मुख्यमंत्री ने की देवताओं के ‘नजराने’ में 15 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा

मुख्यमंत्री ने की देवताओं के ‘नजराने’ में 15 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा

  • मुख्यमंत्री ने की सिद्धांतों की राजनीति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की प्रशंसा
  • हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अनिमितताएं बरती हैं, उन्हें सहन नहीं किया जा सकता मुख्यमंत्री

 

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राचीन मंदिरों के रख-रखाव के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि पहली मर्तबा ऐसे मन्दिरों, जिनकी भूमि सरकारी अधिग्रहण में है अथवा मुजारा के अन्तर्गत आती है, के लिए सचल कोष सृजित किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक को 25 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, कारदारों को हर संभव सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कुल्लू जिले के स्थानीय देवताओं की ‘नजराना’ राशि में 15 प्रतिशत वृद्धि करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री आज सप्ताह भर आयोजित अन्तरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव के समापन समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कन्या शिशु को समर्पित पारम्परिक कुल्लू लोकनृत्य (नाटी) को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने पर जिला प्रशासन को बधाई दी। इस सामूहिक लोकनृत्य में कुल्लू जिला की 12000 से अधिक महिला नतृकों ने भाग लेकर न केवल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया, बल्कि कन्या शिशु की सुरक्षा का सन्देश भी दिया।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने अटल सदन की आधारशिला रखी थी, लेकिन इसके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सभागार की उन्होंने आधारशिला रखी है, जिसके लिए 13.38 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित हुआ है तथा वर्तमान में प्रदेश में 34000 किलोमीटर लम्बी सड़कें हैं और प्रत्येक घर को बिजली की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ पेयजल एवं सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा शीघ्र ही शत-प्रतिशत लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भूतर से मनीकर्ण मार्ग को चौड़ा एवं पक्का किया जाएगा तथा इस मार्ग के रख-रखाव के लिए जल विद्युत परियोजनाओं से मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल को 300 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल के रूप स्तरोन्नत किया गया है तथा भविष्य में इसे मेडिकल कालेज एवं अस्पताल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश के लोगों को उनके घरों के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है, जिसके लिए मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में लगभग 94 कालेज कार्यरत हैं, जिनमें 5 संस्कृत कालेज भी शामिल हैं, जिनके माध्यम से विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 1610 वरिष्ठ माध्यमिक, 880 उच्च, 2236 माध्यमिक तथा 10776 प्राथमिक पाठशालाओं के माध्यम से बच्चों को शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को सरकारी शिक्षण संस्थानों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के तीव्र विकास में केन्द्र में रही कांग्रेस सरकारों ने उदारतापूर्वक धनराशि उपलब्ध करवाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार योजना आयोग को समाप्त कर नीति आयोग का गठन किया है, जिसके वह सदस्य भी हैं, लेकिन विशेष श्रेणी राज्यों एवं पहाड़ी राज्यों के लिए वित्तपोषण की प्रक्रिया अभी भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र से विभिन्न परियोजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता धीमी है तथा योजना एवं गैर योजना के अन्तर्गत कुछ मदों से राज्य के लिए वित्तपोषण को भी वापिस ले लिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्षी दल उनके खिलाफ हमेशा बदले की भावना से कार्य करता रहा है, लेकिन वह हर बार मजबूत होकर उभरे है। उन्होंने सिद्धांतों की राजनीति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत प्रेम कुमार धूमल ने उन पर दो बार झूठे मामले बनाए और वह हर बार पाक-साफ होकर निकले। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्नेह एवं विश्वास के कारण वह छठी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि धूमल परिवार कुछ केन्द्रीय नेताओं के साथ मिलकर उनके खिलाफ षड़यंत्र रच कर केन्द्रीय जांच एजेंसियों पर जांच के लिए दबाव बना रहे हैं। लेकिन, उन्हें कानून पर पूरा विश्वास है और उन्होंने भरोसा जताया कि अन्ततः सच्चाई की ही जीत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खेल गतिविधियों के खिलाफ नहीं हैं, परन्तु जिस प्रकार राज्य में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अनिमितताएं बरती हैं, उन्हें सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एचपीसीए यदि सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीकृत होती है तो उसे पर्याप्त हिस्सा मिलेगा। उन्होंने परामर्श दिया कि एसोसिएशन लोकतांत्रिक रूप से कार्य करे और राज्य से चुने हुए सदस्यों को वोट देने का अधिकार दे।

वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर कन्या शिशु को समर्पित सी.डी. तथा कुल्लू दशहरा की स्मारिका का भी विमोचन किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर आयोजित फैशन शो के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने 5.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुलिस थाना भवन कुल्लू की आधारशिला रखी। इस तीन मंजिला भवन को भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जाएगा और मार्च, 2017 तक इसका निर्माण कार्य पूरा होगा।

आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने मुख्यमंत्री का इस अवसर पर स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का स्थानीय देवताओं की नजराना राशि में वृद्धि के लिए आभार व्यक्त किया। विधायक महेश्वर सिंह ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने दशहरा महोत्सव के दौरान आउटर सिराज क्षेत्र के देवताओं की वित्तीय सहायता को बढ़ाने तथा उनके लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया।

 

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