सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेगी "दीपावली" : कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेगी “दीपावली” : कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

  • जानिए धनतेरस, छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) और दिवाली की सही तिथि और शुभ मुहूर्त:-

  • लक्ष्मी पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त

  • धनतेरस : कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस  का त्योहार मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 13 नवंबर को मनाया जाएगा।  त्रयोदशी 12 नवंबर की शाम से लग जाएगी। ऐसे में धनतेरस की खरीदारी 12 नवंबर को भी की जा सकेगी। हालांकि उदया तिथि में त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में धनतेरस 13 नवंबर को मनाया जाएगा।%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80

  • छोटी दिवाली 2020 (नरक चतुर्दशी): इस साल छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी 14 नवंबर को मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी पर स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5:23 से सुबह 6:43 बजे तक रहेगा। चतुर्दशी तिथि 14 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक ही रहेगी। इसके बाद अमावस्या लगने से दिवाली भी इसी दिन मनाई जाएगी।

  • दिवाली (दीपावली) : 15 नवंबर की सुबह 10.00 बजे तक ही अमावस्या तिथि रहेगी। अमावस्या तिथि में रात में भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। ऐसे में दिवाली भी इस साल 14 नवंबर को मनाई जाएगी।

  • भाईदूज : 15 नवंबर 2020 को गोवर्धन पूजा होगी और अंतिम दिन 16 नवंबर को भाई दौज या चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी। दरअसल इस बार हिंदी पंचांग के अनुसार द्वितीय तिथि नहीं है जिसके कारण तिथि घट रही हैं।

लक्ष्मी पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग में दिवाली मनेगी। पंचांग गणना में इस बार द्वितीय तिथि का क्षय हो रहा है। इसके अनुसार, दीप पर्व में रूप चौदस सुबह, तो महालक्ष्मी पूजन शाम को किया जा सकेगा।13 नवंबर को प्रदोषकाल में धनतेरस एवं दीप दान, मास शिवरात्रि का प्रदोष के पर्व के साथ धनवंतरी जयंती भी मनाई जाएगी। रूप चौदस चतुर्दशी का पर्व अरुणोदयम से पूर्व मनाया जाएगा। 14 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन के समय स्वाति नक्षत्र सौभाग्य योग तुला राशि का चंद्रमा तुला राशि का सूर्य धनु राशि के गुरु में होगा। लक्ष्मी पूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या को स्थिर लग्न और स्थिर नवांश में किया जाना श्रेष्ठ माना गया है। प्रदोष काल शाम 4:33 से रात 9:12 तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 4:49 से 7:02 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में प्रदोषकाल स्थिर वृष लग्न और कुंभ का स्थिर नवांश भी रहेगा।

  • सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी दिवाली

14 नवंबर दिवाली के दिन रात 8:10 बजे तक स्वाति नक्षत्र रहेगा। इसके बाद पूरी रात विशाखा नक्षत्र रहेगा। पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। शनिवार को प्रदोष काल में स्वाति से बना सिद्धि योग कार्य सफलता के लिए अच्छा माना गया है। स्वाति नक्षत्र चर, चल-संज्ञक नक्षत्र होने के कारण वाहन लेने देने, उद्योग कर्म, दुकानदारी, चित्रकारी, शिक्षक, स्कूल संचालक, श्रृंगार प्रसाधन एवं अन्य कर्म के लिए अच्छा माना जाता है।

  • दिवाली पर दुर्लभ संयोग बना

कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

दरअसल 14 नवंबर को देश भर में दिवाली में गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में और शनि अपनी राशि मकर में रहेंगे। वहीं शुक्र ग्रह कन्या राशि में नीच रहेगा, इन तीनों ग्रहों का यह दुर्लभ योग वर्ष 2020 से पहले सन 1521 में 9 नवंबर को देखने को मिला था। उस बार भी इसी दिन दिवाली मनाई गई थी। ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शनि को आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाले कारक ग्रह माने गए हैं। ऐसे में दिवाली पर यह दो ग्रह अपनी स्वराशि में होने से धन संबंधी कार्यों में बड़ी सफलता का योग बनाएंगे। कमल गट्टे से माँ लष्मी का हवन शुभ रहेगा ॐ लक्ष्मी ह ॐ ह लं सिद्ध ॐ का जाप करे

 

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *