में किए 70 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर लिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के उन कुछ राज्यों में एक है, जो खाद्य सुरक्षा उपलब्ध करवाकर राजीव गांधी अन्न योजना का कार्यान्वयन कर रहा है। यह कांग्रेस सरकार ही थी, जिसने पिछले शासनकाल के दौरान सभी राशनकार्ड धारकों को तीन दालें, दो खाद्य तेल व आयोडाइज्ड नमक अनुदान दरों पर उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की थी। दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी को 150 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये किया है। मनरेगा कामगारों, कृषि व बागवानी कार्य में जुड़े मजदूरों, दुकानदारों, असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों, आगनबाड़ी व मिड डे मील कार्यकर्ताओं को अशदायी पेंशन योजना के तहत लाया है।

कांग्रेस सरकार के प्रयासों से ही हिमाचल देश में ‘इंडस्ट्रियल हब’ के रूप में उभरकर सामने आया है। सिंगल विंडो सिस्टम क्लीयरेंस एंड मॉनिटरिंग अथारिटी ने तीन साल में 11,000 करोड़ रुपये की 197 परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। परिणामस्वरूप आने वाले समय में 21,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। 122 करोड़ की अनुमानित लागत से ऊना के पंडोगा में स्टेट ऑर्फ आट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जा रहा है। कागड़ा के कंदरोड़ी में 107 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है।

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