पहली दिसंबर से सभी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगी एमबीबीएस और नर्सिंग कॉलेजों में कक्षाएं : स्वास्थ्य सचिव

पहली दिसंबर से सभी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगी एमबीबीएस और नर्सिंग कॉलेजों में कक्षाएं : स्वास्थ्य सचिव

  • केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक छात्रों को कोविड टेस्ट करवाना होगा, साथ ही अभिभावकों का अनुमति पत्र भी होगा आवश्यक
  • कोरोना काल में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो भी खामियां आई हैं उन्हें किया जाएगा दूर : स्वास्थ्य सचिव
  • प्रदेश में कोरोना मामले बढ़ने का कारण राजनीतिक दलों की रैलियों के साथ शादियां व त्यौहार  भी रहे

शिमला: हिमाचल में पहली दिसंबर से सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के साथ-साथ नर्सिंग कॉलेजों में कक्षाएं शुरू कर दी जाएगी। प्रथम वर्ष और अंतिम वर्ष की कक्षाएं पहले दिन से लगेगी जबकि अन्य की कक्षाएं सात दिन बाद शुरू होंगी। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक छात्रों को कोविड टेस्ट करवाना होगा साथ ही अभिभावकों का अनुमति पत्र भी जरूरी होगा। यह बात मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी  ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छह मेडिकल कॉलेजों में जनवरी में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए 8 करोड़ दे रही है। इसके अलावा कोरोना काल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो भी खामियां सामने आई हैं उनको दूर किया जाएगा।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में टेस्टिंग की संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाए ताकि ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सके। प्रदेश के अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर अस्पताल के लिए 250 से ज्यादा स्टाफ, जिसमें लैब तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को भी नियुक्ति की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की शिकायतों को देखते हुए धर्मशाला जोनल अस्पताल में ज्यादा मरीज आने की वजह से थोड़ी दिक्कतें पेश आई थी लेकिन समय रह्ते उसे दुरुस्त किया गया। जबकि शिमला के डीडीयू में आक्सीजन की सप्लाई दे रही गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से सप्लाई देरी से पहुंची। शिमला में भी कुछ समस्याओं को तरफ ध्यान दिया जा रहा है। एक मरीज का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उसे ठंड से कांपते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो की सच्चाई यह है कि मरीज दो एम्बुलेंस में शिफ्ट में देरी हुई जिसके चलते उसे परेशानी का सामना करना पड़ा था। सरकार ने इसे गम्भीरता से लिया और इसकी जांच के साथ इसकी खामियां जो भी रही है, उन्हें दूर करने को बोला गया है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ने का कारण राजनीतिक दलों की रैलियों के साथ शादियां व त्यौहार भी रहे। कैबिनेट में भी इस विषय पर चर्चा की गई। जिसमें राजनेताओं पर भी ये नियम सख्ती से लागू रहेगा कि वे ज्यादा भीड़ एकत्र न होने दें। कोरोना के अलावा भी कई बीमारियों के मरीजों को जो स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है उसे लेकर भी सरकार गम्भीर है। सरकार ने सख्त आदेश दिए हैं कि जल्द ऐसी कोताही पर बड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। सर्दियों में मौसम की दिक्कतों को देखते हुए सरकार युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है। मेकशिफ्ट अस्पताल बनाने पर भी सरकार अलग से काम कर रही है। मेक शिफ्ट के तहत प्रदेश के तीन स्थानों पर ऐसी व्यवस्था की जाएगी।    

 

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