जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते : राकेश पठानिया

जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते : राकेश पठानिया

  • नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने विक्रमादित्य सिंह के  बयान को बताया हास्यास्पद 
  • मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विरूद्ध इस तरह की बयानबाजी विक्रमादित्य सिंह को शोभा नहीं देती 
  • राकेश पठानिया बोले : कांग्रेस पार्टी बताए उन्होंने कोविड महामारी के इस दौर में प्रदेशवासियों के लिए क्या किया ? 
शिमला : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने नैतिकता के आधार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इस्तीफे की मांग की है। राकेश पठानिया ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को नैतिकता का बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनका पूरा परिवार ही जमानत पर है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फैंकने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नैतिकता पर चलने वाली पार्टी है तथा  प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि भाजपा के लिए नैतिकता के ऊपर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जबकि वास्तविकता यह है कि डाॅ. बिंदल पर किसी भी प्रकार का इस बारे में कोई भी आरोप नहीं है।
राकेश पठानिया ने विधायक विक्रमादित्य सिंह को सलाह दी कि उन्हें इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से गुरेज करना चाहिए क्योंकि वे अभी राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व हैं और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विरूद्ध इस तरह की बयानबाजी उन्हें शोभा नहीं देती।
राकेश पठानिया ने  विक्रमादित्य सिंह को याद दिलाया कि उस वक्त उनकी नैतिकता कहां थी, जब उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास पर मुख्यमंत्री रहते हुए ई.डी. व सी.बी.आई. का छापा पड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नैतिकता उस समय कहां थी, जब कांग्रेस के मुख्यमंत्री का अधिकतर समय सी.बी.आई. की अदालतों में गुजरता था।
पठानिया ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को उस समय नैतिकता की याद क्यों नही आई, जब उनके परिवार द्वारा सेब की ढुलाई के लिए कथित तौर पर स्कूटर व टैंकरों के नम्बर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कांग्रेस के कार्यकाल में ही काॅपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें चेहतों को रेवड़ियों की तरह नौकरियां बांटी गई थीं। क्या उस समय विक्रमादित्य सिंह व उनके परिवार को नैतिकता का ध्यान नहीं रहा?  
राकेश पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री  जय राम ठाकुर एक स्वच्छ छवि व ईमानदार नेता हैं और जैसे ही सोशल मीडिया में कथित तौर पर लेन-देन की आडियो कैसेट आई तुरन्त कार्रवाई करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को बर्खास्त कर दिया और उनके विरूद्ध जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी तथा दोषियों के विरूद्ध सख्ती कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कांगेस पार्टी की सरकार का विगत पांच वर्ष का कार्यकाल कोर्ट कचहरी में ही व्यतीत हुआ था तथा उनका प्रदेश के विकास तथा लोगों के कल्याण के बारे में कोई ध्यान नहीं था। उन्होंने केवल अपने बचाव में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए।
राकेश पठानिया ने कहा कि कोविड महामारी के इस दौर में भी कांग्रेस नेता को इस तरह की ओच्छी राजनीति सूझ रही है, जबकि प्रदेश सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी इस अवधि के दौरान प्रदेशवासियों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए अनेक सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस अवधि में जरूरतमंदों को ‘मोदी खाद्य किटें’ बांटी और लाखों लोगों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए कि उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए इस दौरान क्या किया है?

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