मुख्यमंत्री का समाज में एचआईवी/एड्स बारे जागरुकता उत्पन्न करने की आवश्यकता पर बल

मुख्यमंत्री का राज्य में किसी भी प्रशासनिक फेर-बदल से इनकार

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्य में किसी भी प्रशासनिक फेर-बदल से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अन्तर्राष्ट्रीय मैचों के दौरान सुरक्षा उपलब्ध करवाने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने के लिये पूर्व में यदि एचपीसीए से किसी प्रकार का शुल्क लिया गया है, तो इसी प्रकार की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक खेल गतिविधि होने के नाते एचपीसीए इसके लिये शुल्क देने को बाध्य है। मुख्यमंत्री आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोई नये राजस्व जिले नहीं बनाए जाएंगे। हालांकि, पार्टी संगठनात्मक जिले बनाने के लिये स्वतन्त्र है।

राष्ट्रीय संस्थान ‘नीति आयोग’ के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को विशेष श्रेणी दर्जा से हटाने का हालांकि स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन आयोग के परिणाम एवं कार्यप्रणाली से अलग तस्वीर झलकती है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्तायोग के दौरान प्राप्त वित्तीय सहायता 13वें वित्तायोग से कहीं अधिक थी। 13वें वित्तायोग के दौरान की गई गल्तियों के कारण राज्य को वित्तीय बोझ झेलना पड़ा।

सैन्य माऊंटेन डिवीजन के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और इस संबंध में भारत सरकार की राय ली जाएगी। राज्य सरकार ऊना जिले में सैन्य जवानों के लिए सी.एस.डी. कैन्टीन डिपो की स्थापना भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव इन संस्थानों की अवधि पूर्ण होने पर ही करवाए जाएंगे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि मानसरोवर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिपकिला दर्रा खोलने से संबंधित मामला समय-समय पर भारत सरकार से उठाया गया है, क्योंकि यह कम दूरी का मार्ग है। यह भारत और तिब्बत के मध्य व्यापार के लिए प्रसिद्ध प्राचीन सिल्क रूट था और पूर्व में दोनों देशों के मध्य इस मार्ग से ही व्यापार किया जाता था। उन्होंने कहा कि मानसरोवर को यह सर्वाधिक कम दूरी का मार्ग होने के बावजूद इसपर केन्द्र सरकार को निर्णय लेना है।

जुब्बड़हट्टी हवाई पट्टी को खोलने से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई पट्टी के विस्तार का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शीघ्र ही इसे बड़े जहाजों के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुब्बड़हट्टी में बड़े जहाजों की सेवाएं आरम्भ करने का मामला उठाया गया है और इस संबंध में उन्हें सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।

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