प्रदेश के विकास में खनन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका

प्रदेश के अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र को केन्द्र की मंजूरीः उद्योग मंत्री

शिमला: केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 60.2920 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार को हस्तांतरित करने की स्वीकृति देने के साथ ही ऊना जिला के पंडोगा गांव में अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। यह जानकारी उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां दी।

अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रभावी प्रयासों से यह संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बहुआयामी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जिले में अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने का मामला विभिन्न स्तरों पर प्रभावी तरीके से उठाया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शीघ्र ही इस महत्वकांक्षी परियोजना का शिलान्यास करेंगें ताकि इसे निश्चित समयवद्धि में पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तीन अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें से 112 करोड़ रुपये की लागत से ऊना जिला के पंडोगा और कांगड़ा जिला के कंदरौड़ी में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनका कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाएगा।

अग्निहोत्री ने कहा कि इससे क्षमतावान उद्यमियों के लिए विकास के नए मार्ग प्रशस्त होंगे और उन्हें प्रदेश में विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह औद्योगिक क्षेत्र 112 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा। औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के पहले ही प्रदेश सरकार द्वारा 40 करोड़ रुपये की धन राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण स्वीकृति के लिए 8.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इस अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की स्वीकृति का श्रेय मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह को देते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि श्री वीरभद्र सिंह के विशेष प्रयासों से यह परियोजना स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के कारण ही ऊना जिले में विश्व स्तरीय औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इससे न केवल राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होगें बल्कि प्रदेश के राज कोष में भी वृद्धि होगी।

अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने संशोधित औद्योगिक अधोसंरचना स्तरोन्नयन योजना के अन्तर्गत इस औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम को राज्य कार्यान्वयन एजेंसी मनोनित किया है। इस परियोजना के लिए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा इस वर्ष मार्च माह में स्वीकृति दी थी तथा बैंकों द्वारा वित्तपोषण को मंजूरी दी जा चुकी है।

उद्योग मंत्री ने कहा कि इस विश्व स्तरीय औद्योगिक क्षेत्र में पेपर, कैमीकल, गलास और क्रैमिक आधारित नई औद्योगिक इकाइयों के अतिरिक्त मैकेनिकल एवं संबंधित उत्पाद, सेवा स्थापन, अभियांत्रिकी, स्टील फर्नीचर, फार्मा, स्टील वायर, बुडन फर्नीचर इत्यादि जैसी औद्योगिक इकाइयां होंगी। इस औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां 132 के.वी. विद्युत उप केन्द्र, सांझा सुविधा केन्द्र, कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधाओं के अतिरिक्त महिला होस्टल और कामगारों के लिए वर्षा शालिकाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। यह परियोजना ऊना जिले और विशेषकर हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

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