देश में स्‍वच्‍छता, अनुशासन और व्‍यवस्‍था के मोर्चे पर अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत : रिजिजु

देश में स्‍वच्‍छता, अनुशासन और व्‍यवस्‍था के मोर्चे पर अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत : रिजिजु

  • किरण रिजिजु ने स्‍वच्‍छ हिमालय अभियान के लिए हरी झंडी दिखाई

 

किरण रिजिजु ने स्‍वच्‍छ हिमालय अभियान के लिए हरी झंडी दिखाई

किरण रिजिजु ने स्‍वच्‍छ हिमालय अभियान के लिए हरी झंडी दिखाते  हुए

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजु ने आज यहां एक समारोह के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्‍वच्‍छ भारत स्‍वच्‍छ हिमालय अभियान को हरी झंडी दिखाई। रिजिजु ने अपने स्‍वर्ण जयंती आरोहण के एक हिस्‍से के रूप में इस महान कार्य को शुरू करने पर बीएसएफ की सराहना की और कहा कि स्‍वच्‍छता हम सबों के लिए जीवन का एक रास्‍ता बन जाए, इसके पहले बड़े पैमाने पर स्‍वच्‍छता अभियान चलाए जाने की जरूरत है।

रिजिजु ने कहा कि उन्‍होंने जिन देशों की यात्राएं की हैं, उनमें से ज्‍यादातर देशों की समाजों और वहां के लोगों के लिए स्‍वच्‍छता एक अंदरूनी हिस्‍सा है। लेकिन अपने देश में स्‍वच्‍छता, अनुशासन और व्‍यवस्‍था के मोर्चे पर अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री तक को लाल किले के प्राचीर से इसे एक आम अभियान के रूप में शुरू करने की आवश्‍यकता को रेखांकित करने को मजबूर होना पडा। यह जानकारी देते हुए कि ठसाठस भरे होने के बावजूद जापान के मेट्रो पूरी तरह साफ होते हैं, उन्‍होंने बताया कि जरूरत से अधिक भीड़ और घनी आबादी गंदे जीवन के बहाने नहीं हो सकते। उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक व्‍यक्ति के व्‍यक्तित्‍व के बर्ताव में बदलाव लाने की जरूरत है।

यह गौर करते हुए कि कैंटीन समेत सुरक्षा बलों के परिसर अपने स्‍वच्‍छ वातावरण के लिए जाने जाते हैं, रिजिजु ने उम्मीद जताई कि बीएसएफ स्‍वच्‍छ हिमालय जागरूकता अभियान देश के कोने-कोने में स्‍वच्‍छता के महान संदेश को भेजने में समर्थ होगा। इस अवसर पर बीएसएफ के महानिदेशक बी.के. पाठक ने कहा कि बीएसएफ के ‘स्‍वच्‍छ भारत, स्‍वच्‍छ हिमालय’ अभियान का संचालन 12 अक्‍टूबर, 2015 से 23 नवंबर, 2015 तक किया जाएगा और इसमें साईकिल चलाने, व्हाईट वाटर राफ्टिंग और गढ़वाल के हिमालय में ट्रैकिंग अभियान शामिल है। इस दौरान टीम के सदस्‍य उस पूरे और अपशिष्‍ट सामग्रियों को वापस ले आएंगे जिन्‍हें हिम नदियों पर छोड़ दिया गया है।

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