मिनी सचिवालय से चंद कदमों की दूरी पर ढाबा संचालकों द्वारा खुलेआम उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां

  • पसरा हुआ है गन्दगी का आलम, पांवटा प्रशासन गहरी नींद में

डॉ.प्रखर गुप्ता /पांवटा: आज हमारी टीम द्वारा पांवटा साहिब में स्थित ढाबों का औचक निरीक्षण किया गया।रियलिटी चेक में हमने पाया कि जहां एक ओर कोरोना महामारी को लेकर प्रशासन बड़े बड़े दावे कर रहा है वहीँ धरातल पर इसका असर न के बराबर देखने को मिल रहा है,ऐसा इसलिए हम कह रहे है क्यूंकि पांवटा साहिब में ढाबा संचालक प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों की खुलेआम धज्जिया उड़ा रहे है।  वहीँ लोगो की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। 
रियलिटी चेक में हमने पाया कि ढाबों के बाहर नालियों में जहां हजारों की तादाद में मच्छर दिखाई दे रहे हैं वहीँ ढाबों के अन्दर हजारों की तादाद में मक्खियाँ भी नज़र आ रही हैं, वहीँ ढाबा संचालक प्रशाशन की गाइडलाइन्स को भी नजरअंदाज़ करते हुए बिना किसी प्रशिक्षण के ढाबे को चला रहे हैं। 

 गौर हो की प्रशासन ने अभी तक ढाबों में केवल खाने को पैक करके देने की ही अनुमति दी हुई है परन्तु ढाबा संचालक इस नियम को भी दरकिनार कर रहे हैं और लोगों को ढाबे के अन्दर बैठाकर खाना खिला रहे हैं।  वही प्रशासन द्वारा जारी आदेशों में बताया गया है कि ढाबों पर साफ़ सफाई एवं सैनीटाईजेशन का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है परन्तु धरातल पर इस नियम का भी खुलेआम उल्लंघन होता नजर आया।  ढाबों में न तो कोई सैनीटाईजेशन हो रहा है और न ही किसी प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं उन्होंने दिखावे के लिए नाम मात्र की 50 एम एल की सैनीटाईजर की शीशी ढाबे पर रखी हुई है।  
इन ढाबा संचालकों की मनमानी के आगे पांवटा प्रशासन भी बौना साबित हो रहा है, हैरानी की बात यह है कि पांवटा प्रशासन को यही नहीं मालूम कि ढाबों की निगरानी किसके अंतर्गत आती है जब हमने इस बाबत एस डी एम पांवटा एल आर वर्मा से बात की तो उन्होंने कहा की ढाबे खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आते हैं और उन्ही के अधिकारी इसके बारे में जानकारी दे सकते है।  वही जब हमने जिला सिरमौर के खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी आदित्य बिंद्रा से बात करी तो उन्होंने बताया की ढाबे हमारे अंतर्गत नही आते हैं और स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आते है।   जब हमने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बी एम ओ राजपुरा डॉ, अजय देओल से फ़ोन पर बात की तो उन्होंने बताया की अभी वे बाहर है परन्तु उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि  बिना प्रशिक्षण के कोई भी ढाबा संचालक ढाबे के अन्दर बैठाकर खाना नहीं खिला सकते हैं। 
आखिर में इन ढाबा मालिको द्वारा जनता के स्वास्थय के साथ हो रहे खिलवाड़ और विभागों की टालमटोल को देखते हुए जब हमने उपायुक्त सिरमौर डॉ. आर के परूथी से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में हमारे चैनल के माध्यम से ये मामला सामने आया है और वे तुरंत ही इस मामले में कार्यवाही करेंगे।   उन्होंने यह भी बताया की अभी जिला सिरमौर में ढाबा संचालक केवल खाना पैक करके दे सकते हैं परन्तु बैठाकर नहीं खिला सकते।  उन्होंने यह भी बताया कि सभी ढाबा संचालकों शिक्षण लेना भी अनिवार्य है।  
पांवटा में विभागों की टालमटोल कहीं जनता के स्वास्थय पर भारी ना पड़ जाए।  अब सवाल यह उठता है कि जहाँ एक ओर जिला सिरमौर प्रशासन द्वारा लोगों को साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखने हेतु जागरूक किया जा रहा है वहीँ पांवटा प्रशासन की नाक के नीचे ये ढाबा संचालक साफ़ सफाई का ध्यान नहीं रख रहे हैं और खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।   
अब देखना होगा की पांवटा प्रशासन गहरी नींद से उठकर इनके खिलाफ कब कार्यवाही करेगा ?

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