मैड़ी मेला: बिना मास्क 5 हजार जुर्माना, श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी करना होगा पालन

मैड़ी मेला: बिना मास्क 5 हजार जुर्माना, प्रशासन ने जारी की कोविड-19 संबंधित एसओपी…

  • मैड़ी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने जारी की कोविड-19 संबंधित एसओपी

ऊना: डेरा बाबा बड़भाग सिंह में 21 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित होने वाले मेला के दौरान मेला क्षेत्र में एक दिन से अधिक दिनों तक ठहरने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी और कोविड-19 के लक्षण पाए जाने पर उनका टेस्ट कर उन्हें आइसोलेट किया जायेगा साथ ही काउंटर्स लगाकर यात्रियों की सुविधा के लिए मास्क प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने बताया कि मैड़ी में आयोजित होने वाले मेले को लेकर एसओपी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में स्थित सभी गुरुद्वारों व धार्मिक स्थानों द्वारा अग्निशमक विभाग के माध्यम से अपने परिसर का फायर ऑडिट करवाकर विभाग द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट 21 मार्च से पूर्व विभाग को देनी होगी।

डीसी ने बताया कि गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाये रखनी होगी। मेला क्षेत्र में श्रद्धालु द्वारा मास्क न पहनने पर पुलिस 5000 रूपये तक का चालान करने हेतु सक्षम होगी। गुरुद्वारा परिसर के अंदर मास्क पहनना और निर्धारित सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी गुरुद्वारा प्रबंधन की होगी। सार्वजानिक स्थानों पर 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड सोल्यूशन का स्प्रे सुनिश्चित किया जायेगा और गुरुद्वारा परिसर को सम्बंधित गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा हर रोज सैनेटाइज करना होगा। गुरुद्वारा प्रबंधन इन दिशा-निर्देशों को अपने साथ जुड़े श्रद्धालुओं/संगतों को अवगत करवाएंगे ताकि सभी के द्वारा इनकी अनुपालना सुनिश्चित की जा सके। मेला प्रबंधन द्वारा कोविड-19 संबंधित सैनिटाइजेशन/सफाई प्रबंधन का अनुभव रखने वाली संस्थाओं को ही सफाई के प्रबंधन के लिए रखा जायेगा।

  • आश्रम व धर्मशालाओं के लिए सुरक्षा मानक

डीसी राघव शर्मा ने बताया कि आश्रम व धर्मशाला के प्रवेश द्वार पर आगंतुकों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था संबंधित प्रबंधकों द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। यदि धर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी भी व्यक्ति में कोविङ-19 के लक्षण पाये जाते हैं तो उसको तत्काल आईसोलेट करते हुए, दूरभाष के माध्यम से मेला प्रशासन तथा कोविड कंट्रोल रूम को सूचित किया जायेगा। आश्रम व धर्मशाला परिसर की भी समय-समय पर सैनेटाईजेशन करनी होगी। प्रत्येक आश्रम व धर्मशाला के स्वागत कक्ष पर मेला कन्ट्रोल रूम, मेला जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेट, थाना, अस्पताल, एम्बुलेंस का दूरभाष नम्बर अंकित किया जाना अनिवार्य होगा। अन्य राज्यों से आने वाले यात्री प्रवेश के समय अपने मूल राज्य, जिला/तहसील एवं स्वास्थ्य केंद्र द्वारा दिए गए कोरोना फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। आश्रम व धर्मशाला प्रबंधन द्वारा प्रवेश एवं निकास के दौरान संदिग्ध पाये गये कोविड-19 रोगियों के परिवहन के लिए मेला स्वास्थ्य दल के सहयोग से एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी । आश्रम/धर्मशाला में विभिन्न स्थानों एवं प्रत्येक कमरे में कोविड-19 की रोकथाम हेतु आवश्यक जानकारियां/गाइडलाइन्स, कट्रोल रूम व नजदीकी कोविड उपचार केंद्र के दूरभाष नंबर प्रदर्शित किये जायेंगे। यदि संवेदनशील वर्ग के व्यक्ति (65 वर्ष से अधिक आयु, गर्भवती महिलाएं व 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे) आ रहे हैं, तो प्रबंधन द्वारा ऐसे व्यक्तियों को परिसर से बाहर जाने, पवित्र स्नान करने तथा अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने से हतोत्साहित किया जाएगा। मेले के दौरान सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में किसी भी बंद स्थान पर संगठित रूप से भजन, गायन एवं भंडारे के आयोजन पर पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा। आश्रम/धर्मशाला परिसर में श्रद्धालुओं/पर्यटकों के कोविड-19 परीक्षण के दौरान आश्रम/धर्मशाला प्रबंधकों द्वारा श्रद्धालुओं/पर्यटकों तथा चिकित्सा दल को आवश्यक सुविधाएं व सहायता प्रदान जाएगी।

  • होटलों सहित सभी व्यापारिक संस्थानों में भी सुनिश्चित करने होंगे सुरक्षा उपाय

डीसी ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट व अतिथि गृह के प्रबंधकों द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी तथा प्रत्येक कार्मिक एवं अतिथि द्वारा मास्क का उपयोग सुनिश्चित करना होगा। बिना मास्क प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यदि थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी भी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाये जाते हैं तो होटल, रेस्टोरेन्ट व अतिथि गृह प्रबंधन द्वारा उस व्यक्ति को तत्काल आईसोलेट करते हुए स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। प्रत्येक होटल/अतिथि गृह/रेस्टोरेंट के प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से सभी के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। प्रत्येक होटल में ठहरने वाले यात्रियों के कक्षों में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत प्रचार-प्रसार सामग्री को सुलभ व आसानी से नजर पड़ने वाले स्थानों पर चस्पां करने के साथ-साथ संबंधित गाइडलाइन व दूरभाष पंजिका को प्रदर्शित करनी होगी। स्वागत कक्ष पर जिला के कन्ट्रोल रूम, जोनल रोक्टर मेजिस्ट्रेट, थाना, अस्पताल, एम्बुलेंस के दूरभाष नम्बर अंकित किये जायेगे। अतिथियों का विवरण (यात्रा इतिहास, चिकित्सा स्थिति आदि) के साथ-साथ पहचान-पत्र अतिथि को स्वागत कक्ष में जमा करना होगा एवं प्रबन्धक द्वारा सम्बन्धित दस्तावेज संभाल कर रखे जायेंगे। यदि होटाल, रेस्टोरेन्ट व अतिथि गृह में आने वाले किसी यात्री में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देते हैं तो प्रबन्धन द्वारा मेला स्वास्थ्य मागियो के माध्यम से तत्काल प्रभावित यानों को उपचार हेतु कोविड उपचार केंद्र में भेजा जायेगा। होटल के प्रबंधन द्वारा निवास के दौरान संदिग्ध कोविड रोगियों के परिवहन के लिए मेला स्वास्थ्य दल के सहयोग से एम्बुलेंस पी व्यवस्था की जाएगी। होटल में विभिन्न स्थानों व प्रत्येक कमरे में कोनिङ-19 की रोकथाम के लिए आवश्यक जानकारियां, गाइडलाइन्स, कंट्रोल रूम नंबर्स तथा नजदीकी कोविड उपचार केंद्र के नंबर भी प्रदर्शित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में स्थित दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भी इन सभी दिशा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।

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