एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की बैठक आयोजित

एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की बैठक आयोजित

  • एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की बैठक आयोजित
  • विद्युत उपक्रमों के कर्मियों के मसलों पर मंथन
  • भारत सरकार के समक्ष उठाया जाएगा तीसरा वित्‍त आयोग संबंधी मुद्दा : नंदलाल शर्मा
  • मैनेजमेंट गेम्‍स तथा प्रशिक्षण एवं विकास पर आधारित दो किताबों का किया विमोचन
  • बैठक में सार्वजनिक क्षेञ से संबंधित विद्युत उपक्रमों के मानव संसाधन संबंधी मुद्दों पर विस्‍तार से चर्चा
एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की बैठक आयोजित

एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की बैठक आयोजित

शिमला : एसजेवीएन द्वारा पावर एचआर फोरम की 10वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन होटल पैलेस चायल में किया गया। बैठक की अध्‍यक्षता फोरम के अध्‍यक्ष यू.पी. पाणी जो कि एनटीपीसी के निदेशक (एचआर) भी है द्वारा की गई। इस अवसर पर एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) नंद लाल शर्मा, टीएचडीसी निदेशक (कार्मिक) एस. के. विश्‍वास पावर ग्रिड के निदेशक (एचआर) आर.पी. सिंह तथा एनपीसीआईएल के निदेशक (एचआर) एन नागइच भी उपस्थित थे। बैठक में विद्युत क्षेञ से संबंधित अन्‍य सार्वजनिक क्षेञ के उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) नंद लाल शर्मा जो कि फोरम के उपाध्‍यक्ष भी हैं, ने बताया कि एसजेवीएन पावर एचआर फोरम की वार्षिक आम बैठक का आयोजन दूसरी बार कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि इस बैठक के दौरान सार्वजनिक क्षेञ से संबंधित विद्युत उपक्रमों के मानव संसाधन संबंधी मुद्दों पर विस्‍तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर मैनेजमेंट गेम्‍स तथा प्रशिक्षण एवं विकास पर आधारित दो किताबों का भी विमोचन किया गया। उन्‍होंने कहा कि यह बैठक अत्‍यधिक सफल रही, क्‍योंकि फोरम के सदस्‍यों में मानव संसाधन संबंधी विभिन्‍न विषयों पर एक आम सहमति बन गई है।

शर्मा के अनुसार बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइज के माध्‍यम से भारत सरकार के समक्ष तीसरे वित्‍त आयोग संबंधी मुद्दा उठाया जाएगा। इस संबंध में संज्ञान रहे कि सार्वजनिक क्षेञ के उपक्रमों से संबंधित पिछला वित्‍त आयोग 01.01.2007 से लागू किया गया था तथा अगला आयोग 01.01.2017 से लागू किया जाना है।

पावर एचआर फोरम विद्युत क्षेञ से संबंधित सबसे बड़ी गैर लाभकारी संस्‍था है। संस्‍था का उद्देश्‍य आपसी तालमेल से विद्युत क्षेञ में नये अवसर खोजना तथा पारस्‍परिक ज्ञान तथा विकास का संवर्धन करना है। वर्तमान में फोरम के सदस्‍य एनटीपीसी, एसजेवीएन, एनएचपीसी, पावर ग्रिड, बीबीएमबी, डीवीसी, नीपको, पीएफसी, आरईसी तथा टीएचडीसी हैं, जबकि दिल्‍ली ट्रांसको, इरेडा, एनपीसीआईएल, ओपीटीसीएल, पीटीसीयूएल तथा यूपीसीएल सहयोगी सदस्‍य हैं। भारत की इन 16 मुख्‍य पावर क्षेञ की कंपनियों में एक लाख कर्मचारी कार्यरत हैं तथा यह कंपनियां लगभग 50000 मेगावाट बिजली का उत्‍पादन कर रही हैं तथा 72000 किलोमीटर लम्‍बी ट्रांसमिशन लाइनस का निर्माण कर उनका रख-रखाव भी कर रही है।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *