हिमाचल पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों के लिए जारी किए कई लुभावने पैकेज

ऐतिहासिक इमारतों की नगरी व खूबसूरत वादियों से लबालब “शिमला”

जाखू: मंदिर परिसर में बहुत से बंदर रहते हैं। इस पहाड़ी पर राज्य सरकार द्वारा विभिन्न ट्रैकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। ट्रैकिंग मार्ग मनोरम पाइन के जंगलों से घिरा हुआ है। आगंतुक, मंदिर तक पहुँचने के लिए पोनी (टट्टू) भी किराए पर ले सकते हैं। जाखू हिल के आधार क्षेत्र में बहुत सी दुकाने हैं जो ट्रैकर्स को ऊपर चढ़ाने में मदद

शिमला अन्नाडेल ग्राउंड

शिमला अन्नाडेल ग्राउंड

के लिए वॉकिंग स्टिक्स प्रदान करती हैं।

अन्नाडेल:   हरे भरे देवदार के वनों से सजा एक सुंदर पिकनिक स्पॉट है। इस खुली जगह को खेल के मैदान के रूप में अंग्रेजों के मनोरंजन के लिए रेसिंग, पोलो और क्रिकेट खेलने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। समुद्र तल से 6227 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह स्थान पिकनिक मनाने के शौक़ीन लोगों का स्वर्ग है साथ ही आगंतुकों को सम्मोहित कर देने वाले दृश्यों के दर्शन कराता है।

हिमाचली व्यंजन: आप हिमाचल के टूरिज्म होटलों में हिमाचल के स्वादिष्ट लज़ीज व्यंजनों का भी भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

  • शिमला में पर्यटन गतिविधियां
शिमला

रिज शिमला (संदीप सहदेव)

शिमला में साल भर एक सुखद जलवायु का आनंद मिलता है जो इसे पूरे साल पर्यटन के लायक बनाता है। शिमला भारत में सबसे बड़ी आइस स्केटिंग रिंक के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों के दौरान, जमीन प्राकृतिक बर्फ से ढंक जाती है और यही वह समय होता है (दिसंबर से जनवरी) जब स्केटिंग का पूरा आनंद उठाया जाता है। यहां ट्रैकिंग भी बहुत लोकप्रिय है। शॉपिंग क्षेत्र जैसे मॉल, लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार, लकड़ी के अद्वितीय शिल्प और स्मृति चिन्हों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां विभिन्न त्यौहारों को मनाया जाता है। शिमला समर फेस्टिवल, पीक पर्यटन सीज़न के दौरान हर साल रिज पर आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य आकर्षण सभी देश भर से लोकप्रिय गायकों द्वारा प्रदर्शन शामिल है। इसके साथ लगते यहां तिब्बत मार्किट भी जहां लोग बेहतरीन बड़े से बुर्जुगों तक के लिए कपड़े मिलते हैं।

  • शिमला पहुंचने का मार्ग

मुख्य परिवहन माध्यम वायु, रेल और सडक़ द्वारा शिमला अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। जुब्बलहट्टी एयर पोर्ट इस स्थान के

19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में कलकता-शिमला रेल मार्ग का निर्माण हुआ और 6 नबंर 19०3 को पहली रेलगाड़ी शिमला पहुंची।

19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में कलकता-शिमला रेल मार्ग का निर्माण हुआ और 6 नबंर 19०3 को पहली रेलगाड़ी शिमला पहुंची।

लिए निकटतम एयर बेस है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस एयरबेस के लिए अनेक उड़ानें हैं। पर्यटक, कालका रेलवे स्टेशन से भी अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा बड़े पड़ोसी शहरों से शिमला के लिए बसें भी उपलब्ध हैं। सडक़ मार्ग से कार द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। ठहरने के लिए एचपीटीडीसी के होटल व गेस्ट हाउसों के साथ निजी गेस्ट हाउस भारी संख्या में हैं। ट्रैवल कंपनियां यहां घुमाने के लिए कई तरह के पैकेज ऑफर समय-समय पर देती रहती है।

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One Response

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  1. Harendra kushwaha
    Jan 26, 2017 - 10:21 PM

    Hame achcha laga mai gya tha ghumane

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