टाण्डा मेडिकल कालेज में लड़कियों के छात्रावास का निर्माणकार्य शीर्घ होगा पूरा : वीरभद्र सिंह

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज डॉ राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टाण्डा के 19वे स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कालेज की लड़कियों के लिए छात्रावास का निर्माणकार्य शीर्घ पूरा कर दिया जाएगा। इसके निर्माण कार्य में देरी नहीं होने दी जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो इस कार्य को लोक निर्माण विभाग को दिया जाएगा।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि कालेज में वर्ष 1998 में 50 सीटों थी, जबकि आज यहां एम.बी.बी. एस की 100 सीटें और 15 विशेषज्ञ पाठयक्रम भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कालेज ने अनेक मील पत्थर स्थापित किए हैं। प्रदेश सरकार ने कालेज में 150 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियेलिटी ब्लॉक आरंभ किया है, जिससे निचले हिमाचल के लोगों को विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध हुई है। कालेज में रेडियोग्राफी, कार्डिया-थोरेसिस और वैस्कुलर सर्जरी, नियूरोलॉजी, नियूरो सर्जरी, निफरोलॉजी, काडियोलौजी तथा यूरोलॉजी में सुपर स्पेशियेलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कालेज प्रशासन से भवन के उचित रखरखाव के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षुकों की मांग पर प्रदेश सरकार ने उन्हें दिए जाने वाले स्टाईपंड को 8000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में मातृ एवं शिशु अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, बहुउद्देशीय अनुसंधान एकाई, बोन बैंक, एमफी थियेटर, सराय भवन, खेल परिसर इत्यादि के लिए भूमि अधिग्रहण की जाएगी। मरीजों को बेहतर स्वस्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हाल ही में यहां आपातकालीन चिक्तिसा विभाग भी आरंभ किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य आयोग, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मेडिकल विशेषज्ञ शामिल हैं, ने विभिन्न संस्तुतियों के साथ अपनी प्रथम रिर्पोट प्रस्तुत की है, जिसमें राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को कैसे और सुदृद्ध किया जा सकता है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश देश के उन विकसित राज्यों में शामिल हो गया है, जिसने अपने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य उपचार योजना तैयार की है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि टांडा कालेज को आउटलुक के सर्वेक्षण में उत्तरी भारत के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रथम रैंक तथा भारत के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 18वां तथा अखिल भारतीय रैंकिंग में 28वां स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीजीआई चंण्डीगड के बाद उत्तरी भारत में डब्ल्यूएचओ फेलोशिप आरंभ करने वाला यह पहला संस्थान है। डायरिया की रोकथाम के लिए अगले माह से कांगड़ा जिले में रोटा वायरस टीका आरंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य आयोग द्वारा प्रस्तुत रिर्पोट में राज्य के स्वास्थ्य मानक राष्ट्रीय औसत के मुकाबले कहीं बेहतर है। बावजूद इसके, प्रदेश सरकार राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों में अधिक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि चिक्त्सिकों से मरीजों को उपचार के लिए जैनेरिक दवाइयां लिखनी चाहिए, क्योंकि सभी चिकित्सा भण्डारों में इन्हें रखने के लिए कहा गया है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष के दौरान 5705 लाभार्थियों को 1.5 करोड़ रुपये की वित्तीय साहयता के दौरान प्रदान की गई है। उन्होंने कालेज के विद्यार्थियों से विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया जिससे रोगों का पूर्ण उपचार सुनिश्चित हो सके।

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