पंचतत्व में विलीन हुए शहीद अंकुश, 13 साल के छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद अंकुश, 13 साल के छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

हमीरपुर: लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए हमीरपुर के जवान अंकुश ठाकुर का आज अंतिम संस्कार किया गया। 13 साल के छोटे भाई ने पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। शुक्रवार को विशेष विमान से शहीद का पार्थिव शरीर चंडीगढ लाया गया, वहां से सड़क मार्ग से कडोहता गांव लाया गया। पार्थिव शरीर को शहीद के पैतृक आवास पर परिजनों और गांव के लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद अंकुश ठाकुर अमर रहे के नारे लगाए। उल्लेखनीय है कि शहीद के पार्थिव शरीर आने की सूचना पर क्षेत्रीय लोगों का गांव में जमावड़ा लग गया। पूरे गांव में चीन मुर्दाबाद और अंकुश ठाकुर अमर रहे के नारे गूँज उठे।
मंदिरों में 10 वर्ष तक मन्नतें मांगने के बाद माता-पिता को अंकुश के रूप में पहली संतान की प्राप्ति हुई थी। माता-पिता ने बड़े प्यार से बेटे की परवरिश की। 20 वर्ष की उम्र में ही सेना में भर्ती हो गया।

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