पांवटा : कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद परिवार वालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपल देने के लिए बुलाया जा रहा है पैदल

  • पांवटा साहिब : स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, पांवटा साहिब के व्यक्ति के चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सूरजपुर में रह रहे उसके परिवार वालो को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपल देने के लिए बुलाया जा रहा है पैदल, मीडिया के हस्तक्षेप के बाद विभाग एम्बुलेंस मौके पर भेजने को हुआ राजी , खबर लिखे जाने तक नहीं पहुंची एम्बुलेंस

डॉ. प्रखर गुप्ता /पांवटा साहिब: पांवटा साहिब के सूरजपुर क्षेत्र का एक व्यक्ति बीते कल चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह व्यक्ति अपने इलाज़ के लिए गत 6 जुलाई को चंडीगढ़ गया था, जहां उसका कोरोना का टेस्ट किया गया जिसमें बीते कल वह व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। मौके पर उसके परिवारजन ने बताया जो व्यक्ति पॉजिटिव आया है वह बीमारी के कारण कोई कार्य नहीं कर रहा था जबकि उसकी पत्नी व बच्चे निजी कंपनियों में कार्यरत हैं।

कोरोना पॉजिटिव आये व्यक्ति के परिवार जन का सैंपल लेने हेतु स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी अनुसार पॉजिटिव आये व्यक्ति के परिवार जन को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपल देने के लिए स्वयं अस्पताल आने को कहा गया जबकि स्वास्थ्य विभाग की एसओपी के अनुसार पॉजिटिव आये व्यक्ति के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन में रखना अनिवार्य है।

इस मामले में जब हमें सूचना मिली तो हम मौके पर पहुंचे जहां पर आशा वर्कर मंजू देवी एवं पंचायत प्रधान दाताराम मौजूद थे। मौके पर हमें  जानकारी मिली कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पॉजिटिव आये व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पैदल ही सैंपल देने हेतु अस्पताल बुलाया जा रहा है और उन्हें कोई भी एम्बुलेंस/वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने स्वस्थ्य विभाग की इस लापरवाही का विरोध किया। लोगों ने कहा की पैदल जाने से ना जाने ये लोग कितने लोगों के संपर्क में आयेंगे क्योंकि कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आने तक अभी यह लोग संदेह की स्थिति में है। वहीँ उन्होंने बताया की जिस घर में यह व्यक्ति रह रहा है उस घर में कई और किरायेदार भी रहते है।

इसके बाद जब हमने मौके पर मौजूद आशा वर्कर मंजू देवी से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें उनकी सुपरवाइजर ने आदेश दिए हैं कि पॉजिटिव आये व्यक्ति के परिवार वालों को पैदल अस्पताल लाया जाए। वहीँ आशा वर्कर ने यह भी बताया की एसओपी के अनुसार सैंपल लेने के लिए एम्बुलेंस आनी चाहिए।

 वहीँ जब इस बाबत जब हमने सी एम.ओ. डॉ. के. के. पराशर को फ़ोन किया तो कई फ़ोन करने के बावजूद उन्होंने फ़ोन नही उठाया। इसके बाद हमने एसडीएम पांवटा एल.आर, वर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि हमारे माध्यम से उनके संज्ञान में ये मामला आया है वे शीघ्र ही इसकी जांच कराएंगे।

वहीँ बी.एम.ओ राजपुर डॉ. अजय देओल से बात हुई तो उन्होंने बताया की वे बाहर हैं और जल्द ही मौके पर वे सैंपल वैन भेज रहे हैं। परन्तु लगभग दो से तीन घंटे बीत जाने के बाद भी मौके पर एंबुलेंस या सैंपल वैन नहीं पहुंची। मौके पर पंचायत प्रधान सहित आशावर्कर एवं मीडियाकर्मी गर्मी में इंतज़ार करते रहे। खबर लिखे जाने तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची थी।

अब सवाल उठता है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा की जा रही लापरवाहियों से हम कोरोना से कैसे जंग जीत पाएंगे? वहीँ मीडिया के हस्तक्षेप के बाद ही पांवटा प्रशासन क्यों जाग रहा है?

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