वन भूमि से बड़े कब्जाधारियों के अवैध कब्जे हटाने को इको टास्क फोर्स की मदद ली जाए : हाइकोर्ट

सेब के पेड़ कटान पर लगी रोक, बीजेपी ने किया उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत

शिमला : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से आज बागवानों को आंशिक राहत मिली है। वन भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से तैयार किए गए सेब के पेड़ों को काटने पर अब न्यायालय ने पेड़ कटान पर रोक लगा दी है। वन भूमि पर कब्जा कर तैयार किए गए सेब को अब सरकार बेचेगी। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही वन विभाग ने वन भूमि पर अवैध रूप से किए गए कब्जों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई जगह से वन भूमि पर अवैध रूप से तैयार किए गए सेब के पेड़ों को नष्ट कर दिया है व अभी तक वन विभाग की कार्रवाई जारी थी। प्रदेश में इस समय वन भूमि पर हजारों अवैध कब्जे हैं। इस मामले पर बागवानों समेत राजनीतिक पार्टियां विरोध जता रही थी। इसके बाद सरकार ने न्यायालय में याचिका दी।

 

भारतीय जनता पार्टी ने अवैध कब्जों पर दिये गये हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय का किया स्वागत

भाजपा प्रवक्ता गणेश दत्त

भाजपा प्रवक्ता गणेश दत्त

हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अवैध कब्जों पर दिये गये हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है जिसमें अवैध भूमि में लगे पेड़ों को न काटने तथा उसे अपने कब्जे में लेने को कहा गया है।

पार्टी प्रवक्ता गणेश दत्त ने कहा कि न्यायालय के निर्णय से भारतीय जनता पार्टी का पक्ष पुष्ट हुआ है तथा हजारों बागवानों को न्यायालय के नये निर्णय से राहत मिलेगी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल उच्च न्यायालय के निर्णय से वनीकरण पौधारोपण योजना को भी बल मिलेगा जिसमें उच्च न्यायालय ने अवैध भूमि को निलाम कर उससे प्राप्त होने वाले राजस्व से पौधारोपण करने की बात कही है। भारतीय जनता पार्टी ने सरकार से मांग की है कि जिन छोटे बागवानों के पौधों/पेड़ों को काटा गया है तथा उसमें पैदा होने वाले फल सेब को तहस नहस करने व पेड़ों को काटने के फलस्वरूप बागवानों को हुये नुकशान की भरपाई भी सरकार तत्काल करें। पार्टी ने आरोप लगाया कि अवैध कब्जों के नाम पर सबसे अधिक नुकशान छोटे व मझौले बागवानों को हुआ है तथा कई छोटे बागवानों को रोटी के लाले पड़े हैं। भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि यह कैसी विडम्वना है पिछले 30-40 वर्षों से खेती कर रहे बागवानों की फसलों पर कुल्हाड़ी चलाई गई तथा कइयों पर राजनैतिक द्वेष से प्रेरित कारवाई भी की गई है। पार्टी ने कहा कि सरकार की जिन एजैन्सियों की देख रेख में अवैध कब्जे किये गये उस समय के अधिकारियों पर भी कारवाई हो।

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