हि.प्र. प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने निपटाए 28873 मामले

एफएसएस अधिनियम के तहत 77058 खाद्य व्यवसाय कारोबारी पंजीकृत

शिमला: राज्य में खाद्य व्यवसाय कारोबारियों की सुविधा के लिए लाईसेंस एवं पंजीकरण (खाद्य लाईसैंस एवं पंजीकरण) की ऑनलाईन प्रणाली आरम्भ की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि प्रदेश में खाद्य विधायन से जुड़े लगभग दो लाख खाद्य व्यवसाय कारोबारी हैं, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानदण्ड अधिनियम, 2006 के दायरे में आते हैं। इनमें से अधिकांश लघु व्यवसायिक एवं चलते-फिरते कारोबारी हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के अनुसार बिना पंजीकरण अथवा लाईसैंस के कोई भी व्यक्ति खाद्य वस्तुओं से जुड़ा कामधन्धा अथवा व्यवसाय नहीं कर सकता। खाद्य व्यवसाय संचालक, जिनकी वार्षिक बिक्री 12 लाख रुपये से कम है, को पंजीकरण अधिकारी के पास अपना पंजीकरण करवाना, जबकि अन्यों को लाईसैंस प्राप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाईन प्रक्रिया आरम्भ होने के उपरान्त 2 अगस्त, 2015 तक पंजीकरण के लिए 34522 तथा लाईसैंस के लिए 3867 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पंजीकरण के लिए 721 और लाईसैंस के लिए 209 आवेदन लम्बित हैं, जिनका शीघ्र निपटारा किया जाएगा।

प्रवक्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानदण्ड अधिनियम, 2006 के अनतर्गत राज्य में 77058 खाद्य व्यवसायी पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक 6912 कारोबारियों को लाईसैंस जारी किए गए हैं, जिनमें ऑनलाईन तथा ऑफलाईन दोनों शामिल हैं।

उन्होंनेे कहा कि सरकार खाद्य वस्तुओं के कारोबारियों को पंजीकरण अधिकारियों के पास पंजीकृत करवाने के लिए जागरूक कर रही है। किसी भी व्यक्ति को व्यवसाय आरम्भ करने और अपना पंजीकरण करवाने पर कोई रोक नहीं है और इसके लिए एक वर्ष के लिए 125 रुपये के शुल्क के साथ निर्धारित प्रपत्र पर अथवा ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जानकारी व मदद के लिए दूरभाष नम्बर 0177-2621383 अथवा 2622383 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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