राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने किया नौणी विवि का दौरा

राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने किया नौणी विवि का दौरा

सोलन: राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 20 अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का दौरा किया। यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 61वें कोर्स का हिस्सा है जो 4-10 अप्रैल के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक अध्ययन विषय पर स्टडी टूर के तहत हिमाचल प्रदेश का दौरा कर रहा हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में सशस्त्र बलों के अधिकारी शामिल है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल द्वारा प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया। डॉ. रविंदर शर्मा, संयुक्त निदेशक अनुसंधान ने विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में एक प्रस्तुति दी। कोविड़ 19 अवधि के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार में विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी टीम को अवगत कराया गया।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ कौशल ने कहा कि सशस्त्र बलों के ऐसे प्रतिनिधिमंडल, जिसमें देश और विदेशों से आए अधिकारी शामिल है, की मेजबानी करना विश्वविद्यालय के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कृषक समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रयासरत है ताकि आर्थिक विकास के साथ-साथ कृषि आय में वृद्धि के दोहरे लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय की विभिन्न पहलों के बारे में अवगत करवाया जिसके द्वारा विश्वविद्यालय छात्रों को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान कर रहा है ताकि वह सभी हितधारकों तक सही ढंग से अपनी सेवाएँ पहुंचा सके।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे एयर वाइस मार्शल बी.वी. उपाध्याय ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए विश्वविद्यालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा बागवानी के उत्थान और किसानों की आय में सुधार के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा की। टीम ने कृषि-बागवानी क्षेत्र के लिए पेशेवर मानव संसाधन को तैयार करने में निभाई जा रही भूमिका में विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कृषक परिवारों के साथ छात्रों को जोड़ने के निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यावहारिक प्रदर्शन और ज्ञान के आदान-प्रदान में इस कदम से मदद मिलेगी। अर्बन फ़ार्मिंग, किसानों की आय को दोगुना करना, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और सशस्त्र बलों और शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच पारिस्थितिक गतिविधियों में संयुक्त प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कीवी ब्लॉक, उच्च घनत्व वाले सेब बागान और विश्वविद्यालय के कीटनाशक अवशेष प्रयोगशाला का दौरा किया और यहाँ हो कार्यों के बारे में जाना। इस अवसर पर औदयानिकी महाविद्यालय की डीन डॉ अंजू धीमान, जीएम इंडस्ट्रीज सोलन राजीव कुमार, अतिरिक्त निदेशक हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान ज्योति राणा और डॉ मनिका तोमर उपस्थित रहे।

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