सुशांत ने उठाई प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग 

सुशांत ने उठाई प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग 

शिमला: पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि उम्र भर सरकार की सेवा में समर्पित कर्मचारियों को तो आर्थिक लाभ देते समय तंगी आती है, लेकिन विधायकों को वेतन भत्ते देने के लिए सरकार को तकलीफ क्यों नहीं होती है। डॉ. सुशांत ने कहा कि मंत्री-विधायक जबकि कर्मचारियों के मुकाबले 75 गुना ज्यादा वेतन भत्ते और पेंशन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से भागने के लिए ही आर्थिक तंगी का बहाना बना रही है। डॉ.सुशांत ने कहा कि जब तक प्रदेश की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरती तब तक विधायकों-मंत्रियों की भी पेंशन बंद कर देनी चाहिए। डॉ. राजन सुशांत ने कहा है कि वह खुद भी नैतिकता के तहत इन कर्मचारियों के समर्थन में पेंशन नहीं लेंगे।

वीरवार को शिमला स्थित अपने निवास पर प्रेस वार्ता में सुशांत ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से नई पेंशन में शामिल कर्मचारी हजार से ढाई हजार की पेंशन लेकर सेवानिवृत्त होने को मजबूर हैं। केंद्र ने किसी भी राज्य सरकार को पुरानी पेंशन बंद करने को नहीं कहा है। यह फैसला राज्यों पर छोड़ा है।

पूर्व बीजेपी नेता ने कहा है कि सरकार ने एनपीएस कर्मचारियों की पेंशन बहाली की बात नही मानी तो बड़े स्तर पर प्रदेश व्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा। डॉ. राजन सुशांत ने सीएम जयराम ठाकुर से कहा है कि अगर वह पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली नहीं कर पाते हैं तो उन्हें राजभवन जाकर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि सरकार कर्मचारियों को तबादलों से डराने का प्रयास ना करें। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेश में तीसरा मोर्चा खड़ा करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि साफ छवि वाले नेताओं को साथ लेकर नवरात्रों में नए क्षेत्रीय दाल का गठन कर दिया जाएगा।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *