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एसजेवीएन राज्‍य पर्यावरण लीडरशिप अवार्ड 2019-20 के प्रथम पुरस्‍कार से सम्‍मानित, मुख्यमंत्री ने किया एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा को पुरस्कृत

  • मुख्यमंत्री ने एसजेवीएन के कार्यों की सराहना
  • अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने 50 हजार रुपए की प्राप्‍त पुरस्‍कार राशि को  योगदान स्‍वरूप हिमाचल प्रदेश मुख्‍यमंत्री राहत कोष में दिया
  •  एसजेवीएन की निदेशक (कार्मिक) गीता कपूर व एसजेवीएन और हिमाचल प्रदेश सरकार के कई वरिष्‍ठ अधिकारी भी रहे इस मौके पर मौजूद

शिमला: एसजेवीएन के कारपोरेट मुख्‍यालय परिसर ”शक्ति सदन” शनान, शिमला को कार्यालय परिसरों की श्रेणी में राज्‍य पर्यावरण लीडरशिप अवार्ड 2019-20 में प्रथम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है।  हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा को शिमला में आज आयोजित एक समारोह में पुरस्‍कार प्रदान किया।  पुरस्‍कार वितरण समारोह के दौरान

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शिक्षा, विधि एवं संसदीय मामलों के मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्‍य सचिव, अनिल खाची, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रजनीश एसजेवीएन की निदेशक (कार्मिक) गीता कपूर तथा एसजेवीएन और हिमाचल प्रदेश सरकार के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने कहा कि 50,000/- रुपए की प्राप्‍त की गई पुरस्‍कार राशि को हिमाचल प्रदेश मुख्‍यमंत्री राहत कोष में योगदान स्‍वरूप दिया जा रहा है ।

s-awardशर्मा ने मुख्‍यमंत्री को अवगत कराया कि एसजेवीएन के कार्यालय भवन को ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा के साथ डिजाईन किया गया है।  500 से अधिक कर्मचारियों के लिए अनुकूल 15200 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र के साथ भवन में कई अप्रतिम विशेषताएं हैं जिनमें ऊर्जा की जरूरत के लिए 100 किलोवाट सौर ऊर्जा प्रणाली तथा 40 किलोवाट सौर जल ताप प्रणाली है।  भवन में 90,000 लीटर अपशिष्‍ट जल को शोधित करने की क्षमता वाला एक सीवरेज उपचार संयंत्र स्‍थापित किया गया है।  कार्यालय परिसर में 250 किलोग्राम प्रतिदिन की क्षमता के साथ ठोस जैविक अपशिष्‍ट प्रबंधन के लिए कंपोस्टिंग मशीन तथा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली भी है जो 50,000 लीटर वर्षा जल का भण्‍डारण कर सकती है।

शर्मा ने बताया कि सीवरेज उपचार संयंत्र से प्राप्‍त पानी का शौचालय प्रक्षालन तथा बागवानी के लिए पुनरुपयोग किया जाता है।  कार्यालय परिसर तथा इसके आसपास लगभग 4000 पौधे लगाए गए हैं तथा 7780 वर्ग फुट के एक क्षेत्र को ग्रीन बेल्‍ट के रूप में विकसित किया गया है।  कंपोस्टिंग मशीन से उत्‍पन्‍न जैविक अपशिष्‍ट का उपयोग पौधों के लिए खाद हेतु किया जा रहा है।

शर्मा ने यह भी बताया कि एसजेवीएन ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का भी गौरव प्राप्‍त किया है तथा हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड तथा उत्‍तर प्रदेश में 6000 एलईडी सोलर स्‍ट्रीट लाईटों, हाई मास्‍ट लाईटों की स्‍थापना के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसिस लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित किए है।  उन्‍होंने आगे बताया कि एसजेवीएन के पर्यावरणीय निष्‍पादन को बढ़ाने के लिए एसजेवीएन की सभी प्रचालनाधीन परियोजनओं में पर्यावरणीय प्रबंधन प्रणाली आईएसओ 14001 को कार्यान्वित किया जा रहा है।

भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के एक संयुक्‍त उपक्रम, एसजेवीएन के पास 7489.2 मेगावाट का पोर्टफोलियो है जिसमें से 2015.2 मेगावाट प्रचालनाधीन है तथा शेष निर्माण के विभिन्‍न चरणों में है।  कंपनी ने विद्युत उत्‍पादन तथा ट्रांसमिशन के अन्‍य क्षेत्रों में भी विविधिकरण किया है।  कंपनी सन 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 12000 मेगावाट तथा 2040 तक 25000 मेगावाट की स्‍थापित क्षमता के लक्ष्‍य के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

वहीं मुख्यमंत्री ने एसजेवीएन के कार्यों की सराहना की।

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