मिशन मोड में मोदी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान, सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू : अनुराग ठाकुर

मिशन मोड में मोदी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान, सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू : अनुराग ठाकुर

  • पूर्व में यूपीए का ज़ोर आयात पर ,जबकि हमारी नीतियाँ निर्यात को बढ़ावा देने के लिए समर्पित

हमीरपुर : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी हमीरपुर द्वारा हमीरपुरसुजानपुर व नादौन मंडल में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी कार्यकर्ताओं  व पदाधिकारियों को सम्बोधित कर मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने की अपील की है।

अनुराग ठाकुर ने कहा भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने व सवा सौ करोड़ देशवासियों का भविष्य संवारने के लिए मोदी सरकार कटिबद्ध है। भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने व देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोदी सरकार ने वर्ष 1991 से भी ज़्यादा रिफॉर्म्स किए हैं। कोल, मिनरल ,पॉवर, रक्षा क्षेत्र, सिविल एविएशन, सोशल इन्फ्रा प्रोजेक्ट, स्पेस और एटॉमिक एनर्जी के उन सभी क्षेत्रों में हमने ऐसे बड़े रिफॉर्म्स किए हैं जो भविष्य में सशक्त ,समर्थ व समृद्ध भारत की इबारत लिखेगा। भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी उपलब्धि सुशासनयुक्त  व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार है। पहले दिल्ली से लेकर शिमला के सत्ता गलियारों में जिन दलालों- बिचौलियों की तूती बोलती थी उनका सफ़ाया करने का काम मोदी सरकार ने किया है। पार्टी के हर कार्यकर्ता व पदाधिकारी से मेरा आहवाहन है कि सरकार की इन उपलब्धियों को जनता के बीच ज़्यादा से पहुँचाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

अनुराग ठाकुर ने कहा महंगाई को क़ाबू करने में मोदी सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं जिसके चलते एक तरफ़ जब यूपीए शासनकाल में महंगाई दर 12% से ज़्यादा थी वहीं एनडीए शासन काल में महंगाई दर मात्र 4% ही है। यूपीए का ज़ोर आयात पर था जबकि हमारी नीतियाँ निर्यात को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। अनुमान लगाए जा रहे थे कि दिसंबर तिमाही में भी जीडीपी निगेटिव ही रह सकती है मगर दिसंबर तिमाही में भारत की जीडीपी में 0.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इसका सीधा सा मतलब ये है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी के दौर से बाहर निकल रही है। अगर आप गौर करेंगे तो मोदी सरकार ने इस बजट में कोरोना महामारी के बाद उपजी परिस्थितियों व तमाम आकलन के बावजूद जनता पर अतिरिक्त कर का कोई बोझ ना डालकर आमजनमानस ख़ासकर मध्यम वर्ग को राहत पहुँचाने का काम किया है। फिस्कल सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट का साइज बढ़ाने पर जोर दिया। मोदी सरकार कोई भी काम वोट बैंक को ध्यान में रख कर नहीं करती। हम सर्वजन हिताय ,सर्वजन सुखाय के मूलमंत्र को आधार मान कर समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ पहुँचाने के कृतसंकल्पित हैं ।

आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा हमने इस बार के बजट में विकास के नए अवसरों को बढ़ाने, हमारे युवाओं के लिए नई ओपनिंग, मानव संसाधनों के लिए एक नया उच्च स्तर, बुनियादी ढांचे के लिए नए क्षेत्रों को विकसित करने, प्रौद्योगिकी की ओर चलने और इस बजट में नए सुधार लाने के दृष्टिकोण की कोशिश की है। सरकार ने लगभग 35% का खर्च बढ़ा दिया है  सड़कों में 118000 करोड रुपया, रेलवे के लिए 110000 करोड रुपया,पानी के जल जीवन मिशन के लिए 50110 करोड़ रूपया, स्वास्थ्य के लिए 223000 करोड रुपए वह भी 137% वृद्धि के साथ, मजदूरों के मनरेगा के लिए 73000 करोड रुपए, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में 65000 करोड रुपए, ऑटोमोबाइल क्षेत्र को बल देने के लिए 20000 बसें खरीदने का प्रावधान किया गया है जिससे गरीब आदमी को अच्छी बसों में सफर करने का लाभ मिले, मेट्रो ट्रेन को दोगुना करने की बात की गई है। कोविड के बाद भारत के पहले वित्तीय रोडमैप के तौर पर केंद्रीय बजट 2021-22 में स्वास्थ्य देखभाल पर अनिवार्य ज़ोर के अलावा आर्थिक रिकवरी, विकास और नौकरी के सृजन पर ध्यान देने की उम्मीद की जा रही थी और बजट की घोषणाएं उन उम्मीदों के मुताबिक़ ही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में ज़ोरदार बढ़ोतरी की गई, घरेलू उत्पादन और नौकरी के सृजन पर ध्यान दिया गया और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर को चालू रखा गया ।

 

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