रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और समय, रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का संयोग : आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और समय, रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का संयोग : आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त : रक्षा बंधन में कौन सा महूर्त ठीक रहेगा और भद्रा राहु काल में  नहीं बांधे राखी : कालयोगी आचार्य महिंद्र शर्मा
दो अगस्त रात से तीन अगस्त सुबह 8.21 बजे तक भद्रा काल रहेगा। इस समय राखी बांधना शुभ नहीं है। रक्षा बंधन के लिए सुबह 10.21 से रात 8.20 तक बहनें राखी बांध सकतीं हैं
। राहु काल सुबह 07:30 से 10 बजे तक रहता है। इस कारण से 10 बजे के बाद जब शुभ चौघड़िया मिल जाए तब रक्षा बंधन का कार्य करना अति उत्तम होगा। हो सके तो दोपहर 2 से शाम 7 बजे के बीच लगातार चर लाभ और अमृत के तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त होंगे। इसलिए दोपहर 2 से शाम 7 बजे के बीच का पूरा समय भी राखी बांधने के लिए शुभ होगा। बहन अपने भाई को कुछ मीठा खिलाकर ही राखी बांधे। राखी में लाल मोली या डोरी ही शुभ रहती है बहन को भाई चांदी का सिक्का या वस्त्र भी दे सकते हैं। कहा जाता है कि बली कि रक्षा के लिए लक्ष्मी ने रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधा तब से यह परंपरा है

राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होनी चाहिए। कहते हैं कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया।

आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

राखी बांधने की पूजा विधि : रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को इस तरह राखी बांधें। सबसे पहले राखी की थाली सजाएं। इस थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी रखें। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें। फिर भाई को मिठाई खिलाएं। अगर भाई आपसे बड़ा है तो चरण स्‍पर्श कर उसका आशीर्वाद लें।अगर बहन बड़ी हो तो भाई को चरण स्‍पर्श करना चाहिए। राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्‍छा और सामर्थ्‍य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए। ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं।

रक्षाबंधन का त्योहार 3 अगस्त को है। खास बात ये है कि इस दिन सावन का आखिरी सोमवार भी है। इसके साथ ही 3 अगस्त को सावन की पूर्णिमा भी है। इस बार रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का संयोग भी बन रहा है जिसकी वजह से इस बार का रक्षाबंधन बहुत शुभ रहने वाला है।

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