प्रदेश में आज सुबह आये नए 27 कोरोना पॉजिटिव, शिमला के 22 मामले

कोरोना संक्रमण से ठीक होने में हिमाचल प्रदेश अव्वल, स्वस्थ होने की दर 62 फीसदी

 

  • हिमाचल में 405 लोग हुए स्वस्थ
कोरोना वायरस के संकट के दौरान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश ने पड़ोसी राज्यों और देश के कई बड़े राज्यों की तुलना में इस महामारी को नियंत्रित करने के सफल प्रयास किए। लाॅकडाउन के दौरान राहत कार्यों के बीच कोरोना संक्रमित मामलों की रिकवरी में भी हिमाचल ने पूरे देश में स्वयं को अव्वल साबित किया है।
शनिवार शाम तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 656 मामले आए, जिनमें से 405 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उपचार की यह दर 62 प्रतिशत है और बेहतर उपचार दर वाले अन्य प्रदेशों के बराबर है। प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से छः लोगों की मृत्यु हुई है। यह सभी लोग देश के अन्य भागों से वापिस आए थे और गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे।
हिमाचल में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला 19 मार्च को सामने आया था। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन से 4 मई को प्रदेश कोरोना मुक्त होने वाला था। इसी बीच राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए मानवीय दृष्टिकोण और प्रभावी निर्णय के परिणामस्वरूप लगभग दो लाख हिमाचलवासियों को दूसरे राज्यों से वापिस लाया गया। दूसरे राज्यों से वापिस आए व्यक्तियों के बाद ही कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई।
क्वारन्टीन मानदण्डों के अनुसार ही दूसरे राज्यों से वापिस आए व्यक्तियों को उनके घर भेजा जा रहा है। अप्रवासी हिमाचलवासियों और अप्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में 14 दिन का क्वारन्टीन अवधि का कड़ाई से पालन करवाया जा रहा है। इससे कोरोना के संभावित सामुदायिक फैलाव को रोकने में मदद मिल रही है।  
प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के परिजनों को सामाजिक दूरी के बारे में शिक्षित करने के लिए ‘निगाह’ कार्यक्रम आरम्भ किया। इसके तहत राज्य में वापिस आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समुचित स्वास्थ्य जांच की गई। उसकी यात्रा का पूरा विवरण भी लिया गया। आशा, स्वास्थ्य और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बाहरी राज्यों से वापिस लौटे हिमाचलवासियों के घर जाकर उनके परिजनों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के महत्व के बारे में शिक्षित किया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2020 से एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान आरम्भ किया। 16 हजार से अधिक स्वास्थ्य तथा आशा कार्यकर्ता घर-घर गए। राज्य में इन्फलुएंजा लक्षणों वाले व्यक्तियों के संबंध में जानकारी हासिल की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अभियान की सराहना की और देश के कुछ राज्यों ने इसे अपनाया भी।
मज़बूत इरादों और दृढ़ संकल्प शक्ति से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य सरकार कोरोना संकट से हिमाचल को उबारने में निरंतर प्रयत्नशील है। यहां जीवन पटरी पर लौटने लगा है।
 

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