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5 दिसंबर से लागू होंगे पैन कार्ड के ये नए नियम....

“पैन कार्ड” बेसिक डॉक्युमेंट…जिससे कई तरह की सुविधाएं पा सकते हैं आप

पैन कार्ड एक ऐसा बेसिक डॉक्युमेंट है, जिसके जरिए आप कई तरह की सुविधाएं पा सकते हैं। ‘लेकिन क्या हैं ऐसी सुविधाएं यह आपके  लिए जानना बहुत  आवश्यक है,  इसलिए इस बार हमारे अधिवक्ता रोहन सिंह चौहान  आपको  इस पॉकेट साइज जरूरी कार्ड के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं।

अधिवक्ता - रोहन सिंह चौहान

अधिवक्ता – रोहन सिंह चौहान

क्या है ” पैन”?

पैन  (परमानेंट आकाउंट नंबर) कार्ड एक फोटो पहचान पत्र है, जिसमें हर कार्डधारी के लिए 10 अंकों वाला एक अल्फा न्यूमेरिक नंबर आवंटित किया जाता है। इस नंबर को भारत सरकार का वित्त मंत्रालय जारी किया जाता है।

 पर्मानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन 10 डिजिट का एक अल्फान्यूमेरिक (अंक+अक्षर) नंबर होता है।

 यह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इशू करता है।

 मिसाल के तौर पर एक पैन नंबर इस तरह का होता है: AAIPM5443H

 आप चाहे अपना अड्रेस बदलें, यहां तक कि एक राज्य से दूसरे राज्य में जाएं तो भी पैन नंबर वही रहता है। हां, पैन कार्ड पर अड्रेस बदलवाना होगा।

पैन क्यों

पैन नंबर को आयकर रिटर्न दाखिल करने के दौरान भरना जरुरी है ।

इसके अलावा पैन का इस्तेमाल बैंक खाता खुलवाने , पासपोर्ट बनवाने , ट्रेन में ई-टिकट के साथ यात्रा करते समय पहचान पत्र के रुप में किया जा सकता है ।

एक बैंक से दूसरे खाते में 50,000 रुपए या उससे अधिक की राशि निकलने या जमा करने या हस्तांतरित करने पर पैन नंबर की जरुरत होती है।

 टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) जमा करने और वापस पाने के लिए पैन नंबर का उल्लेख करना जरुरी होता है। अगर किसी की सालाना आमदनी टैक्सेबल है तो उसे पैन लेना अनिवार्य है। ऐसे लोग अगर एम्प्लॉयर को पैन उपलब्ध नहीं कराते हैं तो एम्प्लॉयर उनका स्लैब रेट या 20 फीसदी में से जो ज्यादा है, उस दर से टीडीएस काट सकता है।

 इनकम टैक्सेबल नहीं है, तो पैन लेना अनिवार्य नहीं है। फिर भी बैंकिंग और दूसरी तरह के फाइनैंशल ट्रांजैक्शन के मामलों (जैसे : बैंक अकाउंट खोलना, प्रॉपर्टी बेचना-खरीदना, इनवेस्टमेंट करना आदि) में पैन की जरूरत होती है, इसलिए पैन सभी को ले लेना चाहिए। 

कौन बनवा सकता है पैन कार्ड

 कोई भी व्यक्ति , फर्म या संयुक्त उपक्रम पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है । इसके लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम उम्र सीमा नहीं है।

कोई भी भारतीय नागरिक पैन कार्ड बनवा सकता है।

 जरूरी नहीं कि वह कोई नौकरी या कारोबार करता हो।

 एक बच्चा भी पैन कार्ड बनवा सकता है। यहां तक कि नवजात बच्चों के लिए भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। 

ऑनलाइन अप्लाई

 पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।

 ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आप NSDL के पोर्टल www.tin-nsdl.com पर जाकर Services पर जाएं।

पैन के आवेदन के लिए https://tin.tinnsdl.com/pan/form49A.html अथवा http://www.utitsl.co.in/uti/newapp/newpanapplication.jsp पर क्लिक करें,

