कोरोना में भी सियासत कर रही जयराम सरकार : अभिषेक                

घोटालों की सरकार ने साढ़े 13 करोड़ के सीएम रिलीफ केयर फंड कहां किये खर्च : अभिषेक

  • कहा : लोगों की खून-पसीने की मदद के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में होते रहे घोटाले, घपलेबाज लोगों को खुद ही देती रही क्लीन चिट

unnamed-2 शिमला: वर्तमान जयराम सरकार की नाक तले स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले के बाद करोड़ों रुपए के सी.एम. रिलीफ केयर फंड पर प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा ने सवाल उठाते हुए सवाल किया है कि आखिर सरकार ने रिलीफ केयर फंड में आई धनराशि को कहां खर्च किया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया केा जानकारी मिली है कि प्रदेश की जनता व स्वयं सेवी संस्थाओं ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए 15 मार्च, 2020 से लेकर 22 मई, 2020 तक मुख्यमंत्री रिलीफ केयर फंड में 13 करोड़ 37 लाख 61 हजार 222 रुपए की अपने खून पसीने की राशि दान की जबकि सरकार इतनी बेफिक्र रही कि कोरोना महामारी में गरीब व पात्र लोगों को सहायता देने, कोरोना से बचाव के बारे में सोचने की बजाय उसकी अफसरशाही स्वास्थ्य विभाग में एक से बढक़र एक घोटाले करने में मग्र रही जिससे जनता का विश्वास सरकार के ऊपर से उठ चुका है। सरकार ने इस कोरोना संकट काल में भी घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय स्वयं ही इंक्वायरी बिठाई और खुद ही क्लीन चिट देने में लगी रही।unnamed-1

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार के भीतर इतना दोगुलापन है कि एक ओर कहती फिरती है कि देश व प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तथा केंद्र से करोड़ों-अरबों रुपए की मदद मिल रही है जबकि कभी कहते हैं कि प्रदेश सरकार के पास पैसा नहीं है। आखिर केंद्र से मिल रही राहत किसकी जेब में जा रही है और जनता द्वारा दान की गई राशि किस आपदा पर खर्च हो रही है। जनता अब इन सवालों का जबाव जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले ही देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा था तथा कोरोना संकट काल में हालात और ज्यादा बिगड़ चुके हैं। लाखों युवा बेरोजगार होकर घर पर बैठे हुए हैं। गरीब व मध्यम वर्ग संकट के उस दौर से गुजर रहा है जिसमें अब सरकार को उन्हें सहारा देने के लिए योजनाएं तैयार करनी चाहिए लेकिन सरकार अपने ही अच्छे दिनों के प्लान बनाने में मस्त है।

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