पार्टी की ओर से दिये गये सम्मान से पूरी तरह से संतुष्ट, भ्रामक बातें न फैलाएं : प्रो. धूमल

टनल हादसे में फंसे मजदूरों की जांच होना अतिआवश्यक : प्रो. धूमल

  • टनल हादसे में तीन मजदूरों के फंसे होने पर प्रो. धूमल ने जताई चिन्ता

 

शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने टनल हादसे में तीन मजदूरों के फंसे होने पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है ओर उनकी सकुशलता की कामना करते हुए कहा कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। एनडीआरएफ की टीम के अतिरिक्त अगर प्रशासन को लगता है कि सेना की मदद् की आवश्यकता है तो इसके लिए सेना की मदद लेनी चाहिए। प्रो. धूमल ने कहा कि इस सारे हादसे की जांच होना अतिआवश्यक है। जांच के दायरे में कम्पनी की तकनीकी लापरवाही के अतिरिक्त प्रशासनिक जबावदेही की भी जांच की जानी आवश्यक है।

प्रो. धूमल ने कहा कि इस नेशनल हाइवे के कार्य में लगी मुख्यकम्पनी स्वयं काम न करके सवलैटिंग के माध्यम से कार्य करवा रही है और सवलैंटिंग के चलते छोटी कम्पनियां मुनाफा कमाने की चाहत में सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दे रही है और इस गलत आवंटन की बजह से इस तरह के हादसे हो रहे हैं और साथ में इस नैशनल हाइवे के निर्माण में भी अनावश्यक देरी हो रही है।

प्रो. धूमल ने कहा कि हमारी आदत सी हो गई है कि किसी भी हादसे के पश्चात जांच के आदेश तो दे दिए जाते हैं परन्तु जॉच के परिणामों का क्या होता है किसी को मालूम नहीं होता है। प्रदेश सरकार को पूर्व की परिपाटी से हटते हुए इस मामले की गम्भीरता जांच करनी चाहिए जिसके दायरे में न केवल कम्पनी की लापरवाही बल्कि प्रदेश सरकार के उन अधिकारियों को भी जॉंच के दायरे में लाने की आवश्यकता है जिन पर कम्पनी के सुरक्षा मानकों का निरीक्षण करने का दायित्व था और जांच के पश्चात भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुर्नावृति न हो इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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