विभाग ने देशी शराब के लेबल पर नाटी चित्र की अनुमति को लिया वापिस

विभाग ने लिया देशी शराब के लेबल पर नाटी चित्र की अनुमति को वापिस

  • जन-मानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए विभाग द्वारा इस लेबल पर छपे नाटी के चित्र की अनुमति को तुरन्त प्रभाव से ले लिया गया है वापिस

शिमला: जन-मानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य कर एवं आबकारी एवं कराधान ने देशी शराब के ब्रांड नाटी नम्बर-1 सन्तरा लेबल पर छपे नाटी के चित्र की अनुमति को तुरन्त प्रभाव से वापिस ले लिया है।

विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मीडिया के माध्यम से विभाग के ध्यान में मामला आया था कि प्रदेश में बिक रहे देशी शराब के ब्रांड नाटी नम्बर-1 सन्तरा के लेबल पर छपे नाटी के चित्र से समाज के कुछ वर्गों के लोगों की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी विभाग द्वारा किसी भी ब्रांड के लेबल को स्वीकृत किया जाता है, तो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है कि इससे किसी भी रूप से किसी धर्म व जाति विशेष की भावनाओं ठेस न पहंुचे। इस ब्रांड को भी कुछ दिन पहले ही विभाग द्वारा निर्माता की ओर से सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के उपरान्त ही अनुमोदित किया गया था।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब में भांगड़ा ढोल बजाते हुए चित्र के साथ तथा पंजाबी हीर के नाम से देसी शराब की पूरे राज्य में बिक्री की जाती है। इसी प्रकार घूमर व ढोलामारू नाम के ब्रांडों की राजस्थान में बिक्री की जाती है। इन सभी का उपरोक्त राज्यों की सांस्कृतिक विरासत में विशेष स्थान है। यद्यपि इस ब्रांड के लेबल का अनुमोदन सभी प्रकार के कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखकर ही किया जाता है, परन्तु जन-मानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए विभाग द्वारा इस लेबल पर छपे नाटी के चित्र की अनुमति को तुरन्त प्रभाव से वापिस ले लिया गया है।

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