गढ़जमूला के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आगामी सत्र से तीन नये व्यवसाय होंगे शुरू

गढ़जमूला के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आगामी सत्र से तीन नये व्यवसाय होंगे शुरू

  • मुख्यमंत्री ने गढ़जमूला में किया आई.टी.आई. भवन का लोकार्पण
  • 2.3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अग्निशमन भवन एवं कार्यालय की रखी आधारशिला
  • कांगड़ा की गुप्त-गंगा में 3.73 करोड़ रुपये की बहुमंजिला पार्किंग का किया लोकार्पण

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि गढ़जमूला में खुले नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आगामी सत्र से मोटर वाहन, मोटर मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन के तीन नये व्यवसाय आरम्भ किये जाएंगे। मुख्यमंत्री आज कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र के गढ़जमूला में 5.08 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन के लोकार्पण के उपरान्त जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जी.एस. बाली के तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा गढ़जमूला आई.टी.आई. में तीन नए व्यवसाय आरम्भ करने के आग्रह को पूरा करते हुए इन व्यवासायों को आगामी सत्र से आरम्भ करने की घोषणा की। वीरभद्र सिंह ने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों में प्रशिक्षित श्रम शक्ति की आवश्यकता है तथा प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल को निखारने के लिये उन्हें प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है। इस उद्देश्य से सरकारी क्षेत्र में 105 आई.टी.आई. खोली गई हैं जबकि इसके अतिरिक्त भी निजी क्षेत्र में अनेक तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या से भलीभांति परिचित हैं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आई.टी.आई. खोली जा रही हैं ताकि ग्रामीण युवाओं को लाभ पहुचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रदेश ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि के बगैर प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकतम जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है तथा प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा, श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर सड़क नेटवर्क के अतिरिक्त अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने विद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों को ज्ञान के मन्दिर की संज्ञा देते हुए कहा कि इनका समुचित रखरखाव एवं बेहतर प्रबन्धन प्रत्येक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय की जर्जर छत की मुरम्मत की जाएगी अथवा इसे ग्रीन शीट वाली छतों में बदला जाएगा।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को गुणात्मक और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये प्रतिबद्ध है और इसके दृष्टिगत प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 डिग्री कालेज खोले गए हैं ताकि विद्यार्थियों विशेषकर लड़कियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा पर बल देने के साथ-साथ नैतिक शिक्षा पर भी बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही व गलत की जानकारी प्रदान करने का दायित्व अध्यापकों पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिले के ज्यूरी के कोटला में राजकीय इंजीनियरिंग कालेज स्थापित किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में हाईड्रो इंजीनियरिग कालेज खोला जा रहा है। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने पर बल दे रही है तथा इस उद्देश्य से अनेक पॉलटेक्निक संस्थान खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के सीमित अवसरों को देखते हुए युवाओं के कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है, ताकि उन्हें बड़ी औद्योगिक इकाईयों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

वीरभद्र सिंह ने आई.टी.आई. भवन के लिये निजी 15 कनाल भूमि दान करने वाले ठाकुर चारू सिंह को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप शिक्षण संस्थान भवनों, स्वास्थ्य संस्थानों, गौ-सदनों इत्यादि के लिये निजी भूमि दान करने वाले व्यक्तियों की नाम पट्टिका उद्घाटन पट्टिका के साथ लगाई जाएगी ताकि यह अन्यों के लिये सार्वजनिक हित के लिये भूमि दान करने की प्रेरणा बने।

मुख्यमंत्री ने एक भव्य भवन के निर्माण के लिये हिमुडा को बधाई दी। उन्होंने गढ़जमूला के समीप भोडा में हैलीपैड स्थल का निरीक्षण भी किया।

इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने कांगड़ा में 2.3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अग्निशमन भवन एवं कार्यालय की आधारशिला रखी। उन्होंने कांगड़ा की गुप्त-गंगा में 3.73 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला पार्किंग का लोकार्पण किया। इस पार्किंग परिसर में 100 वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी जिससे माता ब्रजेश्वरी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन पार्क करने की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जी.एस. बाली ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार ने बीते पौने तीन वर्षों के दौरान प्रदेश के विभिन्न भागों में पांच पॉलीटेक्निक संस्थान और 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले हैं। उन्होंने कहा कि सभी आई.टी.आई. भवनों का निर्माण गढ़जमूला में निर्मित आई.टी.आई. भवन की तर्ज पर किया जाएगा। बाली ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों के 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की कैम्पस प्लेसमेन्ट हुई है तथा प्रशिक्षित विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में रोजगार मिला है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग के बजट में बढ़ौतरी के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इससे पूर्व, मुख्य संसदीय सचिव जगजीवन पाल ने मुख्यमंत्री का उनके गृह निर्वाचन क्षेत्र में स्वागत किया तथा 47 कमरों, चार हॉल एवं अन्य जरूरी सुविधाओं वाले बहुमंजिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन के लोकार्पण के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

 

 

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