 वहां PAN में Apply Online ऑप्शन में New PAN पर क्लिक करें।

आपके पास 94 रुपए का बैंक ड्रॉफ्ट या चेक हो या ऑनलाइन भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड हो।

सबसे पहले वार्ड/ सर्किल, रेंज , कमिश्नरी, एरिया कोड, एओ कोड, रेंज कोड तथा एओ से संबंधित सूचना भरें।

वार्ड/ सर्किल, रेंज, कमिश्नरी, एरिया कोड, एओ कोड, रेंज कोड तथा एओ संबंधित जानकारी नजदीक के आयकर कार्यालय से प्राप्त करें।

फॉर्म में अपने कार्यालय के पता का उल्लेख भी करना होगा।अगर किसी कार्यालय का पता नहीं है तो उसकी जगह आप अपना कोई और पता लिख सकते हैं।

सभी जानकारी सही होने पर दिखाए गए कोड टाइप करें और कन्फर्म बटन पर क्लिक करें।

   इसके बाद आपके पास पावती संख्या(एकनॉलेजमेंट नंबर ) के साथ एक फॉर्म आयेगा।

   यह पावती संख्या आपके पैन आवेदन के लिए यूनिक रेफरेंस नंबर है।

   इस पावती संख्या का प्रिंट लेकर उसे सेव कर लें।

   इस नंबर का इस्तेमाल आप भविष्य में अपने पैन आवेदन की स्थिति जानने के लिए कर सकते हैं।

   पावती फॉर्म का प्रिंट लेकर हाल ही में खिंचवाया गया अपना फोटो दिए गये स्थान पर चिपकाएं और उसके नीचे दिए बॉक्स पर हस्ताक्षर करें।

   पावती संख्या पर हस्ताक्षर के लिए केवल काली स्याही वाले बॉल पेन का इस्तेमाल करें।

   आवेदन के साथ व्यक्तिगत पहचान व आवासीय पता की फोटोकॉपी और 96 रुपए का बैंक ड्रॉफ्ट नत्थी करके भेजें।

   बैंक ड्रॉफ्ट के पीछे अपना नाम और पावती संख्या जरुर लिखें।

यदि आप पैन के लिए आवेदन शुल्क का भुगतान चेक के जरिए कर रहे हैं , तो चेक को अपने शहर के एचडीएफसी बैंक में जमा करें।

   डिमांड ड्रॉफ्ट/चेक NSDL-PAN के नाम से होना चाहिए।

   लिफाफे पर बड़े अक्षरों में लिखें— पैन के लिए आवेदन – एक्नॉलेजमेंट नंबर।

   आवेदन पत्र इस पते पर भेजें-NSDL, ‘Incime Tax PAN Service Unit, National Securities Depository Limited, 3rd Floor, Sapphire Chambers, Near Baner Telephone Exchange, Baner, Pune-Maharashtra

   आपका एक्नॉलेजमेंट, डिमांड ड्रॉफ्ट(अगर हो) , और पहचान और पते का प्रमाण ऑनलाइन आवेदन की तारीख से 15 दिन के अंदर एनएसडीएल कार्यालय को मिल जाने चाहिए।

   पैन संबंधी अधिक जानकारी के लिए – 020-27218080 पर भी संपर्क कर सकते हैं या tininfo@nsdl.co.in, mailto:tininfo@nsdl.co.in संदेश भेजें।

   पैन आवेदन की स्थित जानने के लिए – 53030 पर SMS भेजें-PAN <space> एक्नॉलेजमेंट नंबर और उसे 53030 पर भेज दें।

 दूसरा तरीका यह भी है:

www.incometaxindia.gov.in पर जाएं।

 लेफ्ट साइड में ऊपर PAN ऑप्शन में जाकर Apply Online पर क्लिक करें।

 वहां NSDL या UTIITSL के जरिये फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।

 इसमें भी फीस वही 94 रुपये है।

 साइट से ही क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिये यह पेमेंट कर सकते हैं।

 पेमेंट हो जाने के बाद और ऐप्लिकेशन जमा हो जाने के बाद अकनॉलिजमेंट फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर उस पर अपना फोटो लगाएं और साइन करें।

 साथ में सभी जरूरी दस्तावेज (देखें लिस्ट) लगाकर आपको कूरियर या स्पीड पोस्ट से NSDL/UTIITSL को भेजना होगा।

 यह ऑनलाइन अप्लाई करने के 15 दिनों के भीतर पहुंच जाने चाहिए।

NSDL का पता है: NSDL, इनकम टैक्स पैन सर्विसेज यूनिट, नैशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड, तीसरा फ्लोर, सफायर चैंबर्स, बानेर, पुणे-411045

UTIITSL का पता है: UTIITSL, प्लॉट नं. 3, सेक्टर -11, सीबीडी, बेलापुर, नवी मुंबई – 400614 

सर्विस सेंटर के जरिए भी कर सकते हैं अप्लाई

 पैन कार्ड बनवाने के सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नॉलजी सविर्सेज लिमिटेड (UTIITSL) को ऑथराइज किया है। UTIITSL की यह जिम्मेदारी है कि वह हर उस शहर में पैन बनाने के लिए सर्विस सेंटर बनाए, जहां इनकम टैक्स का ऑफिस है। इन पैन सर्विस सेंटरों की जानकारी आप यूटीआई/यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नॉलजी सविर्सेज लि. के ऑफिस से या लोकल इनकम टैक्स ऑफिस से हासिल कर सकते हैं।

 इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट से भी आप इन सेंटरों की जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए www.incometaxindia.gov.in पर जाएं। लेफ्ट साइड में ऊपर PAN में जाएं। इसमें PAN Application Centres में जाकर UTIITSL पर क्लिक करें। इससे खुले पेज पर अपना राज्य और शहर भरने पर आपको पैन सर्विस सेंटरों की जानकारी मिल जाएगी। अपने नजदीक के किसी भी सेंटर पर जाएं और वहीं से फॉर्म खरीदकर अप्लाई कर दें। इन सेंटरों पर फॉर्म भरवाने में भी मदद की जाती है। फॉर्म जमा करने के बाद रसीद जरूर लें। 

कौन-सा फॉर्म

पैन सर्विस सेंटर पर जाकर आपको फॉर्म 49A मिलेगा।

फॉर्म मुफ्त मिलता है।

 इस फॉर्म को स्टेशनरी की किसी दुकान से अमूमन 5 रुपये में खरीद सकते हैं या इनकम टैक्स की साइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।

फॉर्म हमेशा ब्लैक इंक से ही भरें।

जरूरी डॉक्युमेंट्स

 हाल ही में लिए गए 2 कलर फोटो।

 आइडेंटिटी प्रूफ की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी।

 अड्रेस प्रूफ की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी।

आइडेंटिटी प्रूफ के लिए

(इन दस्तावेजों में से कोई भी एक)

 स्कूल छोड़ने का सटिर्फिकेट।

 दसवीं का सर्टिफिकेट।

 किसी मान्यता प्राप्त संस्थान की डिग्री।

 पासपोर्ट।

 वोटर आई कार्ड।

 ड्राइविंग लाइसेंस।

 राशन कार्ड।

नोट: अगर बच्चे का पैन बनवाना हो तो उसके माता-पिता या गार्जियन का आइडेंटिटी प्रूफ इस्तेमाल कर सकते हैं। एचयूएफ का पैन बनवाने के लिए कर्ता के डॉक्युमेंट्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

 अड्रेस प्रूफ के लिए

 फोन बिल।

 बैंक पासबुक।

 बिजली/पानी का बिल।

 क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट।

 एम्प्लॉयर सटिर्फिकेट।

 वोटर कार्ड।

 किराये की रसीद।

डाक्युमेंट्स न हों तो

अगर आपके पास कोई आइडेंटिटी या अड्रेस प्रूफ नहीं है तो अपने एरिया के एमपी, एमएलए या किसी गजटेड ऑफिसर द्वारा उसके लेटर हेड पर आपके बारे में लिखवाकर और स्टैंप लगवाकर देने से भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है।

फीस

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