हिमाचल: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों-गैर शिक्षकों को चार अप्रैल तक अवकाश

21 सितंबर से आंशिक तौर पर खुलेंगे 9-12वीं तक के स्कूल, जानें क्या है गाइडलाइंस…

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्कूलों, कौशल केंद्रों एवं पीजी एवं डॉक्टरल कोर्स संचालित करने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए कोरोना से बचाव की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। गृह मंत्रालय ने 21 सितंबर से स्कूलों और उपरोक्त श्रेणी के उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति दी है। एसओपी में कहा गया है कि स्कूल, कॉलेजों, कौशल संस्थानों को खोलने से पूर्व उन्हें अच्छी तरह से सैनिटाइज करना होगा।  हालांकि, यह स्वैच्छिक होगा यानी छात्रों के ऊपर होगा कि वह स्कूल जाना चाहते हैं या नहीं।

जिन स्कूलों या संस्थानों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे, उन्हें पूरी तरह से संक्रमण रहित करना होगा। कक्षाओं में कुर्सियां छह फीट की दूरी पर लगाई जाएंगी। शिक्षकों एवं छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। प्रवेश गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैंड सैनिटाइज करने के इंतजाम भी करने होंगे।

छात्र स्वेच्छा से जाएंगे : स्कूलों में 21 सितंबर के बाद सिर्फ 9-12वीं के छात्रों को शिक्षक से सलाह लेने के लिए स्वेच्छा से जाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति होनी चाहिए। 50 फीसदी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है। बीमार कार्मिकों एवं गर्भवती महिला कार्मिकों को जाने की मनाही है।

 स्कूल से ही ऑनलाइन कक्षाएं : स्कूलों में शिक्षक वहीं से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इस दौरान यदि कुछ छात्र चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं। स्वेच्छा से पढ़ने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक अलग-अलग टाइम स्लाट दे सकते हैं। हालांकि, छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।

स्कूल में प्रार्थना नहीं: स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूल-कॉलेजों में स्वीमिंग पूल आदि भी बंद रहेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी प्रदर्शित करने होंगे।

 इनका भी रखना होगा ध्यान: एसी को लेकर पूर्व के नियम रहेंगे जो 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटिलेशन होना चाहिए।

  • सिर्फ कंटेंनमेंट जोन के बाहर के स्कूल खोले जा सकेंगे और कंटेंनमेंट जोन के बाहर रहने वाले स्टाफ और स्टूडेंट को ही स्कूल आने की इजाजत होगी। अगर आपके बच्चे का स्कूल कंटेंनमेंट जोन में है या फिर आपका घर कंटेनमेंट जोन में है तो आपके बच्चे को स्कूल जाने की इजाजत नहीं होगी

  • स्कूल आने वाले छात्रों के पास अभिवावक की लिखित अनुमति होना अनिवार्य हैछात्रों का स्कूल आना किसी भी तरह से अनिवार्य नहीं होगा, यह सिर्फ वॉलेंटियरी बेसिस पर किया जा रहा है

  • स्कूल में छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। क्लास में भी सभी तरह के नियम लागू होंगेयह सभी नियम अन्य शिक्षण संस्थानों जैसे पर भी लागू होंगे

  • कोरोना से जंग को लेकर पहले से जारी नियमों और गाइड लाइंस के साथ सरकार ने स्कूलों के लिए अलग से विस्तार से निर्देश जारी किए हैं। इन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है

  • स्‍टूडेंट्स के बीच कम से कम 6 फीट की दूसरी होनी चाहिए. इसके अलावा फेस कवर/मास्‍क अनिवार्य किया गया है। फिलहाल बायोमीट्रिक अटेंडेंस नहीं होगी

  • स्कूल के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को साबुन से धुलना या सैनिटाइज करना होगा। परिसर में इधर-उधर थूकने पर पाबंदी है

  • गेट पर हर छात्र और स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, गेट पर ही उनके हाथ भी सैनिटाइज कराए जाएंगे

  • बच्चे अपना कोई भी सामान जैसे, पेन, पेंसिल, नोटबुक या कोई अन्य सामान आपस में शेयर नहीं करेंगे

  • इसके साथ ही स्कूल के ग्राउंड में किसी भी तरह खेल या शारीरिक एक्टिविटी की मनाही है

  • स्कूल आने वाले सभी लोगों के लिए आरोग्य सेतु एप रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही सभी स्कूलों को पल्स ऑक्सिमीटर का इंतजाम करना होगा

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