मुख्यमंत्री ने शहीद अंकुश की शहादत पर जताया शोक

मुख्यमंत्री ने शहीद अंकुश की शहादत पर जताया शोक

हिमाचल:  भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप गलवां में दोनों देशों की सेना के बीच हुई झड़प में शहीद हुए देश के 20 जवानों में हिमाचल का वीर सपूत भी शामिल है। हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल के कडोहता के अंकुश ठाकुर (21) की शहादत से प्रदेश में शोक की लहर है। शहीद अंकुश वर्ष 2018-19 में भारतीय सेना की 3 पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
आर्मी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह सात माह पूर्व ही रंगरूटी छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी काटने के बाद वह लद्दाख के सियाचिन में तैनात थे। सोमवार को चीनी सैनिकों ने जब एलएसी के पास गलवां में भारतीय जवानों पर हमला किया, उस दौरान अंकुश भी भारतीय सेना की उसी पलाटून में शामिल थे। इस हिंसक झड़प में भारत के कर्नल रैंक के अफसर समेत बीस जवान शहीद हुए हैं। बुधवार सुबह सेना मुख्यालय से अंकुश ठाकुर की शहादत की सूचना उनके पिता को दी गई।
अंकुश की शहादत की सूचना मिलने पर पूरा प्रदेश शोक में डूब गया। अकुंश के पिता अनिल कुमार जहां बेटे की शहादत पर गम में डूबे हैं, वहीं उन्हें बेटे के बलिदान पर गर्व भी है। अंकुश के पिता अनिल कुमार और दादा सीता राम भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। अनिल कुमार हवलदार, जबकि दादा सीता राम ऑनरेरी कैप्टन रैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं।

वहीं मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 15-16 जून की रात को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई झड़प में शहीद हुए पंजाब रेजीमेंट के सिपाही अंकुश ठाकुर की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शहीद अंकुश हमीरपुर जिला की तहसील भोरंज के करोहता गांव से संबंध रखते है।

मुख्यमंत्री ने परम पिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

इलेक्ट्रानिक मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिला को सभी एहतियाती उपाय करने व सजग रहने के लिए पहले ही चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सेना के अधिकारियों से हर प्रकार की जानकारी सांझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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