मुख्यमंत्री का लोगों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे नहीं करने का आह्वान

मुख्यमंत्री का लोगों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे नहीं करने का आह्वान

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोगों का आह्वान किया है कि वे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे नहीं करें। प्रदेश सरकार गरीब भूमिहीनों को प्रदेश के शहरी व ग्रामीण इलाकों में गृह निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री आज शिमला जिले के रामपुर उप-मण्डल के अन्तर्गत धार-गौरा में जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने डोबी-गोपालपुर, दोफ्दा ने भी जनसभाओं को सम्बोधित किया।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को नियमित करने को लेकर लोगों को भ्रमित किया। भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों को अवैध कब्जे नियमित करने के लिए शपथ-पत्र दायर करने के लिए कहा गया, लेकिन वास्तव में इन्हें नियमित नहीं किया गया जिससे लोगों में असमंजस की स्थिाति बनी रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भूमिहीन गरीबों को आवास निर्माण के लिए जगह उपलब्ध करवाने के लिए विशेष नीति बनाई है।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमणों को हटाने का आदेश माननीय उच्च न्यायालय ने दिया था, प्रदेश सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका के उपरांत उच्च न्यायालय ने फलदार पौधों और बागीचों को नहीं काटने का आग्रह स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागावानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार एंटी हेलनेट पर अनुदान दे रही है तथा किसानो-बागवानों के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की गई हैं, जिनका लाभ उठाने के लिए इन्हें आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणा-पत्र को नीति दस्तावेज के रूप में अपनाया है और इसमें किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है। सरकार सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को विशेष प्राथमिकता दे रही है ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

उन्होंने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माघ्यमिक पाठशाला, दोफ्दा में अध्यापकों के रिक्त पद शीघ्र भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाजवा-छरपाई सड़क का निर्माण छह महीनों में पूरा किया जाएगा और शाह-दोफ्दा-दारण-दारणघाटी-दयोठी सड़क को शीघ्र पक्का किया जाएगा, जिसके लिए 12.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्राई कोटी मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिस पर भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग कार्य शीघ्र आरम्भ कर देगा। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धार-गौरा को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने रामपुर-मशनू सड़क मार्ग को चौड़ा करने, धार-गौरा में पुलिस चौकी खोलने, दारण में आयुर्वेदिक औषधालय खोलने और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धार-गौरा में 50 लाख रुपये की लागत से शौचालय बनाने की भी घोषणा की।

वीरभद्र सिंह ने गौरा ग्राम पंचायत के लिए 5.24 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना का शुभारम्भ किया। इस योजना से गौरा, गोपालपुर, रनौट, कोटी, पनोटी, चांदपुर, शरण, रतनपुर, पट्टी, धार, गोपालपुर बस्तियों के लगभग सात हजार लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने धार कापटी में 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति योजना और दियोठी में 98 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह की आधारशिलाएं भी रखीं।

उन्होंने दारण घाटी में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अतिरिक्त कमरों के निर्माण की परियोजना का शिलान्यास किया, जिस पर 84 लाख रुपये की लागत आएगी। उन्होंने श्राई कोटी मंदिर में टूरिस्ट हट का शिलान्यास भी किया, जिसका निर्माण 44 लाख रुपये से पूरा किया जाएगा।

 

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