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धर्मशाला प्रगतिशील नगर के रूप में होगा विकसित: सुधीर

धर्मशाला प्रगतिशील नगर के रूप में होगा विकसित: सुधीर

नई दिल्ली: शहरी विकास और नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल है और प्रदेश सरकार इस पहाड़ी स्थल को न केवल स्मार्ट सिटी बल्कि भारत के प्रगतिशील शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस शहर को पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सहासित केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

सुधीर शर्मा आज नई दिल्ली में स्मार्ट सिटी, धर्मशाला परियोजना पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ‘द एनर्जी एण्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ (टीईआरआई) के विशेषज्ञों का एक दल तथा राज्य शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। शर्मा ने परियोजना प्रस्ताव को अंतिम रूप देते वक्त एकीकृत एवं समावेशी योजना, स्थायी सचलता, जल प्रबंधन एवं ऊर्जा प्रणाली जैसे घटकों को प्राथमिकता प्रदान करने पर बल दिया। उन्होंने पर्यावरण को बनाए रखने और परियोजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए योजना में स्थानीय लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि नये क्षेत्र जैसे धर्मशाला के निकट इंद्रू नाग को अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशनल केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है ताकि नई आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ नगर पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव में त्रियुंड के लिए टैªकिंग मार्ग को भी शामिल किया जाना चाहिए तथा अलग से सामग्री की परिवहन व्यवस्था को विकसित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में आपदा प्रबंधन के पहलु पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र भूकंप संवेदी जोन में आता है। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए उच्च स्तरीय समिति की बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी ताकि आगामी कार्यवाही को पूरा करने के लिए समय पर औपचारिकताओं को पूर्ण किया जा सके।

शहरी एवं नगर नियोजन विभाग के निदेशक संदीप कुमार तथा नगर निगम धर्मशाला के कार्यकारी अधिकारी संजीव सैनी ने भी इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। राज्य शहरी योजनाकार दल की प्रमुख वंदना तथा नगर निगम धर्मशाला के योजनाकार दल के प्रमुख विकास सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

टीईआरआई के विशेषज्ञ दल द्वारा इस अवसर पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दल को धर्मशाला समार्ट सिटी के लिए प्रस्ताव तैयार करने का कार्य दिया गया है। देश में समार्ट सिटी के चयन की आगामी योग्यता के लिए इस वर्ष 15 दिसम्बर तक शहरी विकास मंत्रालय को इसका प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना है।

टीईआरआई की परियोजना इंवेस्टीगेटर रेना सिंह ने आश्वासन दिया कि विशेषज्ञ दल सभी सुझावों को ध्यान में रखकर इस उद्देश्य के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यासें के साथ अंतिम विचार-विमर्श के पश्चात प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा।

